Prateek Yadav की मौत का कारण: प्रतीक यादव की मृत्यु के बाद कारणों को लेकर लगातार बहस होती रहती है। बहुत से दावे किए जा रहे हैं। दोस्त की प्रतिक्रिया भी सामने आई है।
लखनऊ: उत्तर प्रदेश के प्रमुख राजनीतिक परिवार मुलायम सिंह यादव की मौत के बाद कारणों को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। प्रतीक यादव को अस्पताल में देखने पहुंचे समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने उनके स्वास्थ्य पर चर्चा की। साथ ही उन्होंने कारोबारी नुकसान का उल्लेख किया। वहीं, प्रतीक यादव के फेफड़ों की बीमारी भी सामने आई। प्रतीक यादव भी बीमार थे। इस बीच, हर कोई अचानक निधन से हैरान था। प्रतीक के सहयोगी अंकित साहू ने इस मामले में बड़ा बयान दिया है। इसमें उन्होंने दावा किया है कि प्रतीक नीला हो गया है और उसके शरीर पर चोट के निशान हैं।

अंकित साहू ने क्या स्पष्टीकरण मे क्या कहा गया जानें
प्रतीक यादव के बॉडी पर चोट के निशान होने का दावा अंकित साहू ने किया है। मीडिया ने अंकित के हवाले से कहा कि ऐसा लग रहा था कि उनका शरीर नीला हो गया था। अंकित साहू ने दिए गए बयान ने चर्चा पैदा कर दी है। अंकित कहता है कि प्रतीक यादव वजन नहीं उठा पाते अगर उनके फेफड़ों में समस्या होती है। उन्होंने दावा किया कि प्रतीक जिम में 100 किलोग्राम तक वजन उठाते थे। प्रतीक की मौत पर उच्चस्तरीय जांच की मांग की गई है।
साथ ही सुमित का अगला दावा किया गया
प्रतीक यादव के निधन की खबर मिलते ही उनके दोस्त सुमित ने भी उनकी जानकारी ली। प्रतीक यादव को कोई गंभीर बीमारी नहीं थी, जैसा कि सुमित ने मीडिया से कहा। सुमित ने स्पष्ट रूप से कहा कि अगर उन्हें कोई गंभीर बीमारी होती तो हम लोगों को पता चलता। हम दोनों एक-दूसरे के साथ जिम जाते थे।
मौत का विवाद गहरा गया है
मित्रों ने प्रतीक यादव की मौत को लेकर दिए गए बयान ने बहस बढ़ा दी है। बॉडी के नीले पड़ने और चोट के निशानों की चर्चा होने लगी है। प्रतीक का निधन हुआ कैसे? पोस्टमार्टम रिपोर्ट ही इसकी जानकारी दे सकती है। हालाँकि, दोस्तों ने जो दावे किए हैं, उनसे साजिश का पक्ष भी स्पष्ट होता है। इसलिए मुद्दा लगातार गहराता जा रहा है। ने प्रतीक यादव की मौत को लेकर दिए गए बयान ने बहस बढ़ा दी है। बॉडी के नीले पड़ने और चोट के निशानों की चर्चा होने लगी है। प्रतीक का निधन हुआ कैसे? पोस्टमार्टम रिपोर्ट ही इसकी जानकारी दे सकती है। हालाँकि, दोस्तों ने जो दावे किए हैं, उनसे साजिश का पक्ष भी स्पष्ट होता है। इसलिए मुद्दा लगातार गहराता जा रहा है।