तेल और गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने मिडिल ईस्ट युद्ध के दौरान देश में तेल और गैस की कमी की अफवाहों को खारिज कर दिया है। सरकार ने कहा कि फिलहाल लॉकडाउन की कोई स्थिति नहीं है और पर्याप्त स्टॉक मौजूद है।
भारत सरकार ने मिडिल ईस्ट (पश्चिम एशिया) में जारी युद्ध और दुनिया भर में बढ़ती अस्थिरता के बीच देशवासियों को बहुत राहत दी गई है। राष्ट्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने स्पष्ट रूप से कहा कि देश में डीजल, पेट्रोल और रसोई गैस की कोई कमी नहीं होगी। लॉकडाउन और ईंधन संकट से जुड़ी अफवाहों को भी उन्होंने पूरी तरह से गलत बताया। उनका कहना था कि फिलहाल कोई लॉकडाउन नहीं है और देश में पर्याप्त स्टॉक है।

लॉकडाउन की अफवाहों पर सरकार का प्रतिक्रिया
हाल ही में सोशल मीडिया पर यह चर्चा तेज हो गई कि भारत में फिर से लॉकडाउन लग सकता है क्योंकि मध्य ईस्ट में युद्ध बढ़ रहा है। इस पर हरदीप पुरी ने कहा कि ऐसी खबरों पर भरोसा नहीं करना चाहिए। उनका कहना था कि देश की स्थिति नियंत्रण में है और सरकार लगातार स्थिति को देख रही है। मंत्री ने स्पष्ट रूप से कहा कि कल कोई लॉकडाउन नहीं होगा।’
देश में पर्याप्त गैस और तेल भंडार हैं
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भारत का ऊर्जा भंडार फिलहाल पर्याप्त है। उनका दावा था कि देश में कच्चे तेल का स्टॉक करीब 60 दिनों का है। इसके अलावा, प्राकृतिक गैस (LNG) का लगभग 60 दिनों का बैकअप भी है। रसोई गैस (LPG) का स्टॉक लगभग 45 दिनों के लिए सुरक्षित है।
हरदीप पुरी ने कहा कि इंटरनेशनल एनर्जी एजेंसी के मानकों के अनुसार किसी भी देश के पास 90 दिनों का ऊर्जा भंडार होना चाहिए। भारत के पास अभी 76 दिनों का भंडार है और इसे भविष्य में और बढ़ाने की योजना है।
LPG सप्लाई को बढ़ाने के लिए किए गए उपाय
मंत्री हरदीप पुरी ने कहा कि हॉर्मुज जलडमरूमध्य से भारत की करीब 60 प्रतिशत रसोई गैस आती थी, युद्ध शुरू होने से पहले। युद्ध से सप्लाई प्रभावित होने का खतरा था, इसलिए भारत ने पूर्व में तैयारी की। उनका कहना था कि देश की LPG उत्पादन क्षमता 36 हजार मीट्रिक टन से 54 हजार मीट्रिक टन हो गई है। इसका उद्देश्य सुनिश्चित करना है कि देश में किसी भी स्थान पर गैस की कमी नहीं होगी।
चार साल से पेट्रोल की कीमत नहीं बढ़ी
हरदीप पुरी ने कहा कि सरकार भी आम आदमी की जेब देख रही है। उसने कहा कि पिछले चार वर्षों में पेट्रोल की लागत में कोई महत्वपूर्ण वृद्धि नहीं हुई है। चुनावों के बाद कई बार तेल की कीमतें बढ़ने की आशंका जताई गई, लेकिन सरकार ने दामों को स्थिर रखने का प्रयास किया। मंत्री ने कहा कि तेल कंपनियों को लगभग 1.98 लाख करोड़ रुपये का नुकसान हुआ, लेकिन इससे जनता पर कोई अतिरिक्त बोझ नहीं पड़ा।
जीवनशैली बदलने की आवश्यकता पर बल
प्रधानमंत्री ने कहा कि लोगों को अपनी आदतों में कुछ बदलाव करने की जरूरत हो सकती है अगर युद्ध जारी रहता है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में ऊर्जा बचाना और आवश्यकतानुसार ईंधन का इस्तेमाल करना महत्वपूर्ण होगा। उन्हें यह भी बताया कि वैश्विक चुनौतियों के बावजूद भारत आज दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा रिफाइनर और चौथा सबसे बड़ा निर्यातक है।