इस समय, जनगणना के प्रकार पर बहस जारी है। इसमें सबसे अधिक चर्चा होती है कि अगर किसी व्यक्ति की दो पत्नियां हैं तो उसे दो परिवार कहा जाएगा। वहीं चार दोस्तों का परिवार भी बन सकता है।
कानपूर: इन दिनों, देश में होने वाली आगामी जनगणना के लिए बनाए गए कुछ नए प्रावधान चर्चा में हैं। 34 प्रश्नों वाले इस फार्म में परिवार की संरचना, मुखिया, रहने की व्यवस्था और घरेलू सदस्यों के बारे में बहुत कुछ नया बताया गया है। खास बात यह है कि इसमें परिवार की गणना से जुड़े कुछ नियम भी हैरान कर रहे हैं।

यदि किसी आदमी की दो पत्नियां हैं और दोनों अलग-अलग परिवार का हिस्सा हैं, तो उन्हें एक अलग परिवार का हिस्सा माना जाएगा, जैसा कि जनगणना प्रणाली कहती है। ऐसे व्यक्ति की दो परिवार होंगे, यानी। वहीं, दो पति होने वाली महिला को एक ही परिवार में गिना जाएगा।
फॉर्म ने परिवार के मुखिया को भी पारंपरिक विचार से अलग ढंग से व्यवस्थित किया है। अब घर का सबसे बुजुर्ग व्यक्ति मुखिया नहीं होगा। जिस व्यक्ति को परिवार का मुखिया चुना जाएगा, उसका नाम दर्ज किया जाएगा। ऐसे में परिवार की मुखिया पत्नी, बहू, बेटी या दादी भी हो सकती है। इसे महिलाओं की भागीदारी और परिवार की वास्तविक संरचना को समझने में बड़ा बदलाव माना जा रहा है।
स्पष्ट मार्गदर्शन दिया गया
जनगणना में शामिल होने के लिए भी स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए गए हैं। यदि कोई दुकान में सोता हुआ पाया जाता है, तो वह स्थान घर या रहने का कमरा नहीं होगा। इसी तरह छज्जे, गैलरी और बरामदा भी कमरे की श्रेणी में नहीं होंगे। इसका लक्ष्य है कि देश में कितने परिवारों को पर्याप्त रहने की जगह नहीं है।
घरेलू सहायकों पर भी नए नियम लागू हुए हैं। यदि कोई कर्मचारी परिवार के साथ रहता है और उसी रसोई में खाता है, तो वह भी परिवार का सदस्य होगा और उसका विवरण जनगणना फॉर्म में दर्ज किया जाएगा।
यदि चार दोस्त एक कमरे में रहते हैं और एक ही प्रणाली का पालन करते हैं, तो वे भी एक परिवार होंगे। ऐसे समूह में कोई भी परिवार का मुखिया हो सकता है।
जनगणना के नए नियमों को लेकर लोगों में उत्सुकता और बहस भी बढ़ी है। विशेषज्ञों का कहना है कि इन प्रावधानों से देश की सामाजिक और पारिवारिक संरचना की अधिक सटीक तस्वीर मिल सकेगी।