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इंदौर-पीथमपुर इकोनॉमिक कॉरिडोर का भूमिपूजन, जो 2360 करोड़ रुपये का खर्च करेगा और किसानों को चार गुना मुआवजा देगा. जानिए क्यों ये परियोजनाएं खास हैं।

Indore-Pithampur आर्थिक मार्ग:इंदौर-पीथमपुर इकोनॉमिक कॉरिडोर किसानों के लिए एक वरदान होगा। इससे किसानों को न सिर्फ “मुआवजा पाने वाले” बल्कि “बिजनेस पार्टनर” बनाया जाता है। 2360 करोड़ रुपये की इस परियोजना में सरकार ने किसानों को 4 गुना अधिक मुआवजा देने के साथ-साथ उनकी जमीन का 60 प्रतिशत विकसित भूखंड के रूप में वापस देने का फैसला किया है।

  • प्रथम चरण का इंदौर-पीथमपुर इकोनॉमिक कॉरिडोर का उद्घाटन
  • 60 प्रतिशत विकसित जमीन को सरकार किसानों को वापस देगी
  • किसान बनकर 650 करोड़ रुपये की जमीन मालिक
  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सोच से देश-प्रदेश में सुधार

भोपाल: मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने नैनोद, इंदौर में २३६० करोड़ रुपये का इंदौर-पीथमपुर इकोनॉमिक कॉरिडोर का उद्घाटन करके राज्य के औद्योगिक विकास को एक नई ऊंचाई दी है। मुख्यमंत्री ने इस दौरान किसानों को चार गुना अधिक जमीन मुआवजा देने और 60 प्रतिशत विकसित जमीन वापस देने का ऐतिहासिक फैसला किया है। क्षेत्र में बहुत से किसान तुरंत करोड़पति बन गए हैं। 8 लेन के इस सुपर एक्सप्रेस-वे से इंदौर-पीथमपुर की कनेक्टिविटी विश्वस्तरीय होगी, साथ ही दिल्ली-मुंबई कॉरिडोर से जुड़कर लाखों युवाओं के लिए नौकरी के नए अवसर भी पैदा होंगे।

इंदौर-पीथमपुर इकोनॉमिक कॉरिडोर के लिए भूमिपूजन कार्यक्रम में सीएम डॉ. मोहन यादव ने कहा कि भविष्य में प्रदेश में अधिक से अधिक उद्योग खुलेंगे। राज्य में स्वरोजगार और रोजगार के कई अवसर इससे खुलेंगे। युवा किसानों की संपत्ति बढेगी। वास्तव में, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इंदौर-पीथमपुर इकोनॉमिक कॉरिडोर का पहला चरण, जिसका बजट २२६० करोड़ रुपये है, का उद्घाटन किया। इंदौर के नैनोद गांव में यह कार्यक्रम हुआ था। इकोनॉमिक कॉरिडोर पर आधारित एक छोटी सी फिल्म भी कार्यक्रम में दिखाई गई। इस कॉरिडोर के माध्यम से सरकार ने किसानों को विकसित जमीन का ६० प्रतिशत लौटाने का ऐतिहासिक फैसला भी किया है। 650 करोड़ रुपये की जमीन किसानों को मिली है।

दिल्ली-मुंबई कॉरिडोर को 8 लेन सुपर एक्सप्रेस वे से जोड़ा जाएगा

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि इंदौर, उज्जैन, धार, देवास, शाजापुर और रतलाम को एक मेट्रोपॉलिटन सिटी बनाया जा रहा है। ये मार्ग केवल पीथमपुर से इंदौर नहीं जाता, बल्कि उज्जैन भी जाता है। 8 लेन सुपरएक्सप्रेस वे यह है। दिल्ली-मुंबई कॉरिडोर इससे जुड़ेगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यह काम किया है। आज, एक लाख छह हजार किमी से ज्यादा राष्ट्रीय राजमार्गों की संख्या है। आज भारत ने बहुत कुछ हासिल किया है।

कांग्रेस पर सवाल उठाते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि 55 साल में कोई काम नहीं किया

CM डॉ. यादव ने कहा कि मैं कांग्रेसियों से पूछना चाहता हूं कि उनकी सरकार के दौरान क्या हुआ था। कांग्रेस के दौरान किसानों को रात में भी बिजली नहीं मिलती थी, लेकिन आज किसानों को दिन में बिजली मिलती है। डीजल के लिए लाइनों में लगकर किसानों को परेशानी हुई। बिजली का कोई स्थान नहीं था। सिंचाई का क्षेत्र भी बहुत छोटा था। 55 साल तक वे प्रधानमंत्री रहे। 1956 में मध्यप्रदेश बनाया गया था, लेकिन 2002–2003 तक सिंचाई केवल साढ़े सात लाख हेक्टेयर में हुई थी। उनका दावा था कि पिछले ढाई वर्षों में हमारी सरकार ने 10 लाख हेक्टेयर से अधिक जमीन का अधिग्रहण किया है। यह किसानों को हमारा समर्पण है।

9 लाख करोड़ का निवेश किया गया है

CM डॉ. यादव ने कहा कि नदी जोड़ो परियोजना से बुंदेलखंड से मालवा तक सिंचाई की व्यवस्था होगी। इतना ही नहीं, मध्यप्रदेश में चीता भी दिखाई देता है। सांदीपनि स्कूल हमारी सरकार बना रही है। देश में ऐसे कोई स्कूल नहीं हैं। 48 नए औद्योगिक पार्क आज बनाए गए हैं। नौ लाख करोड़ रुपये का निवेश जमीन पर उतारा गया है। मध्यप्रदेश देश में उद्योगों की स्थापना के मामले में दूसरे नंबर का राज्य है। आज से शुरू हुआ विकास मॉडल पूरे राज्य में फैल जाएगा।सिंहस्थ-2028 में सभी रिकॉर्ड टूटेंगे, उन्होंने कहा। मालवा किसानों को मालामाल करता है।इस इकॉनोमिक कॉरिडोर में भी नया रिकॉर्ड बन जायेगा

यह देश की जीडीपी को बढ़ाने वाली पहली परियोजना है।

मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि पहली बार किसान खुद जमीन देने को तैयार हैं। यह देश की सबसे अच्छी योजना होगी। यह एक ग्रोथ सेंटर है जो जीडीपी को बढ़ाता है। योजना ने प्रत्येक किसान को करोड़पति बनाया है। उनका दावा था कि इस योजना से लाखों युवा काम मिलेगा। यहां कृषि उद्योग विकसित होगा। गुजरात एक ओर और मुंबई दूसरी ओर है। इसलिए यह बहुत महत्वपूर्ण है।

ये परियोजना की महत्वपूर्ण विशेषताएं हैं

  • सुपर कॉरिडोर से पीथमपुर निवेश क्षेत्र तक लगभग 20.28 किलोमीटर की सड़क बनाई जा रही है।
  • नियोजित विकास, लगभग 1316 हेक्टेयर क्षेत्र में, 2360 करोड़ रुपये का खर्च करेगा।
  • 75 मीटर चौड़ी मुख्य सड़क और उसके दोनों ओर विकसित होने वाला बफर क्षेत्र इस कॉरिडोर को विस्तार करने योग्य बनाएगा, जिससे यह भविष्य में भी जरूरत होगी।
  • राष्ट्रीय राजमार्ग-47 और राष्ट्रीय राजमार्ग-52 के बीच प्रभावी कनेक्टिविटी बनाने से औद्योगिक परिवहन अधिक आसान और समयबद्ध होगा।
  • इन्दौर क्षेत्र में इस परियोजना से संतुलित शहरीकरण और अधोसंरचना आधारित विकास को नई दिशा मिलेगी।

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