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Rajya Sabha चुनाव: हेमंत सोरेन के द्वारा कांग्रेस को ठेंगा , दिखाई जानें के लिए उत्सुक! राज्यसभा चुनाव में जीत का समीकरण को सीधे तरह से समझें

Jharkhand Rajya Sabha चुनाव 2026: झारखंड में राज्यसभा की दो सीटों पर होने वाले चुनाव को लेकर निर्वाचन आयोग अब किसी भी दिन चुनाव कार्यक्रम घोषित कर सकता है। राज्य में इससे पहले राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। कांग्रेस को असम और पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों के बीच जेएमएम का रुख सहज नहीं लगता। इससे राज्यसभा चुनाव भी प्रभावित हो सकते हैं।

रांची: झारखंड में अगले कुछ दिनों में होने वाले राज्यसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक हलचल बढ़ी है। सत्ता पक्ष इंडिया गठबंधन फिलहाल दो सीटों पर होने वाले चुनाव में मजबूत दिख रहा है, लेकिन विपक्षी एनडीए भी बिहार की तरह एक सीट के लिए समीकरण बनाने में व्यस्त है।

कांग्रेस अब जेएमएम को सहज नहीं मानती

राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि झारखंड मुक्ति मोर्चा को हाल के कुछ महीनों में सहयोगी दल कांग्रेस के साथ बहुत मुश्किल हुआ है। असम विधानसभा में जेएमएम के कांग्रेस से कोई समझौता किए बगैर अकेले चुनाव लड़ने का निर्णय कांग्रेस नेतृत्व को भी मुश्किल बनाया। हेमंत सोरेन ने एक सप्ताह से अधिक समय तक असम में कैम्प कर दर्जनों चुनावी सभाएं की, जिससे गैर-भाजपा मतों में बंटवारे की आशंका है। कल्पना सोरेन ने हेमंत सोरेन के साथ असम में चाय बगान में रहने वाले झारखंडी मतदाताओं को प्रभावित करने का प्रयास किया।

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में भी जेएमएम ने ममता बनर्जी की पार्टी टीएमसी को हराने के लिए कई चुनावी सभाओं को संबोधित किया। कांग्रेस और जेएमएम के बीच असंतोष भी इससे बढ़ा। लेकिन झारखंड में कांग्रेस और आरजेडी अभी भी हेमंत सोरेन सरकार में हैं।

झारखंड भी पश्चिम बंगाल और असम की राजनीति से प्रभावित होगा

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि झारखंड की राजनीति भी असम और पश्चिम बंगाल में झामुमो की अलग-अलग नीतियों से प्रभावित हो सकती है। असम में कांग्रेस और जेएमएम के बीच बढ़ी दूरी ने विपक्षी एकता को चिंतित कर दिया है। पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस की ओर झुकाव से झारखंड में दोनों दलों के संबंधों में खटास की आशंका भी बढ़ी। ऐसे में, राज्यसभा चुनाव के दौरान रणनीतिक दूरी या अंदरूनी असंतोष की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

एक सीट जीतने के लिए 27 से 28 विधायकों के वोट चाहिए

झारखंड में एक राज्यसभा सीट जीतने के लिए लगभग 27 से 28 विधायकों के वोटों की आवश्यकता होती है। झारखंड विधानसभा में 81 सदस्य हैं, इसलिए यह संख्या है। जहां एकल संक्रमणीय मत प्रणाली प्रथम और द्वितीय वरीयता के मतों से चुनाव करता है

विधानसभा की वर्तमान स्थिति

इंडिया गठबंधन : 56 विधायकएनडीए : 24 विधायकअन्य
झामुमो: 34भाजपा- 21जेएलकेएम-1
कांग्रेस: 16आजसू: पार्टी- 1
राजद: 4जदयू:-1
माले: 2एलजेपी-1

सीट विभाजित होने के समय में पेंच हो सकता हैं इनकी आशंका जानिए

सत्तारूढ़ गठबंधन को झारखंड की 81 सदस्यीय विधानसभा में 56 विधायकों का समर्थन प्राप्त है, जो दोनों सीटों पर कब्जा करने के लिए पर्याप्त है। लेकिन जिस तरह से जेएमएम कांग्रेस को छोड़ देता है इससे सीट बंटवारे और पेच फंस सकता है। जेएमएम अपने बल पर एक सीट जीत सकता है, जबकि कांग्रेस विधायकों का समर्थन दूसरी सीट जीतने के लिए आवश्यक है।

इन हालात में, जेएमएम दूसरी सीट के लिए किसी उद्योगपति या राजनेता को प्रत्याशी बनाया या समर्थन दिया जा सकता है जो अपने बलबूते से कई विधायकों का समर्थन पा सकता है। झारखंड के एक पूर्व सांसद के नाम की भी चर्चा मीडिया में हो रही है।

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