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Adit Singh: पाकिस्तान-बांग्लादेश से भी कम 15 फीसदी जनप्रतिनिधि देश में हैं; रायबरेली विधायक ने विपक्ष पर हमला किया

Raebareli विधायक अदिति Singh की सूचना: रायबरेली से भाजपा विधायक अदिति सिंह ने महिला आरक्षण विधेयक को लेकर विपक्ष पर तीखा हमला बोला है। पाकिस्तान और बांग्लादेश का उदाहरण दिया गया।

रायबरेली: उत्तर प्रदेश की रायबरेली से भारतीय जनता पार्टी की विधायक अदिति सिंह ने महिला आरक्षण को बाधित करने को लेकर विरोधी पक्ष को घेर लिया। यूपी विधानसभा में विपक्ष के खिलाफ लाए गए निंदा प्रस्ताव के बाद अदिति सिंह ने योगी सरकार की कोशिशों की प्रशंसा की। रायबरेली विधायक ने कहा कि देश में नारी शक्ति वंदन विधेयक की जरूरत है। उनका कहना था कि आज महिलाओं को सत्ता में शामिल होने के लिए समय की आवश्यकता है। वह विरोधी पक्ष को सत्ता में आने से रोकना चाहती है। लोकसभा में नारी शक्ति वंदन विधेयक को खारिज करने के लिए विपक्ष का जोर इस तरफ संकेत करता है।

अदिति सिंह की टिप्पणी क्या थी?

महिला आरक्षण विधेयक को लोकसभा में खारिज करने के मामले में, अदिति सिंह ने इंस्टाग्राम पर वीडियो पोस्ट करके विपक्ष की जमकर आलोचना की। उनका कहना था कि यूपी विधानसभा में चर्चा के दौरान महिला विधायकों को अपनी राय देने का मौका मिला। मुख्यमंत्री योगी को इसके लिए धन्यवाद। उनका कहना था कि आज की तारीख में संसद में कुल जनप्रतिनिधित्व का 15.2% केवल 74 महिला सांसद हैं। अन्य देशों की तुलना में, भारत की संसद या विधानसभा में बहुत कम महिला पार्टीसिपेशन है।

भाजपा विधायक ने कहा कि आरक्षण बिल लागू होने से लोकसभा और विधानसभा की शक्ति बढ़ जाएगी। सीटें बढ़ने के साथ ही महिलाओं की सत्ता में भागीदारी बढ़ती जाती है। 33% आरक्षण हमारी महिलाओं को मिलता तो लगभग 280 महिला सांसद चुनकर कानून बनातीं। महिलाओं को इस मामले में पीछे धकेलने के लिए विपक्ष ने राजनीति की है।

उत्तर प्रदेश विधानसभा का उल्लेख

अदिति सिंह ने कहा कि आज यूपी विधानसभा की 403 सीटों पर 43 महिला विधायक हैं। यह आंकड़ा निश्चित रूप से 200 से अधिक हो सकता था अगर विपक्ष इसे पास करता। यह महिलाओं को सशक्त बनाने का एक बड़ा प्रयास होता। आजकल बहुत सी महिलाएं चुनाव की तैयारियों में शामिल होती हैं, लेकिन कई कारणों से उन्हें पीछे हटना पड़ता है। मैं भी दो बार चुनाव जीत चुका हूँ। उन महिलाओं का दर्द मैं समझ सकता हूँ। इस तरह की महिलाओं को चुनावों में भाग लेना आसान होता है जब सीटें बाँट दी जाती हैं।

युनाइटेड नेशंस ऑर्गेनाइजेशन के नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, अदिति सिंह ने कहा कि रवांडा महिला प्रतिनिधित्व के मामले में पहले स्थान पर है, जहां महिलाओं की भागीदारी 61% है। वहीं, पाकिस्तान में 20 प्रतिशत और बांग्लादेश में 21 प्रतिशत जनप्रतिनिधि महिला हैं। भारत में सिर्फ 15.2 प्रतिशत महिला सांसद हैं। महिलाओं को अधिकार देने में हमसे आगे चलने वाले देशों ने भी जीडीपी में हमसे कहीं कम टिक पाया है।

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