Patliputra Township, Patna: राज्य सरकार ने बिहार में बढ़ती आबादी को देखते हुए ग्यारह शहरों के आसपास ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप बनाएंगे। पटना में यह एक शहर बनेगा जिसे पाटलिपुत्र टाउनशिप कहा जाएगा। आइए इसके बारे में चर्चा करें।
पटना: बिहार सरकार ने पटना सहित राज्य के ग्यारह शहरों में ‘ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप’ बनाने का लक्ष्य रखा है, जो शहरीकरण को एक नए स्तर पर ले जाएगा। पाटलिपुत्र टाउनशिप, एक राजधानी, पटना में बनेगी। इसका काम जल्दी हुआ है। पाटलिपुत्र शहर क्षेत्र में 275 गांव शामिल होंगे। इन गांवों में सरकार ने जमीन खरीद-बिक्री पर प्रतिबंध लगाया है। आइए जानते हैं कि पाटलिपुत्र शहर बनने से लोगों को क्या लाभ होंगे?

ग्रीनफील्ड टाउनशिप में किसानों को क्या प्रदान किया जाएगा?
ग्रीनफील्ड टाउनशिप के लिए भूमि पूलिंग पॉलिसी के तहत किसानों और भूमालिकों से अतिरिक्त जमीन ली जाएगी। इन जमीन पर सरकार आधुनिक सुविधाएं बनाएगी। विकास कार्य पूरा होने पर जमीन का पचास प्रतिशत विकसित भूखंड के रूप में मूल मालिकों को वापस दिया जाएगा। इससे जमीन की कीमतों में वृद्धि का सीधा लाभ किसानों को मिलेगा।
पाटलिपुत्र शहर कितनी जमीन पर बनाया जाएगा?
“पाटलिपुत्र” शहर पटना क्षेत्र में बनाया जाएगा और इसमें नौ प्रखंडों पुनपुन, फतुहा, संपतचक, दनियावां, धनरुआ, मसौढ़ी, नौबतपुर, फुलवारीशरीफ और पटना शहर के 274 गांव शामिल होंगे। लगभग 81 हजार 730 एकड़ जमीन इसमें शामिल होगी। इस जगह पर पाटलिपुत्र टाउनशिप बनाया जाएगा।
पाटलिपुत्र जंक्शन और एयरपोर्ट से कितनी दूरी होगी?
सरकार ने कहा कि पाटलिपुत्र शहर को एक जगह बनाया जाएगा जहां से पटना 13 किमी दूर होगा। शहर से 20 किलोमीटर दूर पटना जंक्शन है। यह भी पटना एयरपोर्ट से महज 24 किमी दूर हो सकता है।
इस शहर को पटना-गया-डोभी फोरलेन, आमस-दरभंगा एक्सप्रेसवे और बिहटा-सरमेरा रिंग रोड से जोड़ा जाएगा। यात्रा को सुगम बनाने के लिए
पाटलिपुत्र शहर में मिलने वाली सुविधाएं क्या हैं?
प्राप्त जानकारी के अनुसार, पाटलिपुत्र टाउनशिप एक आधुनिक इकोनॉमिक क्षेत्र होगा साथ ही एक रिहायशी क्षेत्र भी होगा। यहाँ कई अलग-अलग क्षेत्र विकसित किए जाएंगे। यह स्पोर्ट्स सिटी होगी, जहां लोगों को अंतरराष्ट्रीय स्तर की खेल सुविधाएं मिलेंगी। साथ ही, एक फिनटेक, ज्यूडिशियल एकेडमी और लॉजिस्टिक हब भी बनाया जाएगा।