जोधपुर, राजस्थान में एक होनहार युवा डॉक्टर ने व्यवस्था की लापरवाही से अपनी जान खो दी। महिला डॉक्टर की स्कूटी गली में प्रकाश के अंधरे में चलते हुए सांड से टकरा गई। डॉक्टर के गले में सांड का सींग इस दौरान धंस गया था।
जोधपुर: जोधपुर, राजस्थान से एक चौंकाने वाली खबर आई है। शहर में एक होनहार युवा डॉक्टर की मौत आवारा पशुओं के आतंक से हुई। रविवार रात, सड़क पर खड़े सांड से एक स्कूटी सवार महिला डॉक्टर टकरा गईं। टक्कर इतनी भीषण थी कि सांड का सींग डॉक्टर के गले में धंस गया, जिससे उनकी मौके पर ही खून बह गया।

गले में घुसा सींग, अंधेरा ले लिया जान
रविवार रात करीब 8:15 बजे हादसा करवड़ थाना क्षेत्र में टूंट की बाड़ी के पास हुआ। आयुर्वेद अस्पताल के होम्योपैथिक विभाग में डॉक्टर इंडिया डागोर (25), विजेंद्र सिंह की पुत्री थीं, पुलिस ने बताया। वह जोधपुर से अपना काम पूरा करके स्कूटी पर वापस हॉस्टल लौट रही थीं।
गली में सड़क प्रकाश नहीं था, इसलिए काफी अंधेरा था। उस समय अंधेरे में एक सांड बीच सड़क पर खड़ा था, जो डॉक्टर को नहीं दिखाई दिया। स्कूटी ने सांड से टकराते ही अनियंत्रित हो गया, जिसके परिणामस्वरूप सांड का एक नुकीला सींग सीधे डॉक्टर के गले में धंसा।
अस्पताल जाने से पहले तुरंत मौत हो गई
हादसे के बाद, आसपास के लोग चीख-पुकार सुनकर तुरंत स्थान पर पहुंचे। लहूलुहान डॉक्टर इंडिया डागोर सड़क पर पड़ी थीं। स्थानीय लोगों ने उन्हें श्रीराम हॉस्पिटल ले जाया, लेकिन तब तक उनका बहुत खून बह चुका था। उन्हें अस्पताल में देखते ही डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। बाद में उनका शव मथुरादास माथुर (MDM) अस्पताल की मॉर्च्युरी में रखा गया।
प्रशासन को सवालों के घेरे में
जांच अधिकारी बंशीलाल ने बताया कि प्राथमिक दृष्टि में मौत का कारण भारी रक्तस्राव और सांड के सींग से गले की मुख्य धमनी का कटना था। यह घटना एक बार फिर जोधपुर नगर निगम और जिला प्रशासन की उम्मीदों को चुनौती दी है कि वे शहर को आवारा पशुओं से मुक्त कर देंगे।
अंधेरा रास्ते: मोहल्लों की सड़कों पर प्रकाश की कमी दुर्घटनाओं को जन्म देती है।
आवारा पशु: रात में सड़कों पर बैठे और खड़े पशु राहगीरों के लिए ‘यमदूत’ हैं।
डॉक्टर इंडिया डागोर, एक नवोदित चिकित्सक, अभी अपना करियर शुरू कर रही थीं। इस घटना ने उनके परिवार और चिकित्सा क्षेत्र को बहुत दुखी कर दिया है। इस घटना से स्थानीय लोग प्रशासन से बहुत नाराज हैं।