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डोनाल्ड ट्रंप कि विवाद पर आधारित पोस्ट को लेकर कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने एक बार फिर अलग तरह से प्रतिक्रिया दी है, यदि भारत सरकार होता, तो इसको स्वीकार नही करता

डोनाल्ड ट्रंप को लेकर कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने एक बार फिर से अलग तरह से प्रतिक्रिया दी है। उनका अनुरोध था कि डोनाल्ड ट्रंप की बेवकूफ पोस्ट को नजरअंदाज कर दिया जाए। यदि मैं भारत सरकार का हिस्सा होता तो मैं इन छोटे-छोटे बातों को नजरअंदाज कर देता।

नई दिल्ली: शुक्रवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की पोस्ट, जिसमें उन्होंने भारत सहित कई देशों को ‘नरक’ बताया था, पर कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने प्रतिक्रिया दी। भारत को ट्रंप के सोशल मीडिया पोस्ट जैसे छोटे-छोटे मुद्दे पर इतना परेशान नहीं होना चाहिए। यह हमारी कूटनीतिक प्रणाली से मेल नहीं खाता। मैं भारत की सरकार होता तो इसे नजरअंदाज करता। यह बात फ्रांस 24 से बात करते हुए शशि थरूर ने कही।

डोनाल्ड ट्रंप ने एक विवादित पोस्ट साझा की गई हैं

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूढ़िवादी लेखक माइकल सैवेज की जन्मसिद्ध नागरिकता के बारे में एक विवादित लेख साझा करके विवाद पैदा कर दिया है। इसमें सैवेज ने कहा कि मौजूदा कानून प्रवासियों को गर्भावस्था के नौवें महीने में अमेरिका आने में स्थानीय कानूनों का लाभ देता है।

ट्रंप ने माइकल सैवेज के बयान को शेयर करते हुए कहा, “यहां एक बच्चा तुरंत नागरिक बन जाता है और फिर वे पूरे परिवार को चीन या भारत या दुनिया की किसी और नरक से ले आते हैं।”इसे देखने के लिए बहुत दूर नहीं जाना होगा। अब यहाँ कोई इंग्लिश नहीं बोलता।

ACLU से जुड़े वकीलों को इस लिखित दस्तावेज में लैपटॉप वाला गुंडा बताया गया

अमेरिकन सिविल लिबर्टीज यूनियन (ACLU) के वकीलों ने भी इस लेख में उनकी कड़ी आलोचना की, उन्हें “लैपटॉप वाले गुंडे” कहा और उन पर “सभी माफिया परिवारों से कहीं ज्यादा देश को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया।””

उसने आगे लिखा, “उन्होंने हमें बुरी तरह लूटा है, हमारे साथ दोयम दर्जे के नागरिकों जैसा बर्ताव किया है, दुनिया को जीत हासिल करने दी है, हमारे झंडे को रौंदा है।”तीसरी दुनिया के देशों को और भी बदनाम करने के लिए इसमें शब्दों का परिवर्तन किया गया था।

भारतीय विदेश मंत्रालय ने भी सख्त प्रतिक्रिया दी

भारत ने इस बहस पर आधिकारिक प्रतिक्रिया देते हुए विदेश मंत्रालय ने सामग्री में प्रयोग की गई भाषा की आलोचना की। रणधीर जायसवाल, विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता, ने कहा कि ये टिप्पणियां “स्पष्ट रूप से अज्ञानतापूर्ण, अनुचित और अभद्र” थीं, और उन्होंने कहा कि ये भारत-अमेरिका संबंधों की वास्तविकता को नहीं दिखाती हैं, जो साझा हितों और सम्मान पर आधारित हैं। ट्रंप को सीधे आलोचना नहीं मिली।

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