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आसाराम बापू के उम्रकैद मामले की सुनवाई राजस्थान हाईकोर्ट ने पूरी कर लिया हैं , इस बार जेल होगा या रिहाई जानिए

Asaram की मामला: राजस्थान हाईकोर्ट ने आसाराम बापू की उम्रकैद की सुनवाई पूरी कर दी है। 20 अप्रैल को जोधपुर मुख्यपीठ में सभी याचिकाओं पर जस्टिस अरुण मोंगा और जस्टिस योगेंद्र कुमार पुरोहित की खंडपीठ ने सुनवाई की और अब फैसला सुरक्षित है।

जोधपुर: नाबालिग के साथ किया था दुष्कर्म मामले में उम्रकैद की सजा को भोगने के काम में लगे हुए आसाराम का जीवन आगे अब किस तरह का होगा? राजस्थान हाईकोर्ट के द्वारा अब इसको नियंत्रित करने का प्रयाश। इस मामले की याचिकाओं को सोमवार, 20 अप्रैल को जस्टिस अरुण मोंगा और जस्टिस योगेंद्र कुमार पुरोहित की खंडपीठ ने जोधपुर मुख्यपीठ में सुनाया गया। दोनों पक्षों की अंतिम दलीलें सुनने के बाद, यहां उन्होंने अपना निर्णय सुरक्षित रखा है। अब यह तय हो जाएगा कि आसाराम जेल में रहेंगे या कोई कानूनी राहत मिल पाएगा।

15 अप्रैल से जारी सुनवाई के बाद, फैसला अब सुरक्षित है:

पिछले कुछ दिनों में, आसाराम और मामले के सह-आरोपियों ने ट्रायल कोर्ट के फैसले को चुनौती देने वाली अपीलों पर लगातार सुनवाई की है। 15 अप्रैल से 20 अप्रैल तक हुई इस मैराथन सुनवाई में दोनों पक्षों ने अपना पक्ष प्रस्तुत किया। 17 अप्रैल को आसाराम के वकीलों ने अपना अंतिम मुकदमा समाप्त किया। सोमवार को पीड़िता के अधिवक्ता पीसी सोलंकी और सरकारी अभियोजक ने इसका उत्तर दिया। अभियोजन पक्ष ने सजा को बरकरार रखने की दृढ़ता से वकालत की, ट्रायल कोर्ट के फैसले को सही ठहराते हुए।

जानिए आखिर पुरा मामला किस तरह हैं

यह बहस 2013 में जोधपुर के मणाई आश्रम में एक नाबालिग लड़की से यौन दुराचार का आरोप लगाने से शुरू हुई। लंबी कानूनी लड़ाई के बाद, आसाराम को 25 अप्रैल 2018 को दोषी ठहराकर उम्रकैद की सजा सुनाई गई। दो अन्य आरोपी बरी हो गए, जबकि सह-आरोपी शिल्पी और शिवा को 20-20 साल की सजा सुनाई गई।

स्वास्थ्य के हवाला देते हुए मांगी गई राहत जानें

आसाराम ने अपनी बुरी सेहत का हवाला देते हुए जमानत अवधि बढ़ाने की अर्जी भी लगाई। 15 अप्रैल को, आसाराम की बेल की अवधि समाप्त होने वाली थी, इसलिए उनके वकीलों ने कोर्ट से जल्द सुनवाई की गुहार लगाई।

राजस्थान हाईकोर्ट ने इस पर सख्त रुख अपनाया हालांकि। 16 अप्रैल को कोर्ट ने मुख्य अपील की सुनवाई में देरी का कारण पूछा और सुनवाई को तत्काल रद्द कर दिया। अदालत ने कहा कि केवल निर्धारित प्रक्रिया और तारीख पर जमानत अर्जी विचार की जाएगी।

आसाराम मामले को लेकर अभी तक क्या हुआ, यहां पढ़ें

  • अक्टूबर 2013: जोधपुर आश्रम में एक नाबालिग से दुष्कर्म करने के आरोपों के बाद गिरफ्तार किया गया था।
  • शुक्रवार, 25 अप्रैल 2018: योगीपुर पॉक्सो कोर्ट ने उम्रकैद की सजा सुनाई थी।
  • नवंबर 2025: पहली अंतरिम मेडिकल जमानत सुप्रीम कोर्ट के नियमों के अनुसार मिली
  • 27 अगस्त 2025 को जमानत विस्तार की मांग को राजस्थान हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया।
  • 29 अक्टूबर 2025 का दिन: राजस्थान हाईकोर्ट ने छह महीने की मेडिकल जमानत की अनुमति दी।
  • ६ नवंबर २०२५: गुजरात हाईकोर्ट ने छह महीने की अतिरिक्त जमानत भी दी।
  • दिसंबर 8, 2025: सुप्रीम कोर्ट ने जमानत रद्द करने की याचिका को खारिज कर दिया और हाई कोर्ट को तीन महीने में अपील निपटाने का आदेश दिया।
  • 15 अप्रैल, 2026: मेडिकल ग्राउंड पर जमानत को बढ़ा दिया।
  • 16 अप्रैल 2026: कोर्ट ने तुरंत सुनवाई से इंकार कर दिया।
  • 17 अप्रैल, 2026: आसाराम पक्ष ने सजा स्थगन की अपील पर अपनी बहस समाप्त की।
  • २० अप्रैल २०२६: पीड़ित पक्ष की बहस समाप्त हो गई, अब फैसला सुरक्षित है।

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