Rajkumar Bhaitha (SDM): आजमगढ़ के एसडीएम राजकुमार का बैठा हुआ एक वीडियो फैल रहा है। यह दिखाता है कि वे आंबेडकर की जयंती पर एक जुलूस की अगुवाई करते हैं।
आजमगढ़: उत्तर प्रदेश की राजनीति में प्रशासनिक अधिकारियों का प्रभाव स्पष्ट है। लोकसभा चुनाव हो या विधानसभा चुनाव, प्रशासनिक अधिकारियों से लेकर पुलिस अधिकारियों तक राजनीतिक क्षेत्र पर प्रभाव डालते दिखते हैं। पिछले कुछ दिनों में बरेली के पूर्व सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री का राजनीतिक चेहरा प्रकट हुआ। आजमगढ़ में तैनात एसडीएम आंबेडकर की जयंती पर जुलूस का नेतृत्व करते दिखे हैं। एसडीएम भीम आर्मी का एक करीबी मित्र है। ऐसे में उनके साथ चलने वाले लोगों ने एसडीएम के पक्ष में जय भीम के नारे भी लगाए।

पुरा जानिए आखिर राजकुमार कौन हैं
राजकुमार बैठा आजमगढ़ जिले के लालगंज में एसडीएम हैं। इस समय एक वायरल वीडियो उनकी चर्चा का विषय है। आंबेडकर जयंती पर निकाले गए जुलूस का नेतृत्व करते हुए एसडीएम राजकुमार बैठा दिखाई देता है, जो वायरल वीडियो में दिखाई देता है। मेहनाजपुर बाजार से इटैली बाजार तक क्राइस्ट इंटर कॉलेज ने बाबासाहेब की बड़ी झांकी निकाली। इसका वीडियो वायरल होने के बाद प्रशासन में इसकी बहुत चर्चा हुई है।
भीम सेना ने किया इस तरह के आयोजन जानें
14 अप्रैल को भीम आर्मी ने आजमगढ़ के लालगंज में बाबासाहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर की जयंती पर जुलूस निकाला। लालगंज एसडीएम भी इसमें शामिल था। उन्हें भीम आर्मी का पट्टा भी गले में था। जुलूस में कई कार्यकर्ता एसडीएम जिंदाबाद के नारे लगा रहे थे। एसडीएम ने इस पूरे मामले पर अभी तक कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।
सांसद की निकटता का दावा किया जाना
माना जाता है कि एसडीएम राजकुमार, आजाद समाज पार्टी के सांसद चंद्रशेखर आजाद के करीबी था। इसके बावजूद, इस दावे की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। लालगंज एसडीएम पहली बार विवाद में आया है। पहले स्थानीय वकीलों ने उन पर पक्षपात और पद की गरिमा के खिलाफ कार्य करने के आरोप लगाए थे।
जुलूस में एसडीएम ने ‘जय भीम’ और ‘बाबा साहब अमर रहें’ के नारे लगाते दिखाई दिए। साथ ही, कार्यकर्ताओं ने ‘एसडीएम साहब जिंदाबाद’ और ‘संघर्ष करो, एसडीएम साहब, हम आपके साथ हैं’ जैसे नारे भी लगाए। इसके बाद उनके राजनीतिक सक्रियता का मुद्दा उठता है।