Mirzapur के न्यायाधीश की हत्या का आरोपी से मुलाकात: मिर्जापुर में पुलिस ने वकील राजीव सिंह हत्याकांड का मुख्य आरोपी राजेंद्र सोनकर को मार डाला गया । घायल होकर उसे गिरफ्तार कर लिया गया था।
मिर्जापुर : एनकाउंटर के बाद उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर में वकील राजीव सिंह हत्याकांड का मुख्य आरोपी गिरफ्तार किया गया है। शनिवार देर रात पुलिस ने कार्रवाई की और मुख्य आरोपी को पकड़ लिया। वहीं, उसके साथी को पकड़ने के लिए पुलिस लगातार सर्च ऑपरेशन कर रही है। वकील हत्याकांड का मुख्य आरोपी पुलिस की गोली मारकर गिरफ्तार किया गया। आरोपी ने मॉर्निंग वॉक पर निकले वकील को गोली मारकर मार डाला था। इसके बाद जिले में कानून व्यवस्था पर प्रश्न उठाए गए। मामले की जानकारी मिलने पर एसपी अपर्णा कौशिक ने पांच टीमों का गठन कर जांच शुरू की। देर रात मुख्य आरोपी को गिरफ्तार करने में सफलता मिली है।

उन पर 50 हज़ार रूपए का इनाम रखा गया
शनिवार देर रात वकील राजीव सिंह हत्याकांड का मुख्य आरोपी राजेंद्र सोनकर को मिर्जापुर पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। हनुमान पड़रा क्षेत्र में देहात कोतवाली में पुलिस और आरोपी के बीच झगड़ा हुआ। उसके दोनों पैर में उस समय गोली मार दी गई थी। हत्या का दूसरा आरोपी अभी भी पकड़ में है। पुलिस ने खुफिया सूचना पर आरोपी को पकड़ने की कोशिश की। पुलिस को पता चला कि 39वीं वाहिनी पीएसी का निवासी देवरी, विंध्याचल, राजेंद्र सोनकर हत्यारा है।
घटनास्थल पर पुलिस ने खुफिया सूचना पर पहुंचकर आरोपी को पकड़ने की कोशिश की। पुलिस को देखते ही हत्याकांड का आरोपी वकील भागने लगा। उसने पुलिस टीम पर भी गोलीबारी की। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने उसके दोनों पैरों में गोली मार दी और उसे गिरफ्तार कर लिया। एसपी अपर्णा कौशिक ने बताया कि हत्यारोपी राजेंद्र सोनकर 50 हजार रुपये का इनामी है।
पहले भी दिया गया था धमकी
वकील राजीव सिंह हत्याकांड के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई है। करीब आठ महीने पहले, आरोपी राजेंद्र सोनकर भी उनके घर तमंचा लेकर आया था। उस समय राजेंद्र को परिवार और आसपास के लोगों ने दौड़ाकर पकड़ लिया। मौके पर कारतूस भी बरामद हुआ था। मामला पुलिस में दर्ज किया गया था। इसके बाद भी कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। 9 अप्रैल को राजेंद्र ने फिर राजीव के घर आकर उनकी पत्नी को मार डालने की धमकी दी। वह भी कचहरी में आकर उन्हें धमकी दी थी।
10 अप्रैल को राजीव सिंह ने एसपी को शिकायत दी। आरोपी पर कार्रवाई की मांग की गई थी। पुलिस ने इस मामले में कुछ भी नहीं किया। पुलिस पर आरोप लगाया जा रहा है कि वह लापरवाही करती थी। शनिवार को मॉर्निंग वॉक के दौरान आरोपी ने वकील राजीव सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी। इस घटना ने सवाल खड़े किए हैं क्योंकि जानलेवा हमले की आशंका के बाद भी पुलिस ने कुछ नहीं किया है।
परिवार वाले पुलिस पर आरोप लगाया गया
मृतक के परिवार के सदस्य मोहित सिंह का दावा है कि पुलिस ने मामले में गंभीर लापरवाही बरती है। इसलिए इस तरह की घटना हुई है। राजेंद्र सोनकर निरंतर धमकी देता रहा। मामले की शिकायत भी पुलिस से की गई। पुलिस ने इसके बाद भी कुछ नहीं किया। घटना राजेंद्र सोनकर ने अंजाम दी। देवरी गांव के पूर्व प्रधान रामस्नेही दुबे पर राजेंद्र ने पहले भी गोली चलाई थी, लेकिन वे बच गए थे। वहीं, राजेंद्र ने लगभग दो दशक पहले अपनी नानी को मार डाला था और उनकी संपत्ति पर अधिकार कर लिया था। वह इस जमीन पर रहता है।
देवरी के लोगों का कहना है कि पूर्व प्रधान वकील राजीव सिंह की हत्या में नामजद अभियुक्त ने पहले भी प्रधानी चुनाव जीता था। इसमें वह असफल रहा। राजीव सिंह तब से उसके साथ रहते हैं। राजीव सिंह की उपस्थिति में कोई दूसरा प्रधानमंत्री नहीं बन सकता था, ऐसा वह लगातार कहता था।
आखिर कौन इंसान थे राजीव सिंह जानें
Rajiv Singh एक अधिवक्ता था। वह भी देवरी का मुखिया था। Rajiv अपने तीन भाइयों में सबसे छोटा था। वे पहले मिशन कंपाउंड के एक मकान में रहते थे। 2011 से कटरा कोतवाली में सद्भावना नगर कालोनी में घर बना रहे हैं। वे यहाँ चले गए। वह प्रधान रहे और उनकी पत्नी प्रतिभा सिंह प्रधान अभी दो बार प्रधान हैं। उनके दो पुत्र हैं: ओम सिंह, 19 वर्ष, और सार्थक, 12 वर्ष। ओम वाराणसी में रहता है और नीट बनाता है।