Vande Mataram विवाद: इंदौर में वंदे मातरम पर हुए विवाद पर पूर्व मंत्री उषा ठाकुर ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। कांग्रेस और मुस्लिम पार्षदों ने इसे ‘लव जिहाद’ का मुद्दा उठाया और राष्ट्रद्रोह बताया।
इन्दौर: जिले में राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम को लेकर हुई बहस ने एक बार फिर राजनीतिक हलचल पैदा कर दी है। कांग्रेस की मुस्लिम पार्षद रुबीना इकबाल खान के बयान के बाद राज्य की राजनीति में बहस तेज हो गई है। कांग्रेस पर सीधा हमला करते हुए पूर्व मंत्री और बीजेपी विधायक उषा ठाकुर ने इस पूरे मुद्दे पर तीखी प्रतिक्रिया दी है।

संविधान सर्वोपरि है, इसका अपमान नहीं होगा।
उषा ठाकुर ने कहा कि भारतवासी को वंदे मातरम का सम्मान करना चाहिए। यह देश सभी धर्मों के नागरिकों का है और संविधान सर्वोपरि है। उनका कहना था कि “वंदे मातरम” कहने से इनकार करना राष्ट्र के प्रति अनादर होगा। उन्हें लगता था कि यह विचार राष्ट्रहित के खिलाफ है, और उन्होंने इसे एक महत्वपूर्ण मुद्दा बताया।
वंदे मातरम है, जो आजादी का प्रतीक है
विधायक ने कहा कि “वंदे मातरम” सिर्फ एक गीत नहीं था, बल्कि आजादी की लड़ाई का प्रतीक था। इस गीत के लिए लाखों लोगों ने अपनी जान दी है। ऐसे में दुर्भाग्यपूर्ण होगा अगर कोई नागरिक इसे गाने से मना करेगा। उनका कहना था कि देश के प्रति हर नागरिक को अपनी जिम्मेदारी समझनी चाहिए।
सीधे प्रहार करके कांग्रेस की मानसिकता
उषा ठाकुर ने कांग्रेस पर भी हमला बोलते हुए कहा कि जनता अब कांग्रेस की मनोवृत्ति जानती है। उनका दावा था कि कांग्रेस असामाजिक बातें कहती है। उनका कहना है कि लोग इस पर प्रतिक्रिया देंगे।
लव जिहाद हिंसा को लेकर भी चेतावनी दिया
इसी दौरान प्रयागराज की एक वायरल युवती के मामले पर भी उषा ठाकुर ने बयान दी गई। उनका कहना था कि ऐसी घटनाएं समाज के लिए चिंता का विषय हैं और इसे “लव जिहाद” से जुड़ा गंभीर मामला बताया। उन्हें लगता है कि युवतियों को बहला-फुसलाकर कुछ संगठित ताकतें धर्मांतरण करने के लिए उकसाती हैं।