Chaar Dham Yatra: रुद्रप्रयाग बाईपास योजना से ऋषिकेश-बदरीनाथ हाईवे पर चार धाम की यात्रा आसानी से होगी। चार धाम की यात्रा करने वाले लोगों को इससे बहुत फायदा होगा।
देहरादून: ये खबर आपके लिए है अगर आप बदरी विशाल और बाबा केदार की चार धाम यात्रा पर जा रहे हैं। चार धाम यात्रा में लगने वाले जाम से काफी हद तक छुटकारा मिलेगा, खासकर ऋषिकेश-बदरीनाथ हाईवे पर रुद्रप्रयाग बाईपास योजना से। 900 मीटर लंबी सुरंग से बदरीनाथ धाम जाने वाले श्रद्धालुओं को समय बचेगा और जाम से छुटकारा मिलेगा।

रुद्रप्रयाग जिला मुख्यालय में 900 मीटर लंबी रुद्रप्रयाग बाईपास योजना के दूसरे चरण के तहत बनाई गई सुरंग पर वाहन दौड़ने लगे हैं। स्थानीय लोगों और चार धाम यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं को इस टनल से बहुत फायदा हुआ है। साथ ही रुद्रप्रयाग जिले में रहने वाले 80 प्रतिशत लोगों को कलक्ट्रेट तक पहुंच भी है। ग्रामीणों को शहर के बीचोंबीच रुद्रप्रयाग नहीं जाना पड़ रहा है।
लोगों की एक घंटा बच जाएगी
रुद्रप्रयाग शहर में ऊखीमठ, अगस्त्मयुनि और जखोली विकास खंडों के निवासियों को जाम नहीं लगेगा। सुरंग से दो किलोमीटर पहले शहर में कलक्ट्रेट जा रहे हैं। ग्रामीणों ने लगभग एक घंटे बचाया है। साथ ही शहर के जाम से छुटकारा मिल गया है बदरीनाथ धाम जाना।
900 मीटर की लंबी सुरंग को बनाए गए
रुद्रप्रयाग बाईपास का निर्माण 2003-2004 में केन्द्रीय सड़क परिवहन मंत्रालय ने मंजूर किया था, क्योंकि शहर की भौगोलिक स्थिति ऐसी थी। पहले चरण का निर्माण कार्य योजना की मंजूरी के बाद पूरा हो गया था, लेकिन बजट नहीं मिलने के कारण दूसरा चरण शुरू नहीं हो पाया। योजना के अनुसार, लोक निर्माण विभाग गौरीकुंड हाईवे पर 900 मीटर लंबी सुरंग कालोनी के पास से बनाने और अलकनंदा नदी पर 190 मीटर लंबा पुल बनाकर बदरीनाथ हाईवे से जोड़ने की योजना बनाया गया था।
रुद्रप्रयाग बाईपास का दूसरा चरण 156 करोड़ रुपये से पूरा हुआ
2021 में दूसरे चरण के तहत निर्माण कार्य की स्वीकृति मिली। लंबे इंतजार के बाद, एनएच लोनिवि ने 2022 दिसंबर में रुद्रप्रयाग बाईपास के दूसरे चरण (लगभग 156 करोड़ रुपये) का निर्माण शुरू किया। इसके बाद दोनों स्थानों पर सुरंग और पुल का निर्माण हुआ। सुरंग का निर्माण लगभग पूरा हो गया है।
9 महीने के स्थान पर केवल 7 हि महीने में सुरंग बनाया गया
कार्यदायी संस्था ने नौ महीने की जगह सिर्फ सात महीने में संकट को पार कर लिया। इसके बाद भी यात्रा हुई है। बाईपास पर बनाए जा रहे मोटरपुल का बेसमेंट वहीं पूरा हुआ है। काम तेजी से पूरा हो रहा है। NHC Lonsdorf वर्ष 2025 तक निर्माण पूरा करना चाहता है। चार धाम यात्रियों को इससे लाभ होगा। इस सुरंग से दो राष्ट्रीय राजमार्गों, ऋषिकेश-बदरीनाथ और रुद्रप्रयाग-गौरीकुंड को जोड़ा जाएगा।
रुद्रप्रयाग शहर में जाम की समस्या समाप्त होगी
रुद्रप्रयाग नगर क्षेत्र में लंबे समय से जाम की समस्या थी, स्थानीय निवासी विजय खाली ने बताया। शहर के जाम से स्थानीय लोग भी परेशान थे। चार धाम यात्रा करने वाले पर्यटकों के लिए भी यह एक बड़ी समस्या थी। पहले, इस समस्या का समाधान करने के लिए जवाड़ी बाईपास बनाया गया था। दूसरे चरण में, रुद्रप्रयाग-चोपता-पोखरी मोटरमार्ग को बदरीनाथ हाईवे से जोड़ने के उद्देश्य से सुरंग का निर्माण किया गया, जो पूरा होने के बाद अब काफी सुविधाजनक है। बदरीनाथ धाम की यात्रा करने वाले लोग सीधे जवाड़ी बाईपास से गुजरेंगे, जहां वे सुरंग से गुजरेंगे। इससे शहर में जाम से छुटकारा मिलेगा।
- 19 अप्रैल को चार धाम यात्रा शुरू होगी।
- 19 अप्रैल 2026 को श्री गणेश की चार धाम यात्रा शुरू होगी। 19 अप्रैल को गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट खुल जाएंगे। 22 अप्रैल को केदारनाथ और 23 अप्रैल को बदरीनाथ धाम के कपाट खुलते ही यात्रा विधिवत शुरू हो जाएगी।
एक दृष्टि योजना पर डाला जाए
- 2008-09 में, जिला मुख्यालय में एक सुरंग बनाने का प्रस्ताव बीआरओ ने भारत सरकार को भेजा था।
- भारत सरकार के सड़क एवं परिवहन मंत्रालय ने 2016 में इस प्रस्ताव को मंजूरी दी थी। बाद में सुरंग को बीआरओ अधिकारियों की मौजूदगी में तीन चरणों में सर्वेक्षण किया गया।
- 2019 में, Surve रिपोर्ट के अनुसार, भारत सरकार ने सुरंग को ऑलवेदर रोड परियोजना के दूसरे चरण में जोड़ा।
- सुरंग और अलकनंदा नदियों पर पुल बनाने के लिए 200 करोड़ रुपये की सैद्धांतिक अनुमति दी।
- अंतिम डीपीआर के आधार पर पुल और सुरंग का बजट 156 करोड़ रुपये था।