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नोएडाः दुर्घटना, लापरवाही या कुछ और? निर्माण स्थल के गड्ढे में डूबने से छात्र हर्षित की मौत ने कई महत्वपूर्ण प्रश्न उठाए

Noida Sector 94 में एक विद्यार्थी डूब गया: नोएडा के सेक्टर-94 में एक निर्माणाधीन स्थान पर एक विद्यार्थी गहरे पानी में डूब गया। यह संदिग्ध बताने पर परिवार ने कई सवाल उठाए हैं।

नोएडाः पूरा मामला चर्चा में है क्योंकि उत्तर प्रदेश के नोएडा के सेक्टर-94 में एक निर्माणाधीन साइट पर भरे पानी में डूबकर एक छात्र हर्षित की मौत हुई। पुलिस कहती है कि यह नहाने के दौरान हुआ था, लेकिन परिवार इस बात को मानने को तैयार नहीं है। ‘जो तैरना जानता था, वह पानी में कैसे हार गया?’ परिवार ने पूछा।अब मामला दुर्घटना, लापरवाही या कुछ और से जांच किया जा रहा है।

पड़ोसी कहते हैं कि वह तैराक था, तो फिर कैसे डूबा?

मृतक की मां और परिवार के अन्य लोगों का कहना है कि हर्षित एक अच्छी तैराक थी और वह बहुत फिजिकल ट्रेनिंग प्राप्त कर चुकी थी। ऐसे में वे साधारण पानी में डूबने की बात पर विश्वास नहीं करते। परिजनों ने यह भी पूछा है कि अगर वह नशे में था तो दोस्तों ने उसे पानी में उतरने देने का क्या कारण था? वह खुद कूद गया या किसी कारण से?

परीक्षा के बाद दोस्तों के साथ उत्सव मनाया

प्राप्त जानकारी के अनुसार, हर्षित ने अपने सेमेस्टर के अंतिम पेपर के बाद दोस्तों के साथ एक पार्टी में भाग लिया था। उसकी पसंदीदा पिकनिक जगह सेक्टर-94 के निर्माण स्थल में थी। 7 मार्च और 11 मार्च को वह दोस्तों के साथ यहां आ चुका था। अब यह स्थान उसकी अंतिम स्मृति बन गया है, जैसा कि उसके इंस्टाग्राम खाते पर कई तस्वीरें दिखाते हैं। 8 अप्रैल को भी परीक्षा खत्म होने के बाद वह दोस्तों के साथ इसी जगह पहुंचा था, जहां यह दुर्घटना हुई थी।

पानी में जिद कर उतर गया था

हर्षित ने घटना के दौरान पानी में उतरने की जिद की, पुलिस ने बताया। वह कपड़े उतारकर पानी में उतर गया, भले ही उसके दोस्तों ने उसे रोका होता। शुरू में वह किनारे पर नहाता रहा, लेकिन बाद में गहरे में चला गया। बताया जाता है कि गड्ढे के नीचे घास और दलदल होने के कारण वह अचानक डूबने लगा। उसे बचाने के लिए हिमांशु और व्यास ने पानी में कूदकर भी उसे बाहर नहीं निकाला।

80 फीट गहरे गड्ढ में कोई सुरक्षा इंतजाम नहीं

स्थानीय लोगों का कहना है कि निर्माण स्थल में लंबे समय से बारिश और सीवेज का पानी जमा रहता है। गड्ढे की गहराई लगभग आठ सौ फीट बताई जाती है। यह प्लॉट नोएडा अथॉरिटी का बताया जाता है, लेकिन यहां कोई बैरिकेडिंग या चेतावनी बोर्ड नहीं लगाए गए, जिससे जगह खतरनाक हो गई।

वह प्रसन्न और मिलनसार था कि उनका हर्षित

हर्षित बहुत खुशमिजाज और मिलनसार व्यक्ति था, परिवार ने कहा। उसे दोस्तों के साथ घूमना और नए स्थानों पर जाना अच्छा लगता था। वह सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव रहता था, जिसकी प्रोफाइल पर सेक्टर-94 की कई तस्वीरें हैं।

घर में सबसे बड़ा बेटा था, पिता सेना में था

पुलिस ने बताया कि हर्षित दो भाइयों और एक बहन का सबसे छोटा भाई था। लद्दाख में भारतीय सेना में तैनात उसके पिता हैं। घटना के समय नोएडा के ऋषि और दिल्ली के हिमांशु व्यास उसके दोस्त थे। हिमांशु ने घटना को पुलिस को बताया।

कॉल रिकॉर्ड और टाइमलाइनों की जांच कर रहे हैं

सेक्टर-113 थाना पुलिस ने सूचना मिलते ही घटनास्थल पर पहुंचकर शव को गोताखोरों की मदद से निकाला। मरने वाले का शरीर पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया है। पुलिस मोबाइल लोकेशन, कॉल रिकॉर्ड और दोस्तों के बयान की जांच कर रही है ताकि पूरी घटना की टाइमलाइन स्पष्ट हो सके।

वर्तमान समय में गंभीर प्रश्न उठ रहा

इस पूरे मामले में बहुत सारे महत्वपूर्ण प्रश्न उठ रहे हैं:

  • गहरे पानी में एक प्रशिक्षित तैराक का डूबना कैसे हुआ?
  • क्या उसका पैर गड्ढे में मलबे या दलदल में फंस गया था?
  • क्या पानी में कोई जहरीला तत्व या करंट था?
  • दोस्तों के बयान में कोई अंतर बात हो रहा है?

नोएडा अथॉरिटी पर अनियमितता के आरोप लग रहा

नोएडा प्रशासन पर गंभीर लापरवाही का आरोप स्थानीय निवासियों और परिजनों ने लगाया है। उनका कहना है कि यह हादसा टाला जा सकता था अगर सुरक्षा उपायों या बैरिकेडिंग पहले से किया गया होता। इस घटना के बाद अथॉरिटी के वर्क सर्कल के अधिकारियों की भूमिका भी विवादित है।

हत्या की आशंका से इंकार नहीं, जांच के घेरे में कई एंगल

साथ ही, पीड़ितों ने हत्या की भावना को पूरी तरह से दूर नहीं किया है, निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए। पुलिस अभी हर पक्ष को जांच कर रही है, लेकिन जांच के बाद ही पता चलेगा कि हादसा, लापरवाही या साजिश क्या था।

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