Skip to content

पिकअप  को किसी काम के वास्ते  घर से निकाल , फिर पिता और बेटे की मृत शरीर, हाईवे के किनारे पड़ी मिली , संभल में डबल मर्डर की खबर फैलने से सनसनी फ़ैल गई

Sambhal दोहरी हत्या: संभल में पिकअप वाहन लूटने के बाद बदमाशों ने बेरहमी से पिता और पुत्र को मार डाला। गांव में शव पहुंचते ही लोग क्रोधित हो गए।

संभल : 2 अप्रैल से लापता चल रहे पिता और बेटे की लाश उत्तर प्रदेश के संभल में मिलने से सनसनी फैल गई है। मेरठ-करनाल हाईवे के किनारे शामली में नरेश कुमार और उनके बेटे भीमसेन की लाशें मिली हैं। पिकअप वाहन लूटने के बाद बदमाशों ने दोनों को बेरहमी से मार डाला और शवों को सुनसान स्थान पर फेंक दिया गया है।

2 अप्रैल की शाम को किसी अज्ञात व्यक्ति से फोन आया था, परिजनों ने बताया। उसने मजदूर लाने के बहाने पिकअप बुक की। नरेश ने महिंद्रा बोलोरो पिकअप को अपने बेटे भीमसेन के साथ घर छोड़ दिया। रात करीब दस बजे, अपनी अंतिम बातचीत में, उन्होंने अपने घरवालों को बताया कि वे मेरठ के गढ़ टोल प्लाजा में हैं। दोनों के मोबाइल फोन बाद में बंद कर दिए गए, लेकिन कोई जानकारी नहीं मिली।

हाइवे किनारे पुलिस ने खोज अभियान चलाया

ग्रामीणों ने आक्रोशित होकर अपर पुलिस अधीक्षक (ASP) से मुलाकात की क्योंकि उनके पिता और बेटे को पांच दिनों तक पता नहीं चला। ग्रामीणों ने पुलिस की लापरवाही का आरोप लगाते हुए तुरंत कार्रवाई की मांग की। ASP ने मामले की गंभीरता को देखते हुए शामली पुलिस की कई टीमें बनाईं। पुलिस ने हाईवे क्षेत्र में व्यापक खोज अभियान चलाया।

गाँव भर में शोक का माहौल

पुलिस की कार्रवाई के बाद मेरठ-करनाल हाईवे किनारे से दोनों पिता-पुत्र के शव शामली में बरामद किए गए। मृत्यु कई दिन पुरानी बताई जाती है, इसलिए शक है कि वारदात उसी रात हुई थी। पुलिस लूट की ओर देख रही है। पूरे शहर में शोक छा गया जब दोनों शव घर पहुंचे। गांव में शांति है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। ग्रामीणों में बहुत रोष है। वे आरोपियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार करने की मांग कर रहे हैं। पुलिस ने कहा कि टीमें लगातार काम कर रही हैं और जल्द ही दोहरे हत्याकांड का खुलासा होगा और दोषियों को पकड़ लिया जाएगा।

SP विधायक ने 50 लाख रुपये की सहायता की मांग की

सपा विधायक राम खिलाड़ी यादव ने दोहरे हत्याकांड पर एक बयान दिया है। उन्होंने मुख्यमंत्री से मृतक परिवार को 50 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने का आग्रह किया और पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाया। साथ ही उन्होंने घोषणा की कि वे एक लाख रुपये की मदद करेंगे। जैसे ही पिता-पुत्र के शव गांव पहुंचे, माहौल दुखी और क्रोधित हो गया। ग्रामीणों ने क्रोधित होकर डीएम, एसपी और पुलिस अधिकारियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। गांव वालों का कहना है कि घटना टल सकती थी अगर समय रहते कार्रवाई होती। ग्रामवासी हत्यारों को फांसी देने की मांग कर रहे हैं।

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *