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किसान परिवारों की अलीगढ़ी उम्मीदों पर आसमानी बिजली कि प्रकोप, राधा की अलीगढ़ में मौत, नए कपड़े का सपना बन के रह गया खाक

Aligarh Radha की हत्या का मुद्दा: अलीगढ़ में किसान परिवार की उम्मीदों पर आसमानी बिजली की कहर। गेहूं को बेचा उनके बाद पिता से नए कपड़े कि मांग कर रही थीं , लेकिन बिजली कि हादसा ने ले ली जान

अल्लीगढ़: उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ के किसान परिवार से पूछिए कि सपनों का मिट्टी में मिल जाना और उम्मीद का टूटना क्या होता है। आसमानी मार से फसल को बचाने के लिए यह परिवार खेतों में उतर गया, लेकिन अपने एक सदस्य को बचाने में असफल रहा। परिवार ने सोचा था कि फसल अच्छी हुई तो घर में पैसे आएंगे। नए कपड़े खरीदेंगे, लेकिन इन सब उम्मीदों पर बिजली की कमी ने ‘वज्रपात’ कर दिया। मामला अलीगढ़ के जवां क्षेत्र का है। रविवार शाम, इस स्थान पर बिगड़े मौसम में गेहूं की फसल बचाने में जुटे एक किसान परिवार पर बिजली गिरी। किसान की 15 वर्षीय बेटी राधा इससे मर गई।आसमानी बिजली से परिवार के अन्य सदस्य बच गए।

किसान ने बताया घटना के बारे में

आसमानी आपदा का वर्णन कस्बा जवां के किसान विजय सिंह ने किया। उनका कहना था कि परिवार को भोजन देने के लिए हमने पट्टे पर पांच बीघा जमीन ली थी। यहाँ गेहूं बोया गया था। अब फसल पककर तैयार हो गई थी, लेकिन कुछ दिन से खराब मौसम के कारण फसल खराब होने की आशंका बढ़ गई। रविवार को भी किसान परिवार का दिल धड़कने लगा जब वे आसमान में बादलों की लहरों को देखते थे।

Vijay Singh ने कहा कि हमारे परिवार ने गेहूं की फसल को काटने का फैसला किया। विजय सिंह खेत में गेहूं की फसल काटकर जमा करते हुए अपनी पत्नी रानी, दोनों बेटियों स्वीटी (18 वर्ष), राधा (15 वर्ष) और विकास (12 वर्ष) के साथ काम कर रहे थे। दोपहर बाद मौसम अचानक बदलने लगा। विद्युत प्रवाह होने लगा।

शाम को खेत में अचानक बिजली कि कहर पड़ी

हम तेजी से काटी गई फसल को जमा कर रहे थे, विजय सिंह ने बताया। बारिश से बचाने का प्रयास कर रहे थे। खेत में शाम चार बजे बिजली गिरी। कुछ भी समझ में नहीं आया। तेज प्रकाश इतना तेज था कि पलक झपक भी नहीं पाए। हमारे चेहरे पर अंधेरा छा गया। जब कुछ दूर पर राधा को तड़पते देखा, आसपास के कुछ किसान और परिवार वाले उधर दौड़े।

अस्पताल में ले जाया गया था, वही पर मर गई

बिजली गिरने से राधा बहुत झुलस गई। वह अनजान थी। हादसे की सूचना मिलते ही परिवार का बाकी हिस्सा भी वहाँ पहुंचा। राधा को तुरंत एक निजी हॉस्पिटल में इलाज के लिए ले गए। उसकी स्थिति गंभीर होने पर उसे अस्पताल भेजा गया। राधा को मेडिकल कॉलेज लाए जाने पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। बच्ची की मौत के बाद परिवार शोक में डूबा हुआ था।

बेटी नए कपड़े खरीदना चाहती थी

राधा की मृत्यु के बाद, सब कुछ गमगीन हो गया जब उसकी मां रामबेटी ने चीत्कार लगाई। हमारी बच्ची बहुत अच्छी थी, वह प्यार से कहती दिखीं। वह अपने पिता की प्यारी पुत्री थी। सुबह कहा कि वह नए कपड़े खरीदेंगे अगर फसल बच जाएगी। परमेश्वर ने मेरी बच्ची को छीन लिया था। राधा, यानी बुलबुल, घर पर ही मर गया। घटना की सूचना मिलते ही घर के बाहर भीड़ उमड़ पड़ी। सब परिजन लोग रोए।

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