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चित्तौड़गढ़ रोडवेज को 1 अप्रैल से सांवलिया सेठ की सेवाओं में परिवर्तन होगा, नई बसों का आगमन

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की 207 बसों में से 7 नई बसें चित्तौड़गढ़ डिपो में पहुंच चुकी गईं हैं। लंबे समय से बसों की कमी से जूझ रहे इस डिपो में अब कुल 67 बस हैं। 1 अप्रैल से पुराने रूटों, खासकर श्री सांवलिया सेठ रोड पर बसें फिर से चलने लगेंगी।

चित्तौड़गढ़: शक्ति और भक्ति की नगरी चित्तौड़गढ़ में रहने वालों को खुशी की ‘हरी झंडी’ मिली है। चित्तौड़गढ़ डिपो के बेड़े में सात नई बसें आ गई हैं, जो लंबे समय से रोडवेज बसों की कमी से जूझ रहे हैं। राजस्थान दिवस पर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने प्रदेश को दी गई 207 बसों में से ये 7 ‘रत्न’ चित्तौड़गढ़ में पहुंचे हैं। 1 अप्रैल से, यात्रियों को अन्य राज्यों और जिलों से सीधी कनेक्टिविटी मिलेगी, साथ ही पुराने रूट भी फिर से खुलेंगे।

तैयारी का परिणाम मीठा है: 60 से 67 की संख्या बढ़ी

नई बसों की कमी पिछले कुछ समय से चित्तौड़गढ़ डिपो में थी। डिपो को कई बार डिमांड भेजने के बावजूद खाली हाथ रहना पड़ा, जिससे कई महत्वपूर्ण रूट बंद करने पड़े। खटारा बसों और उनकी कम संख्या के कारण यात्रियों को निजी बसों पर निर्भर करना पड़ा। लेकिन आज हालात बदल गए हैं। सात नई बसों के आने से डिपो में कुल 67 बसें हैं। यात्रियों को अप्रैल के पहले दिन से ही नई सीटें और सुविधाजनक सफर का आश्वासन देने के लिए रोडवेज प्रशासन अब युद्धस्तर पर सौदे बना रहा है।

सांवलिया सेठ के श्रद्धालुओं की इच्छा पूरी होगी

पूरे बेड़े में चित्तौड़गढ़-सांवलियाजी रूट की चर्चा सबसे अधिक है। स्थानीय लोगों ने लंबे समय से सरकारी बस की मांग की थी क्योंकि कृष्णधाम सांवलियाजी में उमड़ने वाले श्रद्धालुओं के सैलाब को देखते हुए उन्हें बहुत कुछ चाहिए था। अब जनप्रतिनिधियों को दिए गए हजारों ज्ञापनों का असर दिखने वाला है। रोडवेज अधिकारियों ने बताया कि सांवलियाजी रूट पर यात्रीभार और पर्यटकों की सुविधा को प्राथमिकता दी जाएगी। इससे न केवल स्थानीय लोगों को बल्कि विदेशों से आने वाले पर्यटकों को भी आसान और सस्ता परिवहन मिलेगा।

कनेक्टिविटी का एक नया स्तर

वर्तमान में, रोडवेज प्रशासन इन नई बसों के लिए रूट चार्ट बना रहा है। कोशिश यह है कि बसों की कमी के कारण महीनों से बंद पड़े रूटों को अधिक प्राथमिकता दी जाए। 1 अप्रैल से शुरू होने वाले इस नए ट्रेन से मध्य प्रदेश और गुजरात जैसे पड़ोसी राज्यों के सीमावर्ती शहरों से चित्तौड़गढ़ की कनेक्टिविटी भी सुधरेगी। चित्तौड़गढ़ डिपो के अधिकारियों का कहना है कि इन बसों के संचालन से राजस्व में बढ़ोतरी होगी और आम जनता का रोडवेज पर भरोसा फिर से बढ़ेगा।

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