भाजपा ने उत्तर प्रदेश में नवरात्र के बाद संगठन में बड़े बदलाव किए; जल्द ही मंत्रिमंडल विस्तार और सरकार-संघ की चर्चा

Uttar Pradesh BJP ने कहा: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित् यनाथ के आवास पर दो चरणों में समन् वय बैठक हुई। इसमें कई विषयों पर चर्चा कि गई।

लखनऊ: नवरात्र के बाद उत्तर प्रदेश भाजपा संगठन में महत्वपूर्ण परिवर्तन होंगे। मंत्रिमंडल भी जल्दी बढ़ सकता है। इसके लिए संघ, सरकार और पार्टी ने चर्चा तेज कर दी है। शुक्रवार को बैठकों का लंबा दौर चला, जिसमें अगले वर्ष होने वाले विधानसभा चुनाव भी शामिल थे। दो चरणों में समन्वय बैठक मुख्यमंत्री आवास पर हुई। विश्व संवाद केंद्र पर पहले संघ और भाजपा के पदाधिकारियों ने बैठक की गई।

दिसंबर में प्रदेश अध्यक्ष चुने जाने के बाद से ही, पंकज चौधरी लगातार प्रदेश का संगठन बनाने में लगे हुए हैं। वह सभी जिलाध्यक्षों के बाद प्रदेश महामंत्री संगठन धर्मपाल के साथ बैठकें कर रहे हैं। वह पहले ही ब्रज और पश्चिम क्षेत्र की कार्यकारिणी को फाइनल करने के लिए बैठकें कर चुका है। इसी हफ्ते बाकी क्षेत्रों की कार्यकारिणी भी फाइनल होने की उम्मीद है। प्रदेश कार्यकारिणी भी अंतिम रूप देने के लिए मंथन में है।

चुनौतियों का समाधान करें

वर्तमान समस्याओं का खासकर समाधान निकालने पर विचार किया गया। यूजीसी, शंकराचार्य और पार्टी नेताओं की जातीय बैठके भी इसी संदर्भ में उठी। यह चर्चा हुई कि इन समस्याओं को जल्द ही हल करने और एक स्पष्ट राह बनाने की जरूरत है।

संघीय विधानसभा क्षेत्र की दृष्टि

बैठक में अगले साल होने वाले लोकसभा चुनाव की भी चर्चा हुई। इसके लिए संघ और भाजपा के अलग-अलग कार्यक्रमों को सक्रियता से चलाने पर जोर दिया गया। विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से चुनाव प्रचार को तेज करने की भी चर्चा हुई। साथ ही, अभी से सभी विधानसभाओं में भाजपा और सघ के पदाधिकारियों की नियुक्ति पर चर्चा हुई है ताकि घर-घर तक वोटरों पर नियंत्रण बनाया जा सके।

बोर्डों और आयोगों में रिक्त पदों को भरेंगे

बहुत से आयोगों और बोडों में जगह नहीं है। इनमें पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को प्राथमिकता दी जाएगी जो संगठन में जगह नहीं पाते हैं या वरिष्ठ पदाधिकारियों को हटाया जाता है।

दिनभर की बैठक का दौर जाने

शुक्रवार को हुई समन्वय बैठक में भाजपा, संघ और सरकार ने कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की। मुख्यमंत्री आवास पर दो चरणों में हुई इस बैठक में प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी, प्रदेश महामंत्री संगठन धर्मपाल सिंह, संघ के सह सर कार्यवाह अरुण कुमार, दोनों डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक और केशव प्रसाद मौर्य भी शामिल हुए।

जातीय और क्षेत्रीय संतुलन बनाने की योजना

इसमें प्रदेश कार्यकारिणी पर भी चर्चा हुई, सूत्रों ने बताया। कार्यकारी दल में नए सदस्यों की नियुक्ति पर चर्चा हुई। यह भी विचार किया गया कि मंत्रिमंडल, राष्ट्रीय कार्यकारिणी और कई आयोगों और बोर्डों में कुछ पुराने पदाधिकारी शामिल हो सकते हैं। कार्यकारिणी में जातीय और क्षेत्रीय समानता भी चर्चा हुई। विशेष रूप से ओबीसी, दलित और महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने पर चर्चा हुई। प्रदेश कार्यकारिणी इस महीने के अंत तक घोषित होनी चाहिए।

मंत्रिमंडल में कुछ संगठन से जाएगा

साथ ही, कार्यकारिणी के बाद मंत्रिमंडल के विस्तार पर चर्चा हुई। मंत्रिमंडल में संगठन से कुछ लोग शामिल होंगे। यूपी में इस समय 54 मंत्री हैं, उनमें से एक है मुख्यमंत्री येगी आदित्यनाथ। सरकार में 60 मंत्री हो सकते हैं। पिछले लोकसभा चुनाव के बाद दो मंत्री सांसद बने हैं। उनका स्थान रिक्त है। अब जितिन प्रसाद, जो पहले पीडब्ल्यूडी मंत्री थे, लोकसभा में प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। राजस्व राज्यमंत्री अनूप प्रधान वाल्मीकि भी लोकसभा में पहुंचे हैं। मंत्रिमंडल में स्थान मिलने की उम्मीद है, जिसमें पूर्व प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी भी शामिल हैं।

संबंधित संगठनों के साथ समन्वय

CM आवास पर दो बैठकों से पहले विश्व संवाद केंद्र पर एक और बैठक हुई। इसमें प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी, प्रदेश महामंत्री संगठन धर्मपाल सिंह, संघ के सह सरकार्यवाह अरुण कुमर, क्षेत्रीय प्रचार प्रमुख कृपाशंकर भाजपा, सरकार के साथ समन्वय का कार्य देख रहे महामंत्री अमर पाल मौर्य और गोविंद नारायण शुक्ल भी शामिल थे। इसमें संघ के अनुसंधान संगठनों के मुद्दों का समन्वय भी था। पार्टी और सरकार ने कई मुद्दों पर समझौता करने का प्रयास किया।

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