Durandhar २: दंड की राजनीति: धुरंधर फिल्म में माफिया डॉन से नेता बने अतीक अहमद का किरदार निभाने पर उत्तर प्रदेश से बिहार तक राजनीतिक घमासान हुआ है। NDA इसे हकीकत के करीब बता रहा है, जबकि समाजवादी पार्टी और यूपीए के घटक दल इसे राजनीतिक बता रहे हैं।
नई दिल्ली/पटना: राजनीतिक गलियारों में हाल ही में रिलीज हुई फिल्म “धुरंधर 2” में गैंगस्टर से नेता बने अतीक अहमद के किरदार और उनके पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई से कथित संबंधों को दिखाए जाने के बाद बहस तेज हो गई है। विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं ने इस फिल्म को लेकर अपने विचार व्यक्त किए हैं, जबकि कुछ नेता फिल्म से जुड़े सवालों से असहमत दिखते हैं।

फिल्म में रामकृपाल यादव ने क्या गलत दिखाया?
बिहार के मंत्री राम कृपाल यादव ने धुरंधर 2 फिल्म का समर्थन किया। “फिल्में समाज में होने वाली घटनाओं को ही बताने का काम करता हैं और लोगों के सामने सच को रखने का उजागर करती हैं,” उन्होंने कहा। संसद के दौरान मैं अतीक अहमद को जानता था और उनके करीब से देखा था। यदि उनकी कहानी फिल्म में दिखाई जाए तो इसमें कोई बुराई नहीं है। फिल्म को अच्छा दर्शकों का रिस्पॉन्स मिल रहा है, यहां तक कि ब्लैक टिकट भी बिक रहे हैं। फिल्म के कलाकारों, प्रोड्यूसर और निर्देशक को मेरी शुभकामनाएं।’
अपराधी को महिमामंडित करने पर गलत संदेश दिया गया: जेडीयू
जेडीयू प्रवक्ता नीरज कुमार ने इस मामले पर संतुलित रुख को अपनाया गया “ फिल्में में मुझे कोई रूचि नहीं , लेकिन अब सेंसर बोर्ड की जिम्मेदारी है कि वह तय करे कि क्या दिखाना सही है।” फिल्म अगर नियमों के तहत बनाया गया है , तो कोई समस्या नहीं है, लेकिन अगर एक अपराधी को महिमामंडित किया जाता है, तो यह समाज को गलत संदेश दे सकता है।”
मैं फिल्म के बारे में नहीं जानता—एसपी सांसद
जब मुरादाबाद से समाजवादी पार्टी की सांसद रुचि वीरा से इस विषय पर सवाल किया गया, तो वह सीधे उत्तर देने से बचती नजर आईं। उन्होंने सबसे पहले देशवासियों को आने वाली ईद की मुबारकबाद दी और कहा, “आज खुशी और त्योहार की बात करनी चाहिए।” मैं इस फिल्म को नहीं जानता।वह फिर कार में बैठ गई और कैमरे से बच गई।
राजीव राय ने कहा कि ये राजनीतिक बहस का एक हिस्सा हैं
Dhurandhar 2 The Revenge, दूसरी ओर, समाजवादी पार्टी के सांसद राजीव राय ने बहुत बुरी तरह से नकार दिया। उनका दावा था कि ऐसी फिल्में राजनीतिक बहस का हिस्सा हैं। भाजपा ने कहा कि उसके पास एक ऐसी मशीनरी है, जो अपनी मनगढ़ंत कहानियों के आधार पर फिल्में बनाती है। Film लोगों के मन में एक विशिष्ट धारणा बनाने का प्रयास करते हैं।शिवसेना के प्रवक्ता शाइना एनसी ने कहा, “यह बहस का हिस्सा हो सकता है कि धुरंदर 2 द रिवेंज फिल्म प्रोपेगेंडा है या नहीं, लेकिन बॉलीवुड का मुख्य उद्देश्य लोगों का मनोरंजन करना है। किसी भी ऐसी बात नहीं होनी चाहिए जिससे बहस हो या किसी की भावनाएं आहत हों।’
योगी ने कहा कि सरकार फिल्में बनाने का काम नही करती
‘फिल्में सरकार नहीं बनाती, बल्कि फिल्ममेकर बनाते हैं,’ उत्तर प्रदेश के मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने कहा। फिल्म बनाने वाले केवल वही दिखाते हैं जो उन्हें लगता है कि दर्शकों को पसंद आएगा और फिल्म सफल होगी।’
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