Siddhi SDM: सीधी में घरों को तोड़ने के खिलाफ लोगों ने एसडीएम के पैर पकड़ लिया । यह देखकर एसडीएम राकेश शुक्ला वहा से वापस आ गए। उनका कहना था कि कोई कार्रवाई न्यायालय की आज्ञा के बिना नहीं हो सकती।
सीधी: MP का एक सीधा वीडियो वायरल हो रहा है। वीडियो में गोपद बनास एसडीएम का पैर एक व्यक्ति ने अपनी गुहार लेकर पकड़ लिया है। एसडीएम ने इसे देखते ही वहां से वापस चले गए। पीड़ितों का कहना है कि हमारा घर कॉम्पलेक्स निर्माण के लिए गिरा जा रहा है। हालाँकि एसडीएम इसे अनदेखा कर रहे हैं। उनका दावा है कि मामला अभी कोर्ट में है।

एसडीएम के पैर को पकड़ लिया गया
शहर के सम्राट पृथ्वी चौक के पास डीजे प्लाजा और शॉपिंग कॉम्पलेक्स बन रहे हैं। आरोप है कि निजी घरों और PM आवासों को इसके लिए गिराया जा रहा है। इसके लिए पीड़ित लोगों के घरों के आसपास गड्ढे खोद दिए गए हैं। शिकायत के बाद जनसुनवाई के लिए यहां पहुंचे गोपद बनास एसडीएम ने पैर पकड़ लिए। वह भी कार के आगे बैठ गया। एसडीएम फिर वहां से चले गए।
ये मुद्दा है पूरा पढ़िए
ठेकेदारों द्वारा सीधी शहर के सम्राट पृथ्वीराज सिंह चौक के निकट पुर्नघनत्वीकरण योजना के तहत डीजे प्लाजा कॉम्प्लेक्स बनाया जा रहा है। कॉम्प्लेक्स बनाने से पहले यहां कुछ शासकीय आवास बने हुए थे। वहीं, कुछ क्षेत्रों में गरीब लोगों को पीएम आवास के तहत लाभ मिलता था, लेकिन जब शॉपिंग काम्प्लेक्स बनने की शुरुआत हुई, प्रशासन ने पूर्व में रहवासियों को हटाकर दूसरे स्थानों पर जमीन देने की घोषणा की थी।
रहवासी जाने को तैयार नहीं हुआ जाने
ठेकेदार ने घर के चारों ओर खाईनुमा गड्ढे खोद दिए, क्योंकि रहवासी जाने को तैयार नहीं थे। साथ ही दो या तीन कमरे ढहाए गए। पीड़ितों ने इसके बाद जगह-जगह शिकायत की है।मंगलवार को होगा जनसुनवाई में लोग अपने पूरे परिवार के साथ वहां पहुंचे। बाद में वहां गोपद बनास एसडीएम राकेश शुक्ला पहुंचे।
घर को नहीं गिराया जायेगा
पीड़ित ने इस दौरान उनका पैर पकड़ लिया। पीड़ित लोग एसडीएम की गाड़ी के आगे बैठ गए जब वह पैर छुड़वाकर वापस लौटने लगा। एसडीएम ने इसके बाद कहा कि कोई घर नहीं गिराया जाएगा।
पीड़ितों को सूचना दी गई
पीड़ितों को पिछले दिनों एक नोटिस मिला, जो गोपद बनास एसडीएम के हस्ताक्षर से जारी किया गया था, जिसमें बताया गया था कि मकान खंडहर हो गया है। एक हफ्ते में इनको हटा दें। उस पत्र को लेकर एसडीएम से पूछा गया, तो उन्होंने इनकार कर दिया। पीड़ितों ने ठेकेदार के गुर्गों पर धमकी और हत्या का आरोप लगाया है।
अब देखना दिलचस्प होगा कि शासन-प्रशासन आखिर पीड़ितों को किस तरह मदद करते हैं, या फिर ठेकेदार से मिलकर पीड़ितों का घर चोरी कर चुपचाप गिरा देते हैं। उस समय खाईनुमा गड्ढा खोदने का प्रकार यह स्पष्ट है कि ये मकान बरसात के दिनों में स्वयं गिर जाएंगे।
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