Sambhal समाचार: किसानों ने संभल में बंदरों के बढ़ते आतंक के बीच फसल बचाने के लिए एक अनोखा और आश्चर्यजनक उपाय निकाला है। यहां किसान खेतों में भालू की पोशाक पहनते हैं। बंदरों को फसल से दूर रखें।
संभल, सुनील मिश्रा: संभल के एक गांव में बंदरों के आतंक से परेशान किसानों ने फसल बचाने का एक अनोखा उपाय अपनाया है, जो सबके ध्यान में आया है। अब किसान खेतों में भालू के कपड़े पहनकर पहरा देते हैं। माना जाता है कि भालू खेत में आते ही बंदरों के झुंड डरकर भाग जाते हैं, जिससे फसल बच जाती है।

वास्तव में, किसानों के लिए फिरोजपुर गांव में बंदरों का आतंक एक बड़ी समस्या बन गया है। बंदरों के झुंड खेतों में लगी फसल पर धावा बोलते हैं और कुछ ही देर में महीनों की मेहनत को बर्बाद कर देते हैं। किसानों को आलू सहित कई फसलों को भारी नुकसान हुआ था। इसी समस्या से जूझ रहे किसान शमशाद ने बंदरों को भगाने का अनोखा तरीका खोजा। अब वे खेतों में पहरा दे रहे हैं, भालू की पोशाक पहनकर।
बंदरों को दूर से भागते देखा गया
जैसे शमशाद भालू की तरह खेत में पहुंचते हैं। उन्हें देखकर बंदर खेतों से भागने लगे। यह दृश्य भी शमशाद के साथ खेत पर पहुंचकर कैमरे में कैद हुआ। Dress पहनते ही बंदर खेतों में घूमते हुए वहां से भागते नजर आए। किसानों का कहना है कि भले ही यह तरीका अनौपचारिक लगे, लेकिन इससे उन्हें फसल बचाने में कुछ राहत मिल रही है।
ग्रामीणों की प्रतिक्रिया क्या थी?
शमशाद बताते हैं कि इलाके में बहुत से बंदर हैं। हाल ही में बंदर बच्चों से खाना छीन लेते हैं अगर वे हाथ में कुछ लेकर निकलते हैं। ऐसे में फसल बचाना और भी कठिन हो गया है। अब गांव के धर्मवीर, राजेंद्र, शमशाद और तस्लीम भी बंदरों से परेशान हो गए हैं और भालू के कपड़े खरीद चुके हैं। ग्रामीणों का कहना है कि वे अभी तक किसी अधिकारी से शिकायत नहीं की है और अपनी मेहनत की फसल बचाने के लिए स्वयं उपाय कर रहे हैं।
मजबूरी में ऐसा करना पड़ा।
धर्मवीर ने बताया कि गांव के लोग पिछले लगभग पांच महीनों से आवारा पशुओं और बंदरों से लड़ रहे हैं। खासतौर पर आलू की फसल को भारी नुकसान हुआ था। इसलिए मजबूरी में यह रास्ता अपनाना पड़ा। किसानों को कुछ राहत मिल रही है क्योंकि अब बंदर खेत में भालू की पोशाक देखकर नहीं आते।
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