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यूपी में अब सिर्फ 6,000 में बकरी पालन शुरू करें; सरकार दे रही है 54,000 रुपये की भारी सब्सिडी; जानें कैसे आवेदन करें

उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने पशुपालकों की आय दोगुनी करने और ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए एक बड़ी योजना बनाई है। अब राज्य का कोई भी नागरिक सिर्फ 6,000 रुपये की छोटी रकम से अपना ‘बकरी पालन’ (Goat Farming) व्यवसाय शुरू कर सकता है।

उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने पशुपालकों की आय दोगुनी करने और ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए एक बड़ी योजना बनाई है। अब राज्य का कोई भी नागरिक सिर्फ 6,000 रुपये की छोटी रकम से अपना ‘बकरी पालन’ (Goat Farming) व्यवसाय शुरू कर सकता है। पशुपालकों पर वित्तीय बोझ कम होगा क्योंकि सरकार इस योजना के तहत प्रति यूनिट 54,000 रुपये तक की सब्सिडी दे रही है।

54,000 सरकारी सहायता और 6,000 का निवेश

दस बकरी और एक बकरा सहित एक छोटी बकरी पालन इकाई बनाने का औसत खर्च लगभग 60,000 रुपये होता है। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा जारी की गई नवीनतम नीति के अधीन..।

कुल लागत: 60,000 रुपए (अनुमानित)सरकारी सब्सिडी (90%): 54,000 रुपएलाभार्थी का अंश (10%): मात्र 6,000 रुपए

योजना छोटे किसानों और बेरोजगार युवा लोगों को लक्षित करती है। DBT (Direct Benefit Transfer) विधि से मदद सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में भेजी जाएगी।

योजना का लाभ किसे प्राप्त होगा? (पात्रता मानदंड)

योजना का लाभ उठाने के लिए सरकार ने कुछ सरल शर्तों को निर्धारित किया है:

निवास: आवेदक उत्तर प्रदेश का स्थायी निवासी होना आवश्यक है।

जमीन की उपलब्धता: पशुओं को रखने के लिए एक छोटा शेड या पर्याप्त जगह चाहिए।

वर्ग: विभिन्न वर्गों में से कोई भी आवेदन कर सकता है, लेकिन प्राथमिकता अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST) और गरीबी रेखा के नीचे (BPL) परिवारों को दी जाएगी।

अनुभव: चयन की संभावना बढ़ जाती है अगर आवेदक को पशुपालन में प्राथमिक अनुभव या प्रशिक्षण प्रमाण पत्र है।

आवेदन प्रक्रिया: स्टेप-बाय-स्टेप गाइड

सरकार ने आवेदन प्रक्रिया को पारदर्शी और आसान बनाने के लिए ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों विकल्प प्रदान किए हैं:

Online आवेदन: उत्तर प्रदेश पशुपालन विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर, आवेदक ‘बकरी पालन योजना’ लिंक पर क्लिक कर सकते हैं। यहां आपको आधार कार्ड, यानी अपनी व्यक्तिगत जानकारी, और अन्य दस्तावेज अपलोड करने की आवश्यकता होगी।

ऑफलाइन स्रोत: फॉर्म अपने जिले के पशुपालन अधिकारी (CVO) कार्यालय या विकास खंड (Block) स्तर पर पशुपालन अधिकारी से लिया जा सकता है।

आवश्यक दस्तावेज: भूमि के दस्तावेज, आधार कार्ड, बैंक पासबुक की छायाप्रति और निवास प्रमाण पत्र

मुनाफे की गणना करें: क्यों यह सबसे अच्छा विकल्प है?

गाय को “गरीब गाय” कहा जाता है। इसके पालन में कम जोखिम और अधिक मुनाफा होता है। औषधीय गुणों से भरपूर बकरी का दूध हमेशा मांग में रहता है। ईद जैसे त्योहारों और मांस उद्योग के कारण बकरों की बिक्री से एकमुश्त बहुत पैसा मिलता है। सरकार इस योजना के माध्यम से अगले दो वर्षों में राज्य के लाखों परिवारों को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना चाहती है।

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