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ओवैसी ने कांग्रेस-DMK गठबंधन को तोड़ने पर तीखा प्रतिक्रिया दी: “मुसलमानों को सिर्फ वोट बैंक बनाकर नहीं रखा जा सकता”

कांग्रेस-DMK समझौता समाप्त: तमिलनाडु की राजनीति में दशकों से चल रहे कांग्रेस-डीएमके गठबंधन के टूटने के बाद बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। ओवैसी ने इस बीच एक नई बहस छेड़ दी है, जो मुसलमानों को स्वतंत्र राजनीतिक नेतृत्व की आवश्यकता पर जोर देता है।

नई दिल्ली: तमिलनाडु की राजनीति में आखिरकार कांग्रेस और द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (DMK) का गठबंधन खत्म हो गया। इस गठबंधन के टूटने से तमिलनाडु की राजनीति एक नए दौर में प्रवेश करती दिखती है, जहां अभिनेता थलपति विजय की पार्टी तमिलगा वेत्री कड़गम (TVK) तेजी से एक नई राजनीतिक ताकत बन रही है। राज्य की राजनीति धर्मनिरपेक्ष और द्रविड़ है।

AIMIM अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने इस मामले पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। ओवैसी ने एक्स पर पोस्ट करके मुस्लिम समुदाय को स्वतंत्र राजनीतिक नेतृत्व की जरूरत पर जोर दिया। उनका कहना था कि मुसलमानों, जो देश के सबसे बड़े अल्पसंख्यक समुदाय हैं, केवल ‘नाम के सेक्युलर’ दलों का मतदाता नहीं रहना चाहिए।

मुसलमान वास्तविक समानता चाहते हैं

ओवैसी ने उत्तर देते हुए कहा कि मुसलमानों को असली समानता, न्याय और सम्मान मिलना चाहिए। उनका कहना था कि मुसलमानों को लंबे समय से सेक्युलर राजनीति में सिर्फ वोट बैंक के रूप में इस्तेमाल किया गया है। AIMIM अध्यक्ष ने कहा कि मुसलमानों का स्वतन्त्र राजनीतिक नेतृत्व आने वाले समय में मजबूत होकर उभरेगा।

तमिलनाडु की राजनीति में महत्वपूर्ण परिवर्तन

वास्तव में, कांग्रेस ने अभिनेता थलपति विजय की पार्टी, तमिलगा वेत्री कड़गम (TVK) के नेतृत्व वाली तमिलनाडु की संभावित सरकार में शामिल होने के लिए DMK से अलग रास्ता चुना है। बताया जा रहा है कि इसी राजनीतिक बदलाव ने राज्य की राजनीति में एक नया विवाद पैदा किया है। कांग्रेस और DMK का गठबंधन राज्य की राजनीति में पिछले पांच दशक से अधिक समय से एक मजबूत पक्ष माना जाता है।

सोशल मीडिया पर छिड़ गई बहस

ओवैसी के बयान के बाद सोशल मीडिया में भी विवाद बढ़ा है। विरोधी पक्ष इसे विपक्षी एकता को कमजोर करने वाला बयान बताते हैं, लेकिन समर्थकों का कहना है कि मुस्लिम समुदाय को अपनी राजनीतिक आवाज मजबूत करनी चाहिए। यद्यपि, ओवैसी का यह बयान तमिलनाडु की बदलती राजनीति के बीच राष्ट्रीय राजनीति में भी चर्चा का विषय बन गया है।

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