कांग्रेस ने कहा कि मुसलमानों के वोट ही उसके पास हैं, यह दावा गलत है। पार्टी प्रवक्ता पवन खेड़ा ने कहा कि हिंदू-मुस्लिम आबादी के अनुपात में कांग्रेस के विधायक हैं।
नई दिल्ल्ली: कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा और हिमंत बिस्वा सरमा का विवाद हाल ही में चर्चा में है। सुप्रीम कोर्ट और दो-दो हाई कोर्ट में इस पर बहुत बहस हुई है। सुप्रीम कोर्ट से अग्रिम जमानत मिलने के बाद, पवन खेड़ा ने कांग्रेस के आधिकारिक प्रेस कांफ्रेंस में पहली बार बोलते हुए अपना स्वर पूरी तरह से बदल दिया था। असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने भी सरमा को अपना ‘दोस्त’ बताने की कोशिश की, लेकिन उनका नाम नहीं बताया।

मुसलमानों की आपको जरूरत नहीं है
यही नहीं, पवन खेड़ा ने उन आरोपों को दूर करने की कोशिश की है कि असम में कांग्रेस के 19 विजेता उम्मीदवारों में से सिर्फ 18 मुसलमान हैं। कांग्रेस को बंगाल में मिली दो सीटें भी मुसलमानों के खाते में गई हैं।
मुसलमानों के द्वारा कांग्रेस को दिया गया मत तो उन लोगों को शिकायत किया जा रहा
उन्होंने कहा, “मुसलमान देखता है कि बीजेपी हमारी जरूरत नहीं है..।”मुसलमान क्या देखते हैं और पार्टी में कौन लड़ता है..।राष्ट्रीय स्तर की सेक्युलर पार्टी, बदरुद्दीन अजमल की पार्टी या असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी लड़ रही है। मुसलमानों ने बीजेपी को छोड़ दिया, साथ ही बीजेपी की तरह की अन्य मुस्लिम पार्टियों को भी छोड़ दिया और सेक्युलर पार्टी को वोट दिया। उसके बारे में भी आपको शिकायत है। साहब, आपको क्या शिकायत है?’
मुस्लिम विधायक जनसंख्या के अनुपात में जानें
- कांग्रेस नेता ने बताया कि 664 विधायकों में 78% हिंदू और 12% मुसलमान हैं, जो लगभग समान आबादी का अनुपात है।
- कांग्रेस पार्टी के एक प्रवक्ता ने कहा कि 21वीं शताब्दी में ऐसी बात कहने से उनकी पार्टी भी शर्मिंदा है।
- कांग्रेस का आरोप है कि जहां मुसलमानों का वोट मिलता है, बीजेपी खुद को इठलाने लगती है।
- कांग्रेस को मुसलमानों का वोट मिलता है, लेकिन बीजेपी खुद कहती है कि मुसलमानों ने उसे वोट नहीं दिया।
- क्या कांग्रेस प्रवक्ता मानते हैं कि यह संविधान की भाषा है?
असम और बंगाल में 21 सांसदों में से 20 मुस्लिम हैं
- वास्तव में, कांग्रेस ने इस बार असम विधानसभा चुनाव में सिर्फ 19 सीटें जीती है, जिसमें 18 एमएलए मुसलमान हैं।
- इसी तरह, पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में उसे सिर्फ दो सीटें मिली हैं, और मुस्लिम प्रत्याशियों ने दोनों सीटों पर जीत हासिल की हैं।
असम में मामला दर्ज होने के बाद पहली प्रेस वार्ता
- असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की पत्नी रिंकी भुइयां सरमा ने कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा पर फर्जीवाड़ा और मानहानि के आरोपों में मुकदमा चलाया है।
- पवन खेड़ा ने इस मामले के बाद लगभग एक महीने तक मीडिया से दूरी बनाए रखी।
- जब उन्हें सुप्रीम कोर्ट से शर्तों पर अग्रिम जमानत मिली, तो वे पहली बार लोगों के सामने आए।
- पवन खेड़ा पर आरोप है कि उन्होंने रिंकी भुइंया के पास तीन अलग-अलग पासपोर्ट होने का झूठ बोल दिया और इसके लिए धोखाधड़ी का सहारा लिया।