गृह सुरक्षा नीति: यह पिछले हफ्ते की बात है। इंदिरापुरम दिल्ली एनसीआर में गाजियाबाद का एक व्यस्त शहर है। Gaur Green Avenue इंदिरापुरम में मेरठ एक्सप्रेसवे के किनारे स्थित है और अमीर-उमरा लोगों की बहुत सी दुकान है। पिछले बुधवार को सुबह-सुबह इसके टावर D में भयंकर आग लगी। उसमें आठ फ्लैट पूरी तरह से जल गए थे। बाद में पता चला कि इनमें से अधिकांश फ्लैट मालिकों ने घर का बीमा करवाया ही नहीं था।
Premiya Home Insurance: इस समय, दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु या हैदराबाद में करोड़ों रुपये के फ्लैट मिल रहे हैं। लोग करोड़ों रुपये का फ्लैट खरीद लेते हैं, लेकिन कुछ हजार रुपये का प्रीमियम पर मकान की बीमा पॉलिसी नहीं खरीदते। इंदिरापुरम में सब कुछ जलकर खाक हो गया, अब देखो। यह सिर्फ एक गोल निर्माण है। नए सिरे से घर बनाने में अब एक से डेढ़ करोड़ रुपये खर्च होंगे, जैसा कि वे बताते हैं। घर का बीमा क्यों करवाना चाहिए, इस बारे में जाज जनरल इंश्योरेंस में कॉमर्शियल अंडरराइटिंग के हेड गुरदीप सिंह बत्रा बता रहे हैं।

लोग मुगलाते हुए रहते हैं जानें
इंदिरापुरम की एक सोसाइटी में बुधवार (29 अप्रैल 2026) को आग लगी, जिसकी आरडब्ल्यूए ने एक बीमा कंपनी से 300 करोड़ रुपये का बीमा कवर लिया था। भूकंप, बाढ़ या किसी अन्य आपदा से बिल्डिंग स्ट्रक्चर को नुकसान होता है तो बीमा कंपनी उसे क्षतिपूर्ति देगी। क्योंकि समाज का बीमा है, लोगों को लगता है कि अलग बीमा पॉलिसी लेने का क्या मतलब है। लेकिन इस मामले में किसी भी फ्लैट ऑनर को बीमा कंपनी से छुटकारा नहीं मिलेगा। उसके डिजाइन में कोई बदलाव नहीं हुआ है क्योंकि इस आग लगने की घटना में केवल छोटे-छोटे जले हैं। वास्तव में, जो व्यक्ति अपने घर का अलग से बीमा करवा रखा है, उसे क्षतिपूर्ति दी जाएगी।
होम इंसोरेंस के बारे में जानें आखिर क्या हैं
भारत में आपकी संपत्ति का बीमा होम इंश्योरेंस पॉलिसी से मिलता है। चोरी होने पर आपको क्षतिपूर्ति मिलेगी यदि आपके घर में आग लग जाए या किसी दुर्घटना से घर के सामान को नुकसान हो जाए। यह जीवन बीमा से बिल्कुल अलग है, जो बीमा धारक की मौत पर ही भुगतान करता है। यह घर को क्षतिग्रस्त करने पर आपको क्षतिपूर्ति देता है। भारत की ‘गृह रक्षा पॉलिसी’ भी IRDAI, बीमा क्षेत्र का नियामक, ने बनाई है। इसमें घर में रखे सामान, दीवार, फ्लोरिंग, इलेक्ट्रिकल वायरिंग, प्लंबिंग, फिक्सचर, आदि का नुकसान होने पर क्षतिपूर्ति दी जाती है। यदि आप कुछ ऐड-ऑन करेंगे, तो इससे आपके गैरेज, वरांडा, कंपाउंड वॉल, रिटेनिंग वॉल, पार्किंग, सोलर पैनल, वाटर टैंक, इंटरनल रोड, प्रॉपर्टी की फिक्स्ड फिटिंग और अन्य क्षेत्रों की क्षतिपूर्ति होगी।
किस प्रकार के नुकसान होने पर क्षतिपूर्ति दिया जाता हैं
आपने अपने घर का बीमा करवा रखा है। गृह बीमा खरीदने वाले को आग लगने, विस्फोट, बिजली गिरने, भूकंप, तूफान, बाढ़, भू-स्खलन, दंगे, आतंकवादी घटना या वाटर टैंक के ऊपर गिरने या पानी के लीकेज से कोई नुकसान होने पर भी बीमा मिलता है। यदि घर नुकसान की वजह से कुछ महीनों के लिए रहने योग्य नहीं रह जाता, तो बीमा कंपनी उतने महीने का रेंटल इनकम लॉस भी देती है। यदि आप बाहर किराये पर रह रहे हैं और घर को फिर से तैयार कर रहे हैं, तो आप भी इसके लिए भुगतान करेंगे।
होम इंश्योरेंस प्रीमियम क्या है?
यदि आपने करोड़ों का घर खरीदा हो, तो उसका घरेलू बीमा मार्केट वैल्यू के बराबर नहीं होगा। आपके बीमाकृत घर को फिर से बनाने का खर्च बीमा पॉलिसी बताता है। इसमें मकान के कारपेट क्षेत्र, प्रति वर्ग मीटर बनाने की लागत, स्थायी फिक्सचर या किसी भी अतिरिक्त खर्च शामिल हैं। एक लाख रुपये के बीमा पर औसतन 10 रुपये प्रति वर्ष प्रीमियम लगता है। आप भी अपने घर की बाजार मूल्य पर बीमा कर सकते हैं।लेकिन उसका मूल्य कुछ अधिक होगा। स्टेंडर्ड इंश्योरेंस पॉलिसी पर कुछ ऐड-आन लेंगे तो अतिरिक्त प्रीमियम भी देना होगा।
अधिकांश लोग गलती करते हैं जानें
आप समझ ही सकते हैं कि भारत में कितने लोग घरेलू बीमा करवाते हैं जब सभी लोग जीवन बीमा नहीं करवाते हैं। इस समय केवल 1 से 2 प्रतिशत मकान मालिकों के पास होम इंश्योरेंस है क्योंकि लोगों को इसकी जानकारी नहीं है। छोटे मकानों में रहने वाले लोगों की राय क्या है? पुराने इलाकों में रहने वाले लोगों का मानना है कि आरडब्ल्यूए ने सैकड़ों करोड़ रुपये का बीमा लिया है। उन्हें अलग बीमा पॉलिसी लेने की क्या आवश्यकता है? वे इस गलती की कीमत चुकाते हैं अगर कभी अनहोनी होती है।