Jabalpur समाचार: जबलपुर के बरगी बांध में हुए क्रूज हादसे में 13 लोग मर गए हैं। रविवार को दो और लोगों की मौत होने से कोहराम मच गया। भयानक घटनाओं की तस्वीरें सामने आ रही हैं जो किसी को भी विचलित कर सकती हैं।
जबलपुर: गुरुवार शाम को बरगी बांध में आई भयानक आंधी अभी भी जारी है। रविवार सुबह, रेस्क्यू टीम ने चाचा-भतीजे के शव को पानी से निकालते ही मौके पर मौजूद हर व्यक्ति की आंखें भर आईं। अब तक 13 लोगों की मौत हुई है।

गुम हो गया कामराज के घर कि खुशियां और किलकारियां
कामराज का काम खमरिया फैक्ट्री में अपना अंतिम काम था। इस दुर्घटना ने उनके खुशहाल परिवार को बर्बाद कर दिया। कामराज की पत्नी, बेटा, तमिलनाडु से आई भाभी और भतीजा क्रूज पर थे। रविवार को कामराज (45) और उनके नौ वर्षीय भतीजे मयूरन का शरीर मिला। कामराज के वर्तमान माता-पिता हैं।
एक मां कि ममता को देखकर रेस्क्यू वाले आंसू बहाने लग गए
हादसे से प्रभावित दिल्ली निवासी मैसी परिवार की मरीना मैसी की कहानी ने सभी को भावुक कर दिया है। गोताखोरों ने मरीना को लाइफ जैकेट पहने देखा, लेकिन खुद को बचाने के बजाय अपने चार साल के बेटे को सीने से चिपका रखा। वह अपने लाडले को मरने तक बचाने की कोशिश करती रही।
किस तरह से हुआ हादसा जानिए
गुरुवार शाम करीब 6:15 बजे, बरगी सीएसपी अजुल अयंक मिश्रा ने बताया कि 60 से 70 km/h की रफ्तार से अचानक तूफान हुआ। पर्यटन निगम का क्रूज इतनी ऊंची लहरों से अनियंत्रित होकर पलट गया। सीसीटीवी फुटेज ने बताया कि क्रूज पर 43 लोग सवार थे।
कई परिवारों के घर में दुःख का माहौल बन गया जानिए
सोनी परिवार, चित्रित: बैंक कर्मचारी नीतू सोनी और उनके पांच वर्षीय बेटे विराज का निधन हो गया। चारों परिवारवासी सुरक्षित हैं।
सैयद का परिवार और नकबी: साथ ही भोपाल की शमीम नकबी और सिविल लाइन की रेशमा सैयद ने अपनी जान खो दी।
ज्योति श्रीवास: इस जलप्रलय ने फूटातालवासी ज्योति को भी मार डाला।फिलहाल, दो अन्य लापता व्यक्तियों की तलाश में गोताखोर और टीमें निरंतर सर्च ऑपरेशन चला रहे हैं।