2027 Jharkhand Census Self-Enumeration: 2027 तक झारखंड में स्व-गणना होगी। राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने लोक भवन में अपनी सूचना दी, वहीं मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने पत्नी कल्पना सोरेन के साथ सीएम आवास में अपनी सूचना दी। इसके साथ ही राज्य भर में हजारों लोगों ने स्व-गणना प्रक्रिया में भाग लेकर अपना विवरण दर्ज किया।
रांची: झारखंड की जनगणना-2027 के पहले चरण का शुभारंभ शुक्रवार को झारखंड के राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने लोक भवन, रांची में किया। इस अवसर पर, उन्होंने अनुसूची में अपनी जानकारी दर्ज कर इस राष्ट्रीय महत्व के काम में अपनी भागीदारी सुनिश्चित की। साथ ही, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने जनगणना-2027 के तहत अपनी स्व-गणना कांके रोड, रांची में पूरी की।

जनगणना नीति-निर्धारण और योजना बनाने में महत्वपूर्ण है
इस अवसर पर राज्यपाल ने कहा कि आंकड़ों का किसी भी देश या राज्य के विकास में बहुत महत्वपूर्ण योगदान होता है जब नीति-निर्धारण और योजना बनाते हैं। उन्होंने कहा कि जनगणना के माध्यम से विभिन्न सामाजिक-आर्थिक पहलुओं (जैसे जनसंख्या, परिवार की संरचना, आवासीय स्थिति) से संबंधित महत्वपूर्ण आंकड़े प्राप्त किए जा सकते हैं, जो विकासोन्मुख योजनाओं के निर्माण में सहायक सिद्ध होते हैं।
पहले चरण में 33 तरह के आंकड़े संकलित किए गए
जनगणना-2027 के पहले चरण में मकानसूचीकरण और घरों की गणना की जाएगी, जिसके तहत 33 प्रकार के आंकड़े बनाए जाएंगे। राज्यपाल ने राज्य के प्रत्येक नागरिक से कहा कि वे इस देशव्यापी महत्व के कार्य में सक्रिय रूप से भाग लेंगे। साथ ही जनगणना प्रगणकों को सही और विस्तृत जानकारी देकर उनका सहयोग करें।
विधायक कल्पना सोरेन भी वहां पर मौजूद थीं
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने इस अवसर पर सभी झारखंडियों से जनगणना-2027 की प्रक्रिया में अपनी महती जिम्मेदारी का निर्वहन करते हुए सक्रिय और उत्साहपूर्ण भागीदारी की अपील की। विधायक कल्पना सोरेन, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की धर्मपत्नी, मौके पर उपस्थित थीं।
16 मई से 14 जून तक चलने वाला दूसरे चरण का अभियान
इस दौरान, जनगणना विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को ऑनलाइन स्व-गणना पोर्टल पर पंजीकरण करने के लिए आवश्यक पूरी जानकारी दी। मुख्यमंत्री को जनगणना अधिकारियों ने बताया कि 01 मई से 15 मई तक स्व-गणना अभियान चलाया गया है। इसके बाद, 16 मई से 14 जून 2026 तक राज्य भर में मकान सूचीकरण और मकान गणना कार्य किया जाएगा। इस व्यापक जनगणना अभियान के दौरान, प्रगणक के साथ काम करने वाले कर्मचारी हर घर जाकर डेटा संकलित करेंगे। यह कार्य करने के लिए सभी जिलों में प्रशासनिक तैयारियां शुरू हो गई हैं।
CM: जनगणना आम लोगों के भविष्य को दिशा देगी
सीएम हेमंत सोरेन ने कहा कि जनगणना का लक्ष्य सिर्फ आंकड़े संकलन नहीं है, बल्कि आम लोगों के भविष्य को सही दिशा देना है। जनगणना राज्य सरकार की योजनाओं को योग्य लोगों तक और अधिक प्रभावी ढंग से पहुंचाने में मदद करेगी। मुख्यमंत्री ने जनगणना अधिकारियों से कहा कि क्षेत्रीय भाषाओं का ज्ञान रखने वाले पदाधिकारियों और कर्मियों को इस काम में शामिल करना चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि जनगणना-2027 का कार्य तकनीकी रूप से सराहनीय है। मुख्यमंत्री ने सभी नागरिकों से इस राष्ट्रीय जनगणना को सफल बनाने की अपील की।
जनगणना निदेशालय के निदेशक सहित अनेक अधिकारी उपस्थित रहे
भारतीय सरकार के निदेशक प्रभात कुमार, उपायुक्त रांची मंजूनाथ भजंत्री, नगर आयुक्त, रांची नगर निगम सुशांत गौरव, सहायक नगर आयुक्त राहुल यादव, जिला सांख्यिकी पदाधिकारी शेषनाथ बैठा, जनगणना कार्य निदेशालय के उप निदेशक केशया आर, सहायक निदेशक मुरारी मोहन और सांख्यिकी अधिकारी कौशल किशोर इस अवसर पर उपस्थित रहे।