सीएम धामी की अध्यक्षता में कैबिनेट बैठक ने उत्तराखंड के समग्र विकास का व्यापक रोडमैप बनाया है। शिक्षा से लेकर समाज कल्याण तक, सरकार ने हर वर्ग को प्रभावित करने का प्रयास किया है।
देहरादून: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखंड की कैबिनेट बैठक में 18 महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर मुहर लगाई है। इन निर्णयों का समाज कल्याण, शिक्षा और प्रशासन जैसे क्षेत्रों पर व्यापक असर होगा। धामी कैबिनेट ने मेले की व्यवस्थाओं को सुधारने के लिए महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। प्रदेश में 452 मदरसों को आधिकारिक मान्यता देने का प्रस्ताव पारित हुआ। अब सरकार पूर्व सैनिकों को मुफ्त कानूनी सहायता देगी। इसके अलावा, परिवहन, उद्योग और धार्मिक कार्यक्रमों पर कई नीतिगत निर्णय भी किए गए।

कैबिनेट ने राज्य की शिक्षा व्यवस्था में सुधार और सरकारी भर्ती प्रक्रिया में सुधार करने के दो बड़े निर्णय लिए हैं। इन निर्णयों का लक्ष्य छात्रों को आधुनिक शिक्षा से जोड़ना और पारदर्शिता बढ़ाना है। सरकार ने मदरसों को मुख्यधारा की शिक्षा से जोड़ने के लिए मान्यता के नियमों में बहुत बदलाव किया है। मदरसों को कक्षा 1 से 8 तक जिला स्तरीय समिति से मान्यता प्राप्त करनी होगी। मदरसों को कक्षा 9 से 12 तक उच्च विद्यालयों में जाना अनिवार्य है। ‘प्रतीक्षा सूची’ के नियमों में बदलाव किया गया है ताकि सरकारी नौकरियों की चयन प्रक्रिया अधिक पारदर्शी हो सके। किसी भी भर्ती के लिए जारी की गई प्रतीक्षा सूची अब केवल एक वर्ष तक मान्य होगी।
वन विभाग के कर्मचारियों की भर्ती नियमावली में बदलाव
राज्य के युवा और पूर्व सैनिकों के हित में धामी कैबिनेट ने विधिक सेवाओं और वन विभाग की भर्ती नियमावली में महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। विधिक सेवा प्राधिकरण नियमावली में बदलाव हुए हैं। अब राज्य के पूर्व सैनिकों को अदालती मामलों में सरकारी वकील और अन्य कानूनी सहायता आसानी से मिल सकेगी।
वन विभाग ने पारदर्शिता और दक्षता बढ़ाने के लिए योग्यता मानकों को बदल दिया है। अब वन दरोगा बनने के लिए इंटरमीडिएट की जगह स्नातक होना चाहिए। साथ ही, आरक्षित श्रेणी की आयु 18 से 25 वर्ष होगी, जबकि सामान्य श्रेणी की 21 से 35 वर्ष होगी।
अगले कुंभ मेले की तैयारियों को लेकर फैसला
कैबिनेट ने परिवहन, बुनियादी ढांचे और आगामी कुंभ मेले की तैयारियों को लेकर कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं, जो राज्य की वृद्धि और प्रशासनिक कार्यक्षमता को बढ़ा देंगे। उत्तराखंड परिवहन विभाग 359 नई बसें खरीदकर अपनी सेवाओं को बेहतर बनाएगा। साथ ही, विभाग के प्रवर्तन सिपाहियों को नई वर्दी (यूनिफॉर्म) मिली है। इसके अलावा, ‘डी’ श्रेणी के ठेकेदारों की कार्य सीमा को बढ़ाकर 1.5 करोड़ रुपये कर दी गई है, जो छोटे और स्थानीय ठेकेदारों को बहुत राहत दी है।
कुंभ कार्यों में तेजी लाने के लिए वित्तीय अधिकारों का विकेंद्रीकरण किया गया है। अब अधिकारियों को 1 करोड़ रुपये तक की परियोजनाओं को मंजूरी देने का अधिकार है। इसके अलावा, गढ़वाल आयुक्त को 5 करोड़ रुपये तक की परियोजनाओं को मंजूरी देने का अधिकार दिया गया है।
शिक्षा क्षेत्र में दीर्घकालीन निर्णय
कैबिनेट ने शिक्षा और आर्थिक नीतियों के क्षेत्र में भी कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। आबकारी (Excise) में शराब और संबंधित उत्पादों पर वैट (VAT) की दर को 12% से 6% कर दिया गया है। खनन से राजस्व बढ़ाने के लिए खनन पर 7 रुपये प्रति क्विंटल की रॉयल्टी दर को 8 रुपये कर दिया गया है। अब पाठ्यक्रम में विशेष रूप से शोध शामिल होगा।
इसके अलावा, दिव्यांग बच्चों की शिक्षा के लिए विशेषज्ञ शिक्षकों को नियुक्त करने की अनुमति दी गई है। वहीं, 52 पदों के लिए नई नियमावली बनाने का फैसला किया गया है। नई मौन पालन नीति को मंजूरी मिली है, जो वनों में मधुमक्खी पालन को बढ़ावा देगा और स्थानीय लोगों को रोजगार के नए अवसर देगा।