2026 में गुजरात चुनाव परिणाम: गुजरात स्थानीय निकाय चुनावों में रविंद्र जडेजा की बहन नयनाबा जडेजा ने बीजेपी की प्रचंड लहर में हारी। नयनाबा कांग्रेस के टिकट पर राजकोट नगर निगम चुनाव मैदान में उतरी थीं, लेकिन मंगलवार को उन्हें कुछ भी नहीं मिला। रिवाबा, बीजेपी से विधायक बनने के बाद रविंद्र जडेजा की पत्नी, गुजरात की राजनीति में मंत्री हैं।
अहमदाबाद: 2026 के गुजरात स्थानीय निकाय चुनाव में क्रिकेटर रविंद्र जडेजा की बहन नयनाबा ने हार गई। कांग्रेस ने स्थानीय निकाय चुनावों में उन्हें कैंडिडेट बनाया था। मंगलवार की काउंटिंग में राजकोट नगर निगम के वार्ड संख्या दो से चुनाव जीतने वाली नयनाबा जडेजा को कोई राहत नहीं मिली। नयनाबा जडेजा की बड़ी बहन हैं। रविंद्र जडेजा की क्रिकेटर बनने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका मानी जाती है। रविंद्र जडेजा की पत्नी रिवाबा जडेजा ने राजकोट के दौरे पर ननद-भौजाई में एक बार फिर टशन देखा। रिवाबा जडेजा ने नयनाबा की जीत का दावा करते हुए कहा कि उन्हें बीजेपी कार्यकर्ताओं पर पूरा भरोसा है।

ननद-भौजाई के अलग ‘राजनीतिक सम्बन्धों
रविंद्र जडेजा की पत्नी रिवाबा जडेजा ने 2022 के गुजरात विधानसभा चुनावों में जामनगर उत्तर से जीत हासिल की, जिसके बाद गुजरात में पिछले साल बिहार चुनावों में मंत्रिमंडल फेरबदल हुआ था। Revival का बहुत प्रचार हुआ था। राजकोट नगर निगम में रविंद्र जडेजा की बहन और रिबावा की ननद नयनाबा ने चुनाव लड़ा, लेकिन हार गईं। रिवाबा ने करणी सेना छोड़कर बीजेपी में शामिल हो गया, लेकिन नयनाबा पहले से ही कांग्रेस में हैं। रिवाबा जडेजा को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का प्रेरणास्त्रोत मानते हैं। उन्ही ने उन्हें राजनीति में लाया। नयनाबा जडेजा ने 6000 वोटों से जीत हासिल की।
राजकोट में कांग्रेस सिर्फ मिला निराशा ही निराशा जानें
कांग्रेस ने राजकोट नगर निगम में सात सीटें जीती हैं। नगर निगम में 72 सीटें हैं। 2021 में बीजेपी ने 68 स्थानीय निकाय सीटें जीतीं। बीजेपी इस बार 65 सीटें जीत चुकी है। टीआरपी गेमजोन कांड के दौरान गुजरात के राजकोट में क्षत्रिय आंदोलन से नुकसान होने की उम्मीद थी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। बीजेपी ने विजय रुपाणी की अनुपस्थिति में हुए चुनावों में अपनी मजबूत सरकार बनाए रखी।