दिल्ली पुलिस ने 26 साल से फरार सलीम वास्टिक को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तारी से बचने के लिए, उसने पहले खुद को मृत बताया और फिर गाजियाबाद में कपड़े की दुकान खोली।
दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच मिली सफलता , अन्त में 31 वर्षीय किडनैपिंग और हत्या का उन पर मामला था जिनका नाम वास्तविक सलीम को गिरफ्तार कि गई। आरोपी लंबे समय से यूट्यूबर की पहचान बदलकर रह रहा था।

नाले से मिला गया लाश पूरा जानें
1995 में दिल्ली के एक कारोबारी के 13 साल के बेटे संदीप बंसल को अपहरण कर लिया गया था, जानकारी मिली है। बच्चे को सुरक्षित रिहा करने के बदले आरोपियों ने ३० हजार रुपये की फिरौती मांगी थी। लेकिन पैसे की मांग के बावजूद बच्चे को मार डाला गया। सलीम का शव मुस्तफाबाद के एक नाले से बाद में मिला।
जमानत मिलने पर सलीम फरार हो गया
1997 में सलीम और उसके साथी अनिल को इस मामले में गिरफ्तार कर उम्रकैद की सजा सुना दी गई। हालाँकि, सलीम को 2000 में दिल्ली हाईकोर्ट ने अंतरिम जमानत दी, लेकिन वह फिर कभी वापस नहीं आया
26 साल से गायब था अपराधी सलीम
पुलिस ने बताया कि सलीम ने गिरफ्तारी से बचने के लिए अपनी जान दे दी और अपनी पहचान बदलकर “सलीम अहमद उर्फ सलीम वास्टिक” कर ली। वह लगभग २६ वर्ष तक फरार रहा। उस समय वह हरियाणा में छिपकर रहा, फिर गाजियाबाद के लोनी क्षेत्र में एक महिला कपड़ों की दुकान चलाने लगा।
ब्रांच गिरफ्तार ने खुलासा होने पर धर दबोचा
क्राइम ब्रांच की टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर उसे गिरफ्तार कर ली गई हैं। पुलिस अब अगली कानूनी कार्रवाई और मामले से जुड़े अन्य विवरणों की जांच कर रही है।