हर धार्मिक स्थान के नियम-परंपराओं का पालन करना अनिवार्य है। मान्या सिंह के हिजाब विवाद पर मौलाना की प्रतिक्रिया

Manya Singh पर Maulana Kalbe Jawad: बड़ा इमामबाड़ा में हिजाब के मुद्दे पर मौलाना कल्बे जव्वाद ने उत्तर दिया है। इस विषय को डिजिटल क्रिएटर मान्या सिंह ने उठाया था।

लखनऊ में रहने वाले संदीप तिवारी: लखनऊ, उत्तर प्रदेश की राजधानी, के ऐतिहासिक बड़े इमामबाड़ा में घुमने वाले एक डिजिटल क्रिएटर का वीडियो तेजी से सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो में लगाए गए आरोपों के बाद हिजाब और ड्रेस कोड पर एक नया विवाद उठ गया है। मान्या सिंह, एक डिजिटल क्रिएटर, ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर एक वीडियो पोस्ट कर बताया कि वह अपने दोस्तों के साथ लखनऊ गई थीं। इस दौरान उन्होंने बड़ा इमामबाड़ा देखने का निर्णय लिया। उसने बताया कि उन्होंने टिकट लेकर परिसर में प्रवेश किया, लेकिन एंट्री के समय किसी भी तरह का हिजाब या ड्रेस कोड नहीं दिया गया था।

शिया धर्मगुरु मौलाना कल्बे जव्वाद ने लखनऊ के बड़ा इमामबाड़ा में डिजिटल क्रिएटर मान्या सिंह द्वारा उठाए गए सवालों पर बयान दिया है। उन्होंने कहा कि हर धार्मिक स्थान में कुछ नियम और परंपराएं हैं, जिनका पालन करना अनिवार्य है। मौलाना का कहना है कि इमामबाड़ा धार्मिक स्थान है। इसलिए, बिना सिर ढके यहां घूमना मना है। इसलिए प्रत्येक व्यक्ति को नियम का पालन करना चाहिए।

मान्या सिंह ने क्या आरोप लगाया जाने

मान्या सिंह ने दावा किया कि वह इमामबाड़ा क्षेत्र में पहुंचीं। वहां उपस्थित कुछ लोगों ने बताया कि बिना हिजाब के यहां घूमने की अनुमति नहीं है। बिना सिर ढके यहां रहना मना है, उन्हें घूरते हुए बताया गया। उन्हें यह भी कहा कि कुछ ने उन्हें बाहर निकलने तक के लिए कहा था।

मान्या ने बताया कि जब उन्होंने हिजाब पहनने से इनकार किया तो वहां उपस्थित लोगों ने अपनी टीम के एक सदस्य को भेजा। उन्होंने उनसे कहा कि वे कहीं से एक दुपट्टा लेकर सिर ढक लें। मान्या का दावा है कि कुछ देर बाद सीधे कोई व्यक्ति उनके पास आया और शर्ट का बटन बंद करने की सलाह दी। यह उनका निजी पहनावा है, उन्होंने कहा।

मौलाना कल्बे जव्वाद ने प्रकट किया बयान जाने

अब शिया धर्मगुरु मौलाना कल्बे जव्वाद ने इस पूरे मामले पर अपना बयान दिया है। उनका कहना था कि हर धार्मिक स्थान में कुछ नियम और परंपराएं हैं। धार्मिक स्थलों पर आने वाले लोगों को वहाँ की नियम-परंपराओं का पालन करना चाहिए, उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा। मौलाना कल्बे जव्वाद ने कहा कि इमामबाड़ा एक धार्मिक स्थान है, जहां बिना सिर ढके घूमना मना है।

मौलाना जव्वाद ने कहा कि किसी को हिजाब पहनने के लिए कहा जाए तो इसमें कुछ भी गलत नहीं है। उन्होंने कहा कि मुसलमानों के प्रवेश पर भी पाबंदी है, जैसे कई मंदिरों में। ऐसा ही कुछ अन्य धार्मिक स्थानों में भी है। इन नियमों का पालन करना चाहिए।

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