आप भी बाबा श्याम की दहलीज पर मत्था टेकने जा रहे हैं? रुकिए! भारी भीड़ और बंद दरवाजे में आपकी आस्था नहीं फंस जाएगी। 22 अप्रैल की रात से 20 घंटों तक खाटूधाम में श्रद्धालुओं के कदम बंद रहेंगे।
खाटूश्यामजी/सीकर भी कहलाता है सीकर: राजस्थान के सीकर जिले में बाबा श्याम के दरबार में जाना चाहने वाले लोगों के लिए एक अच्छी खबर है। अगले सप्ताह खाटूधाम जाना चाहते हैं तो घर से निकलने से पहले श्री श्याम मंदिर कमेटी द्वारा जारी की गई नवीनतम गाइडलाइन को अवश्य पढ़ें। अप्रैल में बाबा श्याम के विशेष तिलक और सेवा-पूजा के दौरान दर्शनों पर पूरी तरह से ब्रेक लगेगा।

बाबा के पट क्यों और कब बंद होंगे?
पुरानी परंपरा के अनुसार, हर अमावस्या के बाद बाबा श्याम को तिलक लगाया जाता है, पूजा जाती है और सेवा की जाती है। 23 अप्रैल 2026, वैशाख शुक्ल सप्तमी, इस खास पूजा का दिन होगा। मंदिर कमेटी के कोषाध्यक्ष कालू सिंह चौहान ने जारी की सूचना के अनुसार-
- देखने पर प्रतिबंध की शुरुआत: 22 अप्रैल (बुधवार) को रात 10:00 बजे से शुरू होगा।
- दृश्य पुनः शुरू होगा: 23 अप्रैल (गुरुवार) शाम 5:00 बजे से शुरू होगा।
शांति और सुरक्षा को बनाए रखने के लिए आम श्रद्धालुओं को इस दौरान बाबा श्याम का श्रृंगार और तिलक किया जाएगा।
श्रद्धालुओं को विशिष्ट अपील किया गया
मंदिर कमेटी के मंत्री मानवेंद्र सिंह चौहान ने देश-विदेश से आने वाले श्याम भक्तों से अपील की है कि वे दर्शनबंदी के समय को ध्यान में रखकर अपनी यात्राओं का कार्यक्रम बनाएं। यह सूचना जल्दी दी गई है ताकि गर्मियों में दूर-दूर से आने वाले भक्तों को घंटों इंतजार करना न पड़े। भक्तों से अनुरोध है कि 23 अप्रैल को शाम 5 बजे से पहले मंदिर परिसर में नहीं आएं।
मार्च में ‘रिकॉर्ड’ पहली बार अप्रैल में बनाया गया था
यह अप्रैल में हुआ पहला बड़ा ब्रेक है, जबकि मार्च बहुत अलग था। मार्च 2026 में चार बार एक महीने में दर्शन बंदी की पहली बार हुई। मार्च में चार बार पट बंद किए गए थे: चैत्र नवरात्र (गणगौर-रामनवमी) के बाद विशेष पूजा, होली के बाद के अनुष्ठान, अमावस्या तिलक।