शनिवार को नीमराना के औद्योगिक क्षेत्र में निडेक कंपनी में मजदूरों का गुस्सा फूट पड़ा, वेतन वृद्धि और खाने के विरोध में। प्रदर्शन के दौरान लाठी-डंडों से लैस बदमाशों के हमले ने मजदूरों को परेशान कर दिया, जिससे कंपनी के गेट पर पथराव और तोड़फोड़ हुआ।
भिवाड़ी: राजस्थान मेंभिवाड़ी के बाद अब फैक्ट्री मजदूरों का आंदोलन कोटपुतली-बहरोड जिले के नीमराना औद्योगिक क्षेत्र में फैल गया है। शनिवार को नीमराणा में कर्मचारियों का गुस्सा फिर से सामने आया। नोएडा, गुरुग्राम और भिवाड़ी के बाद अब नीमराणा के जापानी क्षेत्र में संचालित निडेक कंपनी के बाहर सैकड़ों कर्मचारियों ने प्रदर्शन किया।

लाठी डंडों का अचानक हमला आरंभ हो गया
मजदूरों ने कंपनी प्रबंधन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और वेतन वृद्धि सहित विभिन्न मांगों पर ध्यान देने की मांग की। लेकिन उसी समय आधा दर्जन लोगों ने ट्रैक्टर पर लाठी डंडों से हमला किया, जिससे माहौल गर्म हो गया। कंपनी के मुख्य द्वार पर पत्थरों से हमला होने से सभी कर्मचारी घबरा गए। नीमराणा पुलिस ने घटना की सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया।
मजदूर लोग क्या मांगे कर रहे हैं जानिए
प्रदर्शन मे लगे कर्मचारियों का कहा कि वे लंबे समय से कम वेतन पर काम कर रहे हैं, जबकि महंगाई लगातार बढ़ रही है। मजदूर विष्णु ने बताया कि कंपनी में बहुत अधिक काम होता है, लेकिन उचित वेतन नहीं मिलता। उसने भोजन की गुणवत्ता पर भी सवाल उठाया और कहा कि कंपनी का खाना अच्छी तरह से नहीं बनाया गया था।
छुट्टी पर भी कम वेतन की शिकायत किया जा रहा
मजदूरों ने कहा कि अगर कोई काम नहीं करता, तो उसे छुट्टी के दिन वेतन में कटौती की जाएगी और नौकरी से निकालने की धमकी दी जाएगी। इन सभी समस्याओं को लेकर कर्मचारियों में लंबे समय से असंतोष था, जो अब असंतोष के रूप में दिखाई देता है।
यहां उपस्थित प्रशासनिक अधिकारियों ने कर्मचारियों को आश्वस्त किया कि वे चुप रहेंगे और उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुनेंगे।
पुलिस बल ने संभाल लिया जैसे तैसे मोर्चा
साथ ही, कंपनी के प्रबंधन से बातचीत करके समाधान खोजना जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि मजदूरों की जायज मांगों पर विचार किया जाएगा और दोनों पक्षों के बीच समझौता करके जल्द ही उचित समाधान निकाला जाएगा। सुरक्षित क्षेत्र में पुलिस बल पूरी तरह से सतर्क रहा और किसी भी हालात से निपटने के लिए तैयार रहा। मजदूरों का आक्रोश स्पष्ट था, हालांकि प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहा।