मध्य-पूर्व में तनाव: भारत में गैस और तेल इंडस्ट्री पर अब मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष का प्रभाव पड़ा है। सरकार ने मामले की वर्तमान स्थिति बताई है
इसका असर भारत पर भी दिखाई दे रहा है। भारत की गैस और तेल उद्योग पर असर पड़ा है। केंद्र सरकार ने इस बीच लोगों को एलपीजी सिलेंडर से संबंधित जानकारी दी है। सरकार का दावा है कि स्थिति पूरी तरह से नियंत्रित है। भारत सरकार ने भी कुछ रिपोर्ट गलत बताई हैं।

सरकार ने रिपोर्टों कि जो दावा थी उनको खारिज कर दिया
सरकार ने कहा कि कुछ रिपोर्टों में कहा गया है कि एलपीजी गैस सप्लाई को सामान्य करने में चार से पांच वर्ष लगेंगे। ये आरोप पूरी तरह से गलत हैं। ये दावा झूठ है और घबराहट पैदा करेगा। सरकार ने कहा कि पहले से ही 800 हजार मीट्रिक टन एलपीजी आयात किया गया है। घरेलू उत्पादकता को बढ़ाने के लिए सरकार ने कई उपाय किए हैं। एलपीजी नियंत्रण आदेश के अनुसार, रिफाइनरी उत्पादन बढ़ाना चाहिए।
देश में सप्लाई की कमी का प्रकट हो रहा प्रभाव
सप्लाई में कमी के कारण गैस सिलेंडर की लागत घटी है। दोनों कमर्शियल और घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमतें बढ़ गई हैं। यह भी छोटे कारोबारियों, होटलों और रेस्टोरेंटों पर असर डाल रहा है।
सरकार के द्वारा लोगों को ये अपील किया गया
सरकार ने जनता से अपील की है कि वे गैस सिलेंडर की आपूर्ति से परेशान नहीं हों। 13,896 डिस्ट्रिब्यूटर से 25,607 डिस्ट्रिब्यूटर हो गए हैं। देश की आपूर्ति व्यवस्था पहले से कहीं अधिक मजबूत हुआ हैं। सरकार ने जनता को सिर्फ सरकारी जानकारी और आधिकारिक स्रोतों पर भरोसा करने को कहा है।
राज्य सरकार ने केंद्र से आदेश प्राप्त किया
सरकार ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को अधिक अधिकार दिए हैं ताकि वे एलपीजी सप्लाई की निगरानी करें और जमाखोरी को रोके। अब लगभग 98 प्रतिशत ऑनलाइन बुकिंग हो चुकी है। डीएसी पर आधारित डिलीवरी 93 प्रतिशत है। इससे ट्रांसपेरेंसी बढ़ी है और घरेलू गैस सिलेंडर की सप्लाई भी सामान्य है।
सरकार प्रवासी काम करने वाले मजदूरों को पांच किलो वाला सिलेंडर देती है
सरकार ने कहा कि पांच किलो से अधिक छोटे सिलेंडर स्थानीय कर्मचारियों को मिल रहे हैं। रिफाइनरी उत्पादन को बढ़ाने, कोयला और केरोसिन जैसे अन्य ईंधन की आपूर्ति को बढ़ाने और बुकिंग अंतर को बढ़ाने के प्रयास भी किए जा रहे हैं।