एक जिला एक व्यंजन कार्यक्रम: अब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने “एक जनपद-एक व्यंजन” योजना को मिशन मोड पर ले लिया है, जिसका उद्देश्य प्रदेश के पारंपरिक जायकों को वैश्विक पहचान दिलाना है।
एक जिला एक व्यंजन कार्यक्रम: उत्तर प्रदेश की ‘एक जनपद-एक उत्पाद’ (ODOP) योजना की विश्वव्यापी सफलता के बाद, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अब ‘एक जनपद-एक व्यंजन’ योजना को मिशन मोड पर ले लिया है. प्रदेश के पारंपरिक जायकों को अंतरराष्ट्रीय पहचान मिलेगी। अब बैंकिंग क्षेत्र भी इस योजना में शामिल हो गया है, जिससे लाखों लोगों को रोजगार के नए अवसर भी मिलेंगे और पारंपरिक वस्तुओं का कारोबार भी बढ़ेगा।

बैंकों की भूमिका को सिखाने के लिए, केवल कर्ज नहीं, व्यवस्था भी
मुख्यमंत्री की इच्छा को पूरा करने के लिए, राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति (SLBC) ने ODOC योजना को सफल बनाने के लिए एक विस्तृत रणनीति बनाई है।
आसान और सस्ती ऋण के साथ कराई जाएगी मुहैया
इस प्रक्रिया से जुड़ने वाले उद्यमियों को प्राथमिकता के आधार पर आसान और सस्ता ऋण दिया जाएगा। इस दौरान आपको बैंक पूंजी और वित्तीय प्रबंधन का ज्ञान भी मिलेगा। इसमें हिसाब-किताब करने से लेकर निवेश करने तक का ज्ञान मिलेगा।
नौकरी और विशेषज्ञों का एकीकरण
पिछले दिनों एसएलबीसी की बैठक में मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि बैंकों को केवल कर्ज देने तक सीमित नहीं रहना चाहिए। उनका अनुमान था कि बैंक इस योजना में प्रशिक्षकों और विषय विशेषज्ञों को शामिल करने में मदद करेंगे। इस योजना के माध्यम से सरकार का मुख्य उद्देश्य शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार की एक नई लहर फैलाना है।
स्वाद का “कलस्टर” और विश्वव्यापी ब्रांडिंग जानें
उत्तर प्रदेश के हर जिले की अपनी अलग पहचान है, चाहे वह मथुरा का पेड़ा हो, आगरा का पेठा हो या अवध का कबाब हो। अब सरकार इन विशिष्ट उत्पादों के प्रचार, ब्रांडिंग और पैकेजिंग में सीधा सहयोग करेगी।
क्लास्टर विकास: इन उत्पादों को उच्च स्तरीय नियमों के अनुसार तैयार और पैक करने के लिए शहर में विशेष क्षेत्र बनाए जाएंगे।
पैकेजिंग क्रांति: पारंपरिक स्वाद को आधुनिक पैकेजिंग के साथ प्रस्तुत किया जाएगा, ताकि वह विदेशी गुणवत्ता का हो सके।
मार्केटिंग सपोर्ट: इन उत्पादों को “लोकल से वैश्विक” बनाने का लक्ष्य सरकारी मेलों, प्रदर्शनियों और ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म है।
उत्तर प्रदेश को स्वस्थ और समृद्ध बनाने की ओर
योगी सरकार की ओडीओसी योजनाओं का लक्ष्य पुरानी पाक कला को पुनर्जीवित करना है और इसे एक संगठित उद्योग बनाना है। योजना से बैंकों का जुड़ाव छोटे कलाकारों को बड़े बाजार तक पहुंचने में मदद करेगा।