Noida Worker Protest: नोएडा में वेतन वृद्धि को लेकर शुरू हुआ श्रमिक आंदोलन अब हिंसक हो गया है और सैकड़ों लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जो औद्योगिक क्षेत्रों से रिहायशी सोसायटियों तक फैल गया है।
नोएडा: वेतन वृद्धि को लेकर शुरू हुआ श्रमिक आंदोलन अब बहुत बड़ा और हिंसक हो चुका है। यह तूफान, जो फेज-2 के औद्योगिक क्षेत्रों से शुरू हुआ था, अब रिहायशी क्षेत्रों तक पहुँचा है। जिससे आंदोलन का दायरा तेजी से बढ़ रहा है और प्रशासन के सामने नई चुनौती खड़ी हो गई है, घरेलू सहायिकाओं और सफाईकर्मियों ने मंगलवार को सेक्टर-121 और सेक्टर-74 की कई बड़ी सोसायटियों के बाहर प्रदर्शन किया।

मंगलवार को हिंसा फिर से बढ़ी
सोमवार को वेतन वृद्धि को लेकर शुरू हुए श्रमिक प्रदर्शन में आगजनी और पथराव की घटनाओं के बाद मंगलवार सुबह भी हालात तनावपूर्ण रहे। बहुत से लोग औद्योगिक क्षेत्रों से निकलकर पूरे क्षेत्र को घेरने की कोशिश की। पुलिस ने उन्हें समझाने और हटाने की कोशिश की, लेकिन भीड़ भड़क गई और पुलिस पर पथराव करने लगी। पुलिस को स्थिति को नियंत्रित करने के लिए लाठीचार्ज करना पड़ा, जिससे कई पुलिसकर्मी घायल हो गए।
डीसीपी कार पर हमला कर दी गईं
स्थिति गंभीर होने पर वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे, लेकिन हिंसाचारियों ने डीसीपी की गाड़ी पर भी पथराव किया। रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) और अतिरिक्त पुलिस बल को इसके बाद बुलाया गया था ताकि परिस्थितियों को नियंत्रित किया जा सके। पचास मिनट की कठिनाई के बाद, पुलिस ने हिंसाचारियों को भगाया और इलाके में फ्लैग मार्च करके सुरक्षा बढ़ा दी।
45 हजार कर्मचारियों ने चार दिनों में प्रदर्शन किया
इस आंदोलन में पिछले चार दिनों में जिले के ३३ स्थानों पर लगभग ४५ हजार कर्मचारियों ने भाग लिया। हिंसा और आगजनी की घटनाओं के बाद अब तक 10 शिकायतें दर्ज की गई हैं। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 350 लोगों को गिरफ्तार किया है और 100 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया गया है। इसके बावजूद परिस्थिति पूरी तरह से सामान्य नहीं हो सकती है।
बाहरी घटनाओं और सोशल मीडिया साजिश का संदेह
पुलिस की प्रारंभिक जांच में पच्चीस से अधिक बाहरी व्यक्ति गिरफ्तार किए गए थे। इन पर आरोप लगाया गया है कि वे कर्मचारियों को उकसाकर हिंसा फैलाने का काम किया है। परीक्षण ने बताया कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स, WhatsApp ग्रुपों और QR कोड ने एक व्यवस्थित नेटवर्क बनाया था। पिछले 24 घंटों में लगभग पच्चीस नए अकाउंट बनाए गए, जो अब सख्त जांच से गुजर रहे भ्रामक और भड़काऊ संदेशों को प्रसारित करते हैं।
साथ ही सोसायटियों में वेतन विवाद
घरेलू सहायिकाओं ने मंगलवार को सेक्टर-74 स्थित सुपरटेक केपटाउन और अन्य सोसायटियों के बाहर प्रदर्शन किया, वेतन बढ़ाने की मांग को लेकर। इस दौरान कुछ समय तक तनाव बना रहा, लेकिन पुलिस और सोसायटी प्रबंधन के साथ बातचीत के बाद मामला शांत हो गया। कम्पनी ने हर महीने समय पर भुगतान का वादा किया और करीब २१ प्रतिशत तक वेतन वृद्धि की पेशकश की।
श्रमिकों के अधिकारों पर बल दिया गया
स्थिति को देखते हुए, जिला प्रशासन ने कर्मचारियों के हित में कई महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इसके तहत समय पर सैलरी भुगतान, साप्ताहिक अवकाश, डबल वेतन, अतिरिक्त समय पर भुगतान, महिला सुरक्षा समितियों का गठन किया गया है।
कानून-व्यवस्था को चुनौती देने वाला अभियान
औद्योगिक क्षेत्रों से रिहायशी इलाकों तक फैले इस आंदोलन ने नोएडा की कानून व्यवस्था को कठिन बना दिया है। ताकि किसी भी नई हिंसक घटना को रोका जा सके, संवेदनशील इलाकों में पुलिस बल की तैनाती और निरंतर निगरानी बढ़ा दी गई है।