Gorakhpur पुलिस: गोरखपुर में तैनात एक सिपाही को आंबेडकर के पोस्टर को जलाते हुए सीसीटीवी फुटेज में देखा गया है।
गोरखपुर: उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में एक नया विवाद शुरू हो गया है। गोला थाना क्षेत्र में तनाव फैल गया है, जहां डॉ. भीमराव आंबेडकर के पोस्टर को फाड़ने और जलाने का मामला सामने आया है। लोगों ने प्रदर्शन करने के लिए सड़कों पर निकला। पुलिस ने उन्हें समझाकर वापस भेजा। इस घटना का आरोप एक पुलिसकर्मी पर लगाया गया है। जांच के बाद उसे निकाला गया है।

जानकारी के अनुसार, 8 अप्रैल की रात गश्त के दौरान तैनात एक सिपाही पर इस घटना का आरोप लगाया गया है। दक्षिणी पुलिस अधीक्षक ने मामले को गंभीर और अतिसंवेदनशील ठहराया, इसलिए एक जांच की आज्ञा दी और आरोपी सिपाही को तुरंत निलंबित कर दिया।
सीसीटीवी फुटेज से गिरफ्तार सैनिक
15 अप्रैल को होने वाली आंबेडकर जयंती की तैयारियों को लेकर गोला थाना क्षेत्र के बेवरी चौराहे पर एक पोस्टर लगाया गया था। यह आरोप लगाया जाता है कि एक पुलिसकर्मी ने पोस्टर को रात में हटाकर उसे जला दिया। CCTV फुटेज सामने आने के बाद मामला शांत हो गया। वीडियो वायरल होते ही गुरुवार की शाम बेवरी चौराहे पर सैकड़ों आजाद पार्टी और बसपा कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन शुरू किया। पुलिसकर्मियों के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए प्रदर्शनकारियों ने उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।
सीओ ने विरोधियों को शांत जैसे तैसे कराया गया
जब सूचना मिला तब तुरंत सीओ दरवेश कुमार मौके पर वहां पहुंचे और प्रदर्शनकारियों को ठीक तरह से कार्रवाई करने की आश्वस्त दिया गया। इसके बाद विरोध को खत्म हो गया। शनिवार को शानबिन करने के उपरांत आरोपी सैनिक को निलंबित कर दी गईं
एसपी साउथ दिनेश पुरी की प्रतिक्रिया को जाने
एसपी साउथ दिनेश पुरी ने कहा कि एक कमेटी बनाकर मामले की जांच चल रही है। आरोपी को दोषी पाया गया तो सख्त कार्रवाई की जाएगी। हालाँकि, क्षेत्र में शांति कायम है। प्रशासन भ्रामक प्रचार पर कड़ी निगरानी रखता है।