जयपुरिया सनराइज ग्रीन्स सोसायटी, गाजियाबाद में 18 वर्षीय युवती की मौत के बाद हालात खराब हो गए। परिजनों ने शव को सड़क पर रखकर अंतिम संस्कार नहीं किया।
गाजियाबाद: जयपुरिया सनराइज ग्रीन्स सोसायटी के इंदिरापुरम थाना क्षेत्र में मंगलवार को 18 वर्षीय युवती की संदिग्ध मौत के बाद हालात बुधवार को बिगड़ गए। परिजनों ने शव को सड़क पर रखकर अंतिम संस्कार करने से इनकार कर दिया। लंबे समय तक हंगामा चला, फिर शव को पुलिस ने बलपूर्वक गिरफ्तार कर श्मशान में लाया गया। इसके बाद शोर बढ़ गया। पुलिस पर भी लोग लाठीचार्ज कर रहे हैं।

परिजनों का कहना है कि घटना के समय की सच्चाई छिपी जा रही है। मृतका की बड़ी बहन ने सीसीटीवी फुटेज और पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने तक संस्कार करने से स्पष्ट रूप से इनकार कर दिया। उनका कहना है कि वे अंतिम संस्कार नहीं करेंगे अगर पूरी सच्चाई सामने नहीं आती। साथ ही परिवार ने कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने के बाद ही कोई निर्णय लिया जाएगा। परिवार का मानना है कि युवती को बलात्कार के बाद ऊपर से फेंककर मार डाला गया है।
पुलिस के टीम वहा पर तैनात
युवती के कनावनी स्थित घर पर बुधवार सुबह से भारी पुलिस बल तैनात किया गया था, क्योंकि मंगलवार को हुए हंगामे को देखते हुए स्थानीय लोगों और गुस्साए परिजनों ने शवों को सड़क पर ले आए और सीआईएसएफ मार्ग जाम कर दिया। यह देखते ही सैकड़ों लोग मौके पर आ गए और भारी शोर होने लगा। स्थिति इतनी बुरी हो गई कि मरने वाले व्यक्ति के पिता सड़क पर ही बेहोश हो गए। इस दौरान सीआईएसएफ रोड पर जाम लगा रहा था। जिससे स्थिति पुलिस से बाहर निकल गई
पुलिस ने लंबे समय तक समझाने के बाद भी लोग नहीं माने, तो शव को कनावनी श्मशान घाट ले जाया गया। जो लोगों ने बहुत विरोध किया और पुलिस पर जबरन अंतिम संस्कार कराने का आरोप लगाया। मृत शरीर को लगभग दो घंटे तक श्मशान स्थल पर रखा गया, जबकि उसके परिजनों ने कार्रवाई की मांग की। पुलिस ने घटना को नियंत्रित करने के लिए श्मशान घाट का गेट अंदर से बंद कर दिया।
एसीपी ने इस मामले पर क्या बोला
पड़ोसियों को संस्कार के लिए समझाया जा रहा है, एसीपी इंदिरापुरम अभिषेक श्रीवास्तव ने बताया। कोई भी लापरवाही जांच में नहीं होगी। परिवार को सच बताया जाएगा और कोई कार्रवाई की जाएगी। सिक्योरिटी गार्ड्स और समाज के सदस्यों के बयान दर्ज कर जांच आगे बढ़ाई जाएगी, उन्होंने कहा।