आज भारतीय जनता पार्टी का 46वां दिन है। बीजेपी जनसंघ से संबंधित है। बीजेपी को 1980 में अटल बिहारी वाजपेयी, लाल कृष्ण अडवाणी और विजयाराजे सिंधिया ने बनाया था। इन संस्थापकों में बाद में एक मुस्लिम चेहरा भी था। अटल बिहारी वाजपेयी उनके करीबी दोस्त थे। बीजेपी की स्थापना से जुड़े दिलचस्प कहानियां सुनिए।
नई दिल्ली: भारतीय जनता पार्टी (BJP) के लिए 6 अप्रैल का दिन महत्वपूर्ण है। 6 अप्रैल 1980 को, 46 वर्ष पहले, BJP की स्थापना दिल्ली में हुई थी। आज भाजपा सिर्फ दो सीटों पर लोकसभा में सबसे ज्यादा सांसदों और देश की सबसे बड़ी पार्टी है। याद रखें कि वर्तमान बीजेपी का मूल है जनसंघ, जो 1951 में बनाया गया था। भारतीय जनता पार्टी के गठन से लेकर चुनाव चिन्ह का चुनाव तक पूरी घटना दिलचस्प है। हम पहले इस पार्टी के संस्थापकों में से पांच लोगों की चर्चा करेंगे

- 1.अटल बिहारी वाजपेयी (जन्म: ) 25 दिसंबर 1924 को मृत्यु हो गई: :16 अगस्त 2018 भारतीय जनता पार्टी (BJP) के पहले अध्यक्ष और संस्थापक सदस्य अटर बिहारी वाजपेयी हैं। बीजेपी के गठन के समय अटल बिहारी वाजपेयी ने अपने अध्यक्षीय भाषण में कहा कि हम भविष्य को देखते हुए एक नई पार्टी बना रहे हैं। ५ साल का कार्यकाल पूरा करने वाले पहले गैर-कांग्रेसी प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी थे
- 2 लालकृष्ण आडवाणी: 8 नवंबर 1927 को जन्म लिया था: अटल बिहारी वाजपेयी और लाल कृष्ण आडवाणी की जोड़ी सियासी गलियारों में बहुत चर्चित थी। दोनों की जुगलबंदी की कहानियां देश भर में मशहूर थीं। लाल कृष्ण आडवाणी ने अपनी पुस्तक माय कंट्री माय लाइफ (My Country My Life) में बताया कि बीजेपी के चुनाव चिन्ह को लेकर चर्चा शुरू हुई थी। पहले, संस्थापक सदस्यों ने नाम पर बहस की। कुछ सदस्यों ने सोचा कि पार्टी का नाम बदलकर भारतीय जनसंघ होना चाहिए। भारतीय जनता पार्टी का विचार तब अटल बिहारी वाजपेयी ने दिया था। बहुमत से नाम पारित हुआ।
- लाल कृष्ण आडवाणी ने अपनी पुस्तक में चुनाव चिन्हों को लेकर कहा कि भारतीय जनता पार्टी ने बहुत कम समय में एक अलग पहचान बना ली थी। इसलिए, पार्टी को एक चिन्ह चुनना चाहिए ताकि वह आगे बढ़े। मुख्य चुनाव आयुक्त एसएल शकधर से बात करने के लिए एलके अडवाणी कुछ सहयोगी नेताओं को लेकर गए। तब चुनाव की प्रक्रिया शुरू हो गई थी। यही कारण है कि शकधर ने सुझाव दिया कि आडवाणी ऐसे किसी चिन्ह को चुन सकते हैं जो स्वतंत्र उम्मीदवारों को उपलब्ध है। उनके सभी उम्मीदवारों को वह चिन्ह दिया जा सकता है।
- 3 मुरली मनोहर जोशी का 5 जनवरी 1934 को जन्म लिया था : बीजेपी के संस्थापक सदस्यों में से एक रहे हैं पूर्व केंद्रीय मंत्री मुरली मनोहर जोशी भी। 1991 से 1993 तक जोशी बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी रहे। 1992 में मुरली मनोहर जोशी ने ‘एकता यात्रा’ का नेतृत्व किया, जो देश भर में बहुत चर्चा हुई। मुरली मनोहर जोशी को अटल बिहारी वाजपेयी की प्रसिद्ध तेरह दिन की सरकार में गृहमंत्री बनाया गया था। फिर भी, अटल सरकार में वह मान संसधान विकास मंत्री भी रहे।
- 4.विजयाराजे सिंधिया: 12 अक्टूबर 1919 को जन्मा, 25 जनवरी 2001 को उनका निधन हो गया :कांग्रेस की कमजोरी के दौरान जनसंघ को हर सीट पर जीत हासिल करनी पड़ी। उस दौर में कांग्रेस से जनसंघ में आई राजमाता विजयराजे सिंधिया ने अपनी जादुई छवि से पार्टी को जीत दिलाई। जनसंघ का प्रवेश गुना, ग्वालियर और भिंड में हुआ। जनता पार्टी में विलय और फिर बिखराव के बाद भारतीय जनता पार्टी बनने के बाद भी राजमाता ने पार्टी को कई बार मुश्किलों से बाहर निकाला। राजमाता विजया राजे सिंधिया ने छह बार गुना लोकसभा सीट से सांसद किया था। 1967 में, राजमाता विजया राजे सिंधिया ने जनसंघ का सदस्य बनने के बाद कांग्रेस में 10 साल बिताए। 1971 में आम चुनाव हुए थे। कांग्रेस और इंदिरा गांधी के मुकाबले हर पार्टी कमजोर दिखाई देती थी। तब विजियाराजे ने जनसंघ को भिंड, गुना और ग्वालियर के सिंधिया परिवार के गढ़ों से हराया था।
- 5.सिकंदर बख्त: 24 अगस्त 1918 को जन्मा गया था और 23 फरवरी 2004 को निधन हो गया: क्या आप जानते हैं कि मुस्लिम सिकंदर बख्त भी बीजेपी के संस्थापकों में थे? उन्हें अटल बिहारी वाजपेयी का निकट दोस्त माना जाता था। 1952 में, उन्होंने कांग्रेस के टिकट पर एमसीडी का चुनाव जीता था। 1968 में उन्हें दिल्ली इलेक्ट्रिक सप्लाई अंडरटेकिंग का अध्यक्ष चुना गया। इंदिरा गांधी के खिलाफ, उन्होंने कांग्रेस-ओ का दामन थामा। 1977 में वह दिल्ली के चांदनी चौक से सांसदी का चुनाव जीता, जनता पार्टी के टिकट पर। 1984 में सिकंदर बख्त बीजेपी का उपाध्यक्ष बन गए और बीजेपी का महासचिव बन गए।