कानपुर में किडनी ट्रांसप्लांट मामले में पुलिस जांच लगातार जारी है। मामले में दिलचस्प खुलासे हो रहे हैं।विभिन्न शहरों में पुलिस इस गैंग के भागीदारों को पकड़ने की कोशिश कर रही है।
कानपुर निवासी सुमित शर्मा: किडनी खरीद-फरोख्त मामले में कानपुर पुलिस ने कई महत्वपूर्ण सुराग पाए हैं। किडनी ट्रांसप्लांट गैंग का नेटवर्क लगातार बढ़ता जा रहा था। इस समूह के सदस्यों ने एक विदेशी महिला की किडनी दी है। इस दौरान एक महिला भी मर गई है। यह बातें कानपुर कमिश्नरेट पुलिस की जांच में स्पष्ट हुई हैं। किडनी कांड में आठ लोग गिरफ्तार किए गए हैं। डॉ. रोहित, अली और अखिलेश सहित कई लोगों की जांच टीम की तलाश है।

DCP West MMC Kasim Abidi किडनी कांड की जांच कर रहे हैं। कुलदीप सिंह राघव और राजेश, दो ओटी टेक्नीशियन जो गाजियाबाद से गिरफ्तार किए गए थे, शुक्रवार को जेल भेजे गए। दोनों ने पुलिस की पूछताछ में कई महत्वपूर्ण बातें बताईं। पुलिस की जांच में पता चला कि आरोपी ओटी टेक्नीशियन मुदस्सर अली सिद्दीकी उत्तम नगर, दिल्ली का निवासी है। उसके घर पर दबिश दी गई, लेकिन वह पहले से ही भाग गया था।
ओटी टेक्नीशियन ने ट्रांसप्लांट किया गया जानें
Alli जिस मेडिकल हॉस्पिटल में काम करता था उस हॉस्पिटल के तीनों मालिकों को भी पकड़ लिया गया है। इस मामले में मेरठ के तीन चिकित्सकों के नाम भी सामने आए हैं। इनमें से प्रत्येक ने किडनी ट्रांसप्लांट से जुड़े डोनरों और मरीजों को खोजने का काम किया। कुलदीप और राजेश, जो जेल में बंद हैं, ने पुलिस को बताया कि दिल्ली में रहने वाले मुदस्सर अली सिद्दकी ने आयुष की किडनी निकाली और फिर पारुल तोमर को दी गई। यदि अली सिद्दकी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया तो कई और महत्वपूर्ण नाम भी सामने आ सकते हैं।
परिवार के दद्वारा दी गई सफाई
मुदस्सर अली सिद्दकी के घर पर पुलिस ने छापा मारा, लेकिन अली वहाँ नहीं था। लेकिन उसकी पत्नी, बेटी और परिवार के अन्य लोगों से मुलाकात हुई। मेरे पति ओटी स्टॉफ अस्पताल में हैं, पत्नी ने बताया। वह कोई चिकित्सक या न्यूरोलोजिस्ट नहीं हैं। किडनी ट्रांसप्लांट के लिए ओटी टेक्नीशियन की क्षमता पुलिस की जांच से पता चला कि अली दिसंबर 2025 में मेडीलाइफ हॉस्पिटल में किडनी ट्रांसप्लांट कर चुका है। औरैया के मेडीलाइफ हॉस्पिटल के डॉ. नरेंद्र, कन्नौज के डॉ. रोहन और डॉ. संदीप उनके पार्टनर हैं।