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आतंकी ‘डेविल’ का गिरोह, पंफलेट चस्पा करने के बहाने रेकी कर रहा था, पाकिस्तान से सिग्नल ऐप के माध्यम से संपर्क था

UP ATS operation: यूपी एटीएस ने लखनऊ में चार शक्की आतंकियों को पकड़ लिया, जिनमें मेरठ का साकिब उर्फ डेविल गिरोह का मास्टरमाइंड था। ATS ने 24 पंफलेट और 7 मोबाइल बरामद किए।

नोएडा/लखनऊ: यूपी एंटी टेरेरिज्म स्क्वॉड (ATS) ने लखनऊ से चार शक्की आतंकियों को पकड़ लिया। इनमें से चार गौतमबुद्ध और दो मेरठ में रहते हैं। आरोपियों ने गूगल पर लोकेशन भेजकर प्रसिद्ध संस्थानों और वाहनों की रेकी की, साथ ही मास्टरमाइंड को वीडियो भेजकर पाकिस्तान में बैठे आतंकियों से धन का सौदा किया।

डिजिटल कम्युनिकेशन के माध्यम से ही: सिग्नल और टेलीग्राम

ATIS ने कहा कि आरोपियों ने आतंकियों से बातचीत करने के लिए सिग्नल ऐप का उपयोग किया, जिससे उनकी बातचीत को ट्रैक करना मुश्किल हो गया था। साथ ही मोबाइल फोन से इंस्टाग्राम और टेलीग्राम पर पाकिस्तानी कट्टरपंथी समूहों से जुड़े होने के संकेत भी मिले। मोबाइल डेटा ने अफगानिस्तान के कई संदिग्ध नंबरों से बातचीत भी दिखाई दी।

मास्टरमाइंड साकिब, जिसे डेविल भी कहते हैं

मेरठ का रहने वाला साकिब उर्फ डेविल इस पूरे नेटवर्क का मास्टरमाइंड है। सोशल मीडिया के माध्यम से उसने लोकेश उर्फ पपला पंडित को नेटवर्क में लाया। साकिब ने लोकेश को प्रतिष्ठित संस्थानों की रेकी, फोटो और आगजनी के वीडियो भेजने के लिए पैसे देने का लालच दिया। लोकेश पैसे के लालच में इस नेटवर्क में आ गया। बाद में उसने अपने दोस्त विकास, यानी रौनक, को भी इसमें शामिल किया। दोनों ने गूगल स्थानों के आधार पर अलग-अलग जगहों की रेकी की।

आरोपियों का परिचय क्या जाने

लोकेश, भी कहा जाता है पपला पंडित: रामविहार कॉलोनी में रहता है लोकेश छपरौला। वह पैसे के लिए कुछ भी करने को तैयार था, क्योंकि वह नशे की आदत रखता था। परिवार ने बताया कि 28 मार्च को पुलिस ने फोन करके उसे चौकी में बुलाया और फिर उसे घर नहीं आने दिया। लखनऊ जाकर कोर्ट में मिलने के लिए परिवार के पास पर्याप्त धन नहीं था।

विकास, उर्फ रौनक: विकास मूलतः बुलंदशहर के शिकारपुर का निवासी है। पिछले 10 से 15 साल से हरियाणा में रह रहा है और पिछले दो साल से छपरौला में रह रहा है। उसके परिवार का कोई आपराधिक रिकॉर्ड कोतवाली में नहीं है। विकास का परिवार रंगाई-पुताई करता है।

विकास गांव में एक घर पर ताला लगा हुआ है। पकड़े जाने पर गांव और परिवार हैरान हैं। विकास और उसके पिता के खिलाफ कोई आपराधिक केस नहीं दर्ज है, कोतवाली प्रभारी ने बताया।

गिरफ्तारी और बरामद किया गया सामग्री

चारों आरोपियों से ATS ने सात मोबाइल फोन, चौबीस पंफलेट, आधार कार्ड और ज्वलनशील पदार्थ बरामद किए। मोबाइल फोनों से वीडियो बनाने और आतंकियों से टेलीग्राम पर बातचीत करने के सबूत मिले। आरोपियों ने कहा कि पैफ्लेट चस्पा करने के बहाने प्रसिद्ध संस्थानों और वाहनों की रेकी की गई थी। ATIS ने स्थानीय पुलिस को सूचना दी है ताकि ये पैफ्लेट कहां चस्पा किए गए हैं।

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