Adhir Ranjan Choudhury: पश्चिम बंगाल में कांग्रेस के प्रमुख नेता अधीर रंजन चौधरी ने बहरामपुर से नामांकन दाखिल किया है। चौधरी ने लंबे समय से केंद्र में राजनीति की है। तीस वर्षों में वह राज्य की राजनीति में फिर से शामिल हो गए हैं। नामांकन पत्र में अधीर रंजन चौधरी ने अपनी संपत्ति की जानकारी दी है।
कोलकाता: कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में नामांकन दिया है। उन्हें चुनाव आयोग को भेजे गए हलफनामे में बताया गया कि उनके पास लगभग 95 हजार रुपये कैश और 22 लाख रुपये की कीमत की गाड़ियां हैं। अपने एफिडेविट में अधीर रंजन चौधरी ने बताया कि उनके पास 94,500 रुपये नकद हैं, जबकि उनकी पत्नी के पास 7,25,000 रुपये नकद है। अधीर रंजन चौधरी के दो बैंक खातों में 21816.48 रुपये और 2026.09 रुपये जमा हैं। इसके अलावा, दिल्ली पार्लियामेंट हाउस ब्रांच के खाते में 6,18,769.73 रुपये जमा हैं। यही कारण है कि उनके बैंक अकाउंट में लगभग 6.42 लाख रुपये जमा हैं।

अधीर बाबू की संपत्ति की संख्या आख़िर कितनी हैं
नामांकन पत्र में अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि उनके पास 22 लाख रुपये की कीमत की गाड़ियां हैं। 27 लाख रुपये से ज़्यादा की ज्वेलरी है। उनके पास 48 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति है, जबकि उनकी पत्नी 6 करोड़ रुपये की अचल संपत्ति है। लोकसभा में अधीर रंजन चौधरी नेता प्रतिपक्ष रह चुके हैं। 2024 के लोकसभा चुनाव में उन्हें हार मिली। उन्हें कांग्रेस ने बहरामपुर विधानसभा सीट से पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में उतारा है। 2021 के चुनाव में बीजेपी ने इस सीट को जीता था। TMC ने नारू गोपाल मुखर्जी को चुनौती दी है।यही कारण है कि बीजेपी ने वर्तमान विधायक सुब्रता मैत्रा का टिकट सुरक्षित रखा है। बहरामपुर में पहले चरण में मतदान जारी है। 23 अप्रैल को इस स्थान पर मतदान होगा।
अधीर रंजन चौधरी की यात्रा लंबी है
- अधीर रंजन चौधरी ने तीस वर्षों के बाद राज्य की राजनीति में वापस आ गया है।
- 17वीं लोकसभा (2019–2024) में कांग्रेस संसदीय दल का नेतृत्व किया था।
- वह लगातार पांच बार चौधरी बहरामपुर लोकसभा सीट से सांसद रहे हैं।
- युसूफ पठान को 2024 के लोकसभा चुनाव में पराजित कर दिया गया।
- उसने पश्चिम बंगाल प्रदेश कांग्रेस कमेटी का भी अध्यक्ष पद भी संभाला था।
वह भी पश्चिम बंगाल प्रदेश कांग्रेस कमेटी का अध्यक्ष था।
अधीर रंजन चौधरी के खिलाफ चार एफआईआर बेरहमपुर पुलिस स्टेशन में दर्ज हैं और एक हरिशचंद्रपुर पुलिस स्टेशन में दर्ज है। उन्हें दंगा कराना, हथियारों से दंगा कराना, अवैध सभा करना, सार्वजनिक मार्ग में बाधा डालना, आपत्तिजनक शब्दों का उपयोग करना, आपराधिक धमकी देना, मुर्शिदाबाद के लर्नेड चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट और मुर्शिदाबाद के प्रथम अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायालय में दर्ज पांच मामलों की सुनवाई कोर्ट में चल रही है।