5 करोड़ की रंगदारी मांगने वाला शार्प शूटर  मोंटी में हुआ एनकाउंटर में मार डाला गया, 50 हजार का इनाम रखा गया, 36 अलग,अलग केसों में था वांछित

हमले में कट्टर हथियार धारक Monty का हत्या कर दिया गया: 50 हजार का इनामी कुख्यात अपराधी आशु उर्फ मोंटी, मुरादाबाद पुलिस और मेरठ एसटीएफ की संयुक्त कार्रवाई में मार डाला गया

मेरठ/मुरादाबाद निवासी रामबाबू मित्तल: उत्तर प्रदेश पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) और मुरादाबाद पुलिस ने एक मुठभेड़ में 50 हजार रुपये का इनामी कुख्यात अपराधी आशु उर्फ मोंटी को मार डाला। पुलिस ने बताया कि वह मुठभेड़ में घायल हो गया था और अस्पताल में इलाज के दौरान मर गया था।

मुठभेड़ के दौरान पुलिस पर फायरिंग की

मेरठ एसटीएफ अधिकारियों ने बताया कि मुरादाबाद में आशु उर्फ मोंटी किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की फिराक में है, मुखबिर से सूचना मिली थी। स्थानीय पुलिस के साथ मिलकर एसटीएफ ने सिविल लाइन थाना क्षेत्र को घेर लिया।

मोंटी ने पुलिस टीम को घिरता देख कर पुलिस पर फायरिंग शुरु कर दी। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में उसने गोली मार दी। उसे तुरंत निकटस्थ अस्पताल ले जाया गया, जहां वह इलाज के दौरान मर गया।

हजारों का था इनाम, 36 मामलों से था संबंध

पुलिस ने बताया कि आशु उर्फ मोंटी हापुड़ के हाफिजपुर थाना क्षेत्र के मीरापुर कला गांव का निवासी था। वह एक शार्प शूटर था और कुख्यात उधम सिंह गैंग में सक्रिय था।

उन पर हत्या का आरोप , हत्या के प्रयास, डकैती, लूट और आर्म्स एक्ट सहित 36 संगीन मुकदमे दर्ज किए गए हैं। मेरठ, गाजियाबाद, हापुड़, बुलंदशहर और मुरादाबाद में पुलिस उसे खोज रही थी। उनके संबंध मे जनकारी देने वाले को  50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था।

5 करोड़ की रंगदारी का मामला भी सामने मे आया गया जानें

पुलिस ने कहा कि वह एक व्यवसायी से 5 करोड़ रुपये की रंगदारी मांगने और जानलेवा हमले के मामले में भी वांछित चल रहा था। उसकी गिरफ्तारी के लिए निरंतर छापेमारी की जा रही थी।

हथियार और कार मौके पर बरामद कर लिया गया

मुठभेड़ होने के बाद पुलिस ने स्थान पर स्विफ्ट कार,.32 बोर की फैक्ट्री मेड पिस्टल, रिवॉल्वर, 12 बोर की बंदूक और भारी मात्रा में जिंदा कारतूस बरामद कर लिया गया

2010 में अपराध क्षेत्र में कदम रखने का काम किया

STF के एक अधिकारी ने बताया कि 2010 में आशु ने हत्या के एक मामले में जेल जाने के बाद अपराध की दुनिया में प्रवेश किया था। जेल में उधम सिंह गैंग से मिलने के बाद वह उसके लिए काम करने लगा।

उसने अपराध को धीरे-धीरे अपना पेशा बना लिया गया और साथ ही कई संगीन वारदातों में शामिल हो भी गया।

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