कांग्रेस ने कांशीराम जयंती को सामाजिक परिवर्तन दिवस के रूप में मनाया है। 13 मार्च से इसकी शुरुआत होगी। राहुल गांधी लखनऊ जाने वाले हैं।
लखनऊ: कांग्रेस की सामाजिक और राजनीतिक रणनीति का महत्वपूर्ण संकेत कांशीराम जयंती से ठीक पहले राहुल गांधी का लखनऊ दौरा है। वह शुक्रवार को इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान के जुपीटर हॉल में दलित विद्वानों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और बुद्धिजीवियों से एक सम्मेलन में भाग लेंगे।

कांग्रेस इस कार्यक्रम को ‘सामाजिक परिवर्तन दिवस’ के रूप में मनाती है। संवाद का ध्यान संविधान की रक्षा, सामाजिक न्याय और दलितों, पिछड़ों, आदिवासियों, युवाओं और महिलाओं के अधिकारों पर रहेगा। इसे यूपी में कांग्रेस के कमजोर पड़े सामाजिक आधार, खासकर दलित और पिछड़े वर्गों को फिर से जीतने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।
11 मार्च का दौरा रायबरेली में टल गया
राजनीति और दलित चेतना के बड़े प्रतीक हैं, इसलिए 15 मार्च को उनकी कांशीराम जयंती से पहले यह कार्यक्रम महत्वपूर्ण है। 11 मार्च को रायबरेली दौरा टलने के बावजूद, कांग्रेस मिशन-2027 में उत्तर प्रदेश पर विशेष ध्यान देने का संकेत लखनऊ कार्यक्रम से मिलता है।
कांग्रेस को कई चुनौतियां सामने हैं
कांग्रेस को कई चुनौतियां सामने हैं। बसपा आज भी दलित राजनीति पर काफी प्रभावशाली है, खासकर जाटव समुदाय में उसका भावनात्मक संबंध मजबूत है। दूसरी ओर, बीजेपी ने पिछले दशक में दलितों का संगठन मजबूत किया है और उनका समर्थन सरकारी कार्यक्रमों के माध्यम से बढ़ा दिया है। कांग्रेस को इस वोट बैंक में अपनी जगह बनाना मुश्किल है। समाजवादी पार्टी भी काम करती है।
पूरे उत्तर प्रदेश में 375 न्याय युद्ध नियुक्त करने की योजना
कांग्रेस, दूसरी ओर, विधानसभा चुनाव की तैयारी कर रही है। इसके लिए प्रदेश में 375 न्याय योद्धा हैं। ये योद्धा अलग-अलग जगहों पर होने वाली घटनाओं की जिम्मेदारी लेंगे। मुकदमा लड़ने में असमर्थ व्यक्तियों को हर स्तर पर सहायता दी जाएगी। कांग्रेस विधि विभाग न्याय योद्धा नियुक्त कने की देखभाल करेगा।
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