दरभंगा में डॉप्लर रडार क्या है जो लगाने का किया जा रहा? जिनके चलते मधुबनी-समस्तीपुर सहित बिहार के दस से अधिक जिलों को फायदा मिलेगा पूरा पढ़िए

दरभंगा Doppler Radar: केंद्रीय सरकार लगभग 340 करोड़ रुपये की लागत से 14 डॉप्लर रडार लगाया जाएगा। डॉप्लर रडार दरभंगा में ही लगने वाला हैं। आइए जानते हैं डॉप्लर रडार किस तरह से काम करता हैं

नई दिल्ली: भारतीय मौसम विज्ञान विभाग देश भर में मौसम की निगरानी करने के लिए नए डॉप्लर वेदर रडार लगाने जा रहा है। इस योजना के लिए बिहार से केवल दरभंगा जिला चुना गया है। इस योजना पर केंद्र सरकार लगभग 340 करोड़ रुपये खर्च करेगी। इस 340 करोड़ रुपये से देश भर में 14 डॉप्लर रडार लगाए जाएंगे। डॉप्लर रडार बिहार के दरभंगा में लगने से उत्तर बिहार के जिलों के लोगों को मौसम की सटीक जानकारी मिलेगी। आइए डॉप्लर रडार क्या है और इसका काम कैसे होता है।

डॉप्लर रडार क्या चीज हैं, इनके बारे में जानें

डॉप्लर रडार एक विशेष प्रकार का रडार है जो हवा और वर्षा की गति को मापता है। ये रडार सिस्टम मौसम की स्थिति को देखने में बहुत अच्छे हैं।

डॉप्लर रडार अपना काम किस तरह से करता हैं

अधिकारियों ने बताया कि डॉप्लर रडार में C-बैंड और X-बैंड उन्नत हैं। ये रडार सिस्टम 250 से 400 किलोमीटर की दूरी पर मौसम को देखा जा सकता हैं। एक बार शुरू होने के बाद, यह दरभंगा, मधुबनी, समस्तीपुर, सीतामढ़ी और सहरसा सहित मिथिला और कोसी क्षेत्रों के लिए समय पर और सटीक अपडेट प्रदान किया जाएगा। दरभंगा, मधुबनी, समस्तीपुर, सहरसा, सुपौल, मधेपुरा, पूर्णिया, अररिया, कटिहार और किशनगंज जिले मिथिला क्षेत्र में आते हैं। जबकि सहरसा, सुपौल और मधेपुरा कोसी प्रदेश के अंतर्गत आते हैं।

प्राकृतिक आपदाओं से बचाव में सहयोग की उम्मीद को देखा जा सकता हैं

वर्तमान व्यवस्था से भारी बारिश, चक्रवात, ओलावृष्टि और वज्रपात के आने से पहले उनके बारे में जानकारी देने में काफी सरल हो सकेगा । इस तरह कि तकनीक विशेष तौर पर मानसून में संपत्ति और जीवन के नुकसान कम हानि हो इसी उद्देश्य के चलते महत्वपूर्ण भूमिका अदा करेगी। विशेषज्ञों का कहना है कि बेहतर पूर्वानुमान क्षमता से आपदा प्रबंधन और किसानों को समय रहते तैयारी करने का अवसर मिलेगा, जिससे आर्थिक नुकसान मे कमी आयेगी

सांसद गोपालजी ठाकुर ने आभार व्यक्त किया

जब दरभंगा को इस महत्वपूर्ण परियोजना के लिए चुना गया, स्थानीय सांसद और लोकसभा में भाजपा के सचेतक डॉ. गोपालजी ठाकुर ने दिल्ली में केंद्रीय पृथ्वी विज्ञान मंत्री जितेंद्र सिंह से मुलाकात की। उन्होंने इस फैसले के लिए केंद्रीय सरकार का आभार व्यक्त किया और मंत्री जी को मिथिला की पारंपरिक पाग, चादर और मखाने की माला पहनाकर सम्मानित किया। सांसद ने इसे मिथिला क्षेत्र की वृद्धि में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।

डॉ. गोपालजी ठाकुर ने एक ट्वीट करते हुए कहा, ‘दरभंगा विकसित पथ पर अग्रसर है। भारत सरकार के पृथ्वी एवं विज्ञान मंत्रालय (IMD) ने देश के यशस्वी प्रधानमंत्री आदरणीय श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में 14 C-Band और 18 X-Band मौसम निगरानी रडार लगाने का फैसला किया है. इसके अंतर्गत दरभंगा में भी एक C-Band डाप्लर मौसम रडार लगाया जाएगा। आज मैंने पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के माननीय मंत्री जितेंद्र सिंह जी से मुलाकात की और उन्हें मिथिला परंपरा के अनुसार पाग, चादर और मखान की माला से सम्मानित किया, जो एक महत्वपूर्ण योजना की घोषणा है। माननीय प्रधानमंत्री जी और माननीय मंत्री जी, आपका दिल से धन्यवाद।’

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