आगरा में हुआ पुलिस एनकाउंटर: पहले 8 साल कि  बच्ची का हत्या करके उन्हे कनस्तर में डालने वाला आरोपी ढेर किया, जो बतायेगा उन पर 25 हजार रुपये का इनाम रखा गया था पढ़िए

Agra पुलिस टकराव की खबर: शनिवार सुबह आगरा पुलिस ने आठ साल की बच्ची की हत्या करने के आरोपी को एनकाउंटर में मार डाला। आरोपी पुलिस की जवाबी फायरिंग में मुजरिम का हुआ अंत

Agra: उत्तर प्रदेश के आगरा में पुलिस ने एक आरोपी को आठ साल की बच्ची की हत्या के मामले में मार डाला है। शनिवार तड़के बच्ची की हत्या का। दरअसल, आरोपी को गिरफ्तार करने के लिए पुलिस ने घेराबंदी की थी। आरोपी ने पुलिस बल को देखते ही गोली चलाई। इसी दौरान दरोगा को गोली मार दी गई। पुलिस ने फिर फायरिंग की। आरोपी सुनील को गोली मार दी गई, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। पुलिस ने उसे अस्पताल भेजा। वहां डॉक्टरों ने उसे मर चुका बताया।

किस तरह कि घटना थी पढ़िए

24 मार्च को, 29 वर्षीय सुनील ने एक जूता कारोबारी की बच्ची का गला काटकर हत्या । इसके बाद शव को आटे के कनस्तर में डाला गया। शव लगभग ३० घंटे बाद पुलिस ने बरामद किया था। तब से वह भाग गया था। पुलिस ने उसे बीस हजार रुपये का इनाम दिया था। सुनील जूता एक कारोबारी के घर में किराएदार रहता था। मामले में सामने आया है कि मकान मालिक से बदला लेने की इच्छा से उसने मासूम बच्ची को मार डाला। बाद में पुलिस ने आटे के कनस्तर से बच्ची की लाश उसके कमरे से निकाली।

पुलिस ने क्या जानकारी में बताया गया जानिए

आगरा पुलिस ने आठ साल की बच्ची की हत्या करने वाले आरोपी किराएदार सुनील को पकड़ने हेतू एक प्लान बनाकर उनके खिलाफ़ जाल बिछाया गया। पुलिस सूचना पर शनिवार भोर करीब 3 बजे घेराबंदी की गई थी। इसी समय सुनील के द्वारा गोली दागने लगा जिसमे एक दरोगा घायल हुआ। इसके बाद उनको जवाब दिया गया, शुक्रवार रात डीसीपी सिटी सैयद अली अब्बास ने कहा कि मुखबिर से सूचना मिली कि हत्यारा फिरोजाबाद छोड़ने की फिराक में है। इस सूचना पर घेराबंदी लगाई गई थीं

डीसीपी सिटी ने कहा कि आरोपी ने बमरौली कटारा के पास पुलिस को देखते ही गोली चलाई थी। वह भागने का प्रयत्न कर रहा था। दरोगा को गोली लगी। फिर पुलिस ने इसके बाद आरोपी पर गोली चलाया गया जिनसे उन्हें गोली लग गई। घायल आरोपी को एन मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, जहां उसे डॉक्टरों ने मर चुका बताया।

थप्पड़ मारने की शिकायत मिला

पुलिस जांच में पता चला कि आरोपी को आठ दिन पहले बच्ची के चाचा ने बकाया किराया लेने पर थप्पड़ मारा था। इसके बाद कमरे को बंद कर दिया गया। यह सुनील को नागवार गुजरी। किराया देने के बाद देख लेने की धमकी दी थी। बाद में उसने 8 साल की बच्ची को बदला लेने के लिए मार डाला। वास्तव में, सिद्धार्थ नगर गोबर चौकी में रहने वाले जूता कारोबारी की बच्ची घर के बाहर खेल रही थी। उनके क्षेत्र में दो घर हैं। उनकी पत्नी और दो बेटियाँ एक घर में रहती हैं। सामने वाले मकान का ग्राउंड फ्लोर एक फैक्ट्री और गोदाम है।

कोविड के दौरान बेचा गया घर को

इस घर में किराए पर एक कमरा है। इसमें आरोपी कलाकार सुनील था। सुनील का पूरा परिवार मोहल्ले में रहता था। उसने कोविड के दौरान 25 लाख रुपये में अपना घर बेच दिया था। इसके बाद वे किराये पर रहते थे। सुनील के माता-पिता हमारे यहां करीब एक साल पहले किराए पर आए थे। सुनील उनके साथ तब नहीं था। किंतु सुनील पिछले कुछ समय से यहां आकर रहने लगा था। किराया दो हजार दो सौ रुपए था।

कारोबारी ने बताया कि मंगलवार दोपहर दो बजे शहर के कुछ बच्चे पहुंचे। बड़ी बेटी उन्हें खेलने ले गई। वह काफी देर तक नहीं दिखाई दी, इसलिए मैंने सोचा कि वह ट्यूशन पढ़ने में व्यस्त हो गई होगी। वह शाम के चार बजे तक वापस नहीं आई तो उसकी मां चिंतित हो गई। फिर हम लोग खोजने लगे। शिक्षक से संपर्क कर पूछा। उनका कहना था कि बेटी आज नहीं आई थी। इसके बाद पुलिस को पता चला।

पुलिस ने चार टीमें बनाकर जाँच शुरू की। बच्ची की खोज में सुनील कारोबारी के साथ रहा। पुलिस में भी शिकायत दर्ज कराई गई। जब पुलिस ने जांच शुरू की और सीसीटीवी की जांच की, तो संदेह बढ़ा। दोपहर दो बजे, बच्ची गली के बाहर एक दुकान पर चिप्स का एक पैकेट लेती हुई दिखाई दी। बाद में वह वहाँ से वापस जाती दिखी। सुनील पर शक बढ़ गया जब सीसीटीवी जांच की गई। बाद में वह गायब हो गया। इसके बाद शव को पुलिस ने घर की तलाशी में पकड़ा गया।

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