शुभ खबर: गुजरात में प्रधानमंत्री मोदी के प्रयासों के चलते बेटियों का ड्रॉपआउट कम हुआ, CM ने 354 करोड़ रुपये छात्रों को दिए

Gujarat सरकार की खबरें: गांधीनगर स्थित विद्या समीक्षा केन्द्र में शुक्रवार को गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने विभिन्न योजनाओं के तहत राज्य के विद्यार्थियों को स्कॉलरशिप की बड़ी सौगात दी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों से राज्य में बेटियों की ड्रॉप आउट दर लगातार घट रही है। उनका पूरा श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को था।

अहमदाबाद: 2001 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के द्वारा शुरु किया गया योजना पर आगे बढ़ते हुए गुजरात ने बड़ा कमाल करके दिखाया गया।राज्य में बेटियों का ड्रॉप आउट रेशियो सिर्फ 2% रह गई। शुक्रवार को राज्य के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने इस तरह के अच्छी खबर दी गई। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री के साहसिक प्रयासों से आज राज्य में बेटियों का ड्रॉपआउट रेशियो घटकर केवल दो प्रतिशत पर पहुंचा। मुख्यमंत्री ने गांधीनगर स्थित विद्या समीक्षा केन्द्र में एसएसआईपी 2.0, नमो लक्ष्मी, नमो सरस्वती विज्ञान साधना, मुख्यमंत्री ज्ञान साधना मैरिट और मुख्यमंत्री ज्ञानसेतु मैरिट स्कॉलरशिप योजनाओं के लगभग 13.96 लाख से अधिक विद्यार्थियों के खाते में प्रत्यक्ष लाभांतरण (डीबीटी) के माध्यम से 354 करोड़ रुपये की छात्रवृत्ति दी।

अब 1871.78 करोड़ रुपये की मदद

मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल की प्रेरणा से नमो लक्ष्मी तथा नमो सरस्वती विज्ञान साधना योजना शुरू की गई हैं, जो राज्य में कन्याओं की उच्च शिक्षा का प्रमाण बढ़ाने और विज्ञान संकाय के प्रति बेटियों का झुकाव बढ़ाने के लिए बनाई गई हैं। इन योजनाओं से अब तक राज्य सरकार ने 27.61 लाख विद्यार्थियों को 1871.78 करोड़ रुपये की सहायता दी है। गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी ने कन्या केलवणी योजना की शुरुआत की, जो बेटियों को शिक्षित करने में मदद करेगी। मुख्यमंत्री रहते हुए उन्होंने खुद इस योजना को नियंत्रित किया था। राज्य स्कूलों में बेटियों की संख्या इसके बाद ही बढ़ी। पूरे राज्य में बेटियों की शिक्षा का गौरव था।हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुरू की गई कन्या केलवणी योजना के माध्यम से बेटियों को डॉक्टर बनने का सपना भी पूरा हुआ है।

प्रधानमंत्री मोदी के सपनों पर चल रहा गुजरात

गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने कहा कि राज्य सरकार दृढ़ता से गुजरात के सपूत प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के “शिक्षित राष्ट्र” के विजन को साकार करने के लिए काम कर रही है। शिक्षा क्षेत्र में भी पिछले एक दशक में प्रधानमंत्री के नेतृत्व में आमूल परिवर्तन हुआ है। उनका कहना था कि नमो लक्ष्मी तथा नमो सरस्वती विज्ञान साधना जैसे महत्वपूर्ण कार्यक्रमों को इस दिशा में लागू किया गया है। इन योजनाओं के सफल कार्यान्वयन से स्कूलों में छात्राओं की संख्या में 6-7 प्रतिशत की बड़ी वृद्धि हुई है।मुख्यमंत्री ने कहा कि गुजरात लगातार पांच साल से स्टार्टअप रैंकिंग में पहले स्थान पर रहा हैं। साथ ही, एसएसआईपी 2.0 के तहत विद्यार्थियों को इनोवेटिव कामों के लिए प्रोत्साहन सहायता के चेक भी दिए गए। 735 युवा विद्यार्थियों को कुल 69.69 लाख रुपये दिए गए हैं।

सोशल मीडिया का कम से कम उपयोग करें

मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों को वरिष्ठ-ज्येष्ठ की तरह प्यार से प्रेरित करते हुए कहा कि वे सोशल मीडिया का कम समय प्रयोग करें और अपने अध्ययन पर अधिक ध्यान दें। बच्चों को ऐसा व्यवहार करना चाहिए। मुख्यमंत्री ने राज्य के 13 लाख से अधिक विद्यार्थियों को विभिन्न योजनाओं के तहत 354 करोड़ रुपये से अधिक की सहायता राशि प्रत्यक्ष लाभांतरण (डीबीटी) के माध्यम से दी, जो शिक्षा मंत्री डॉ. प्रद्युमन वाजा की उपस्थिति में हुई थी।

शिक्षा मंत्री ने कहा कि मिशन स्कूल ऑफ एक्सीलेंस के माध्यम से लाखों विद्यार्थियों की पढ़ाई और जीवन में गुणात्मक बदलाव आ रहा है. ये योजनाएं सकारात्मक और परिणामोन्मुखी हैं। शिक्षा की गुणवत्ता बरकरार रहेगी, उन्होंने जोड़ा। गत वर्ष, राज्य के प्राथमिक स्कूलों में 12708 शिक्षकों और माध्यमिक स्कूलों में 9400 शिक्षकों की मेगा भर्ती की गई थी।

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