LPG संकट काल के समय पर देवकीनंद ठाकुर ने सतयुग का जीकर किया, साथ में यह भी कहा अब गैस की रोती के चलते पुरुषों में दम कहा

Devkinandan Thakur के बारे में LPG सिलेंडर: एलपीजी गैस संकट पर कथावाचक देवकीनंदन ठाकुर ने एक महत्वपूर्ण बयान दिया है। साथ ही, उन्होंने ईरान युद्ध के बारे में भी कुछ कहा है।

मथुरा: उत्तर प्रदेश के कई जिलों में गैस सिलेंडर खराब हो गए हैं। ईरान युद्ध के दौरान क्षेत्र में गैस संकट लगातार बढ़ता जा रहा है। इसके बारे में अब राजनेताओं, धर्मगुरुओं और कथावाचकों ने भी कहा है। महान कथावाचक देवकीनंदन ठाकुर ने एक महत्वपूर्ण घोषणा की है। उन्होंने बताया कि गैस सिलेंडर को नुकसान हो रहा है। जब तक युद्ध चल रहा है, ऐसा लगता है कि हम दो-तीन साल में सतयुग में आ जाएंगे। कथावाचक ने गैस पर बनी रोटी खाने से पुरुषों में दम नहीं रहने का भी उल्लेख किया है।

कहानी के दौरान दिया गया बयान

देवकीनंदन ठाकुर ने कहानी बताई है। यह एलपीजी संकट का उल्लेख करता है। देवकीनंदन ठाकुर कहते हैं कि प्रदेश, देश और दुनिया में गैस सिलेंडर की मारामारी अलग संकेत दे रही है। हमें लगता है कि अगर यह दो या तीन वर्षों तक जारी रहता है, तो हम वापस सतयुग में आ जाएंगे। रोटी बनाना शुरू करना चाहिए।

चूल्हे की रोटी का वकालत किया

कथावाचक ने कहा कि माताओं, चूल्हे की रोटी से जीवन बेहतर था। धुआं एकमात्र समस्या था। लेकिन गैस रोटी से कितनी बीमारियां हो रही हैं? उनका कहना था कि आप एक डॉक्टर से मिलकर इसका चेकअप करा लें। गैस पर बनी रोटियां खाने से आजकल आपके घर के पुरुषों में वह दम नहीं रहा, उन्होंने कहा।

देवकीनंदन महाराज ने कहा कि गैस पर बनी रोटी खाने से जैसे गैस फूल जाती है, वैसे आज का आदमी भी फूल जाता है। हम झूठ नहीं कहते हैं। यह सही है। चूल्हे की रोटी में कोई खराब बात नहीं है। गैस रोटी में दुर्गुण होगा ही।

ईरान युद्ध पर बड़ा बयान दिया गया

कथा के दौरान देवकीनंदन ठाकुर ने ईरान युद्ध पर भी बड़ा बयान दिया गया। खाड़ी संकट पर, बिना नाम बताए, उन्होंने कहा कि हमें लगता है कि प्रकृति खेल रही है। जब गैस भंडारों में आग लग जाएगी तो गैस कहां से आएगी? उनका कहना था कि हमें फिर से चूल्हे पर आना ही होगा

कथावाचक ने कहा कि चूल्हे पर लौटने के बाद सरसों की लकड़ियों का मूल्य बढ़ जाएगा। कंडे का मूल्य बढ़ जाएगा। हम घर से गौमाताओं को बाहर निकाल देते हैं। ऐसे समय में हम कहेंगे, हे माता, गोबर करो। हम कहेंगे, मां, कंडा आने दो। यह सब संभव है।

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