31 मार्च को, कर्नाटक के सामाजिक कल्याण विभाग में 60 वर्षीय सहायक निदेशक का रिटायरमेंट हुआ। रिटायरमेंट से कुछ ही दिन पहले, उन्होंने आत्महत्या कर ली। तुमकुरु जिले के पावागड़ा में स्थित उसके कार्यालय में उसे फांसी पर लटके पाया गया था। मरने से पहले वे एक वीडियो बनाए।
तुमकुरू: कर्नाटक में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक सरकारी अधिकारी ने अपने ही कार्यालय में सेवानिवृत्ति से ठीक एक सप्ताह पहले आत्महत्या कर ली। प्रशासनिक क्षेत्र इस घटना से परेशान है। मृतक का नाम मल्लिकार्जुन था, जो सामाजिक कल्याण विभाग में सहायक निदेशक थे। वह पिछले तीन वर्षों से इस विभाग में काम कर रहे थे और पवगड़ा शहर के निकट गुंडारलाहल्ली गांव से थे। प्राप्त जानकारी के अनुसार, उनकी रिटायरमेंट में बस एक हफ्ता बाकी था।

पुलिस ने कहा कि मल्लिकार्जुन ने आत्महत्या से पहले एक वीडियो बनाया, जिसमें उन्होंने अपने वरिष्ठ अधिकारी पर गंभीर उत्पीड़न के आरोप लगाए। बताया जा रहा है कि उन्होंने बुधवार को अपने कार्यालय में पवगड़ा में यह वीडियो अपने कर्मचारियों को भेजा।
वीडियो में जो आरोप लगाए गए हैं
वीडियो में मल्लिकार्जुन ने संयुक्त निदेशक कृष्णप्पा पर मानसिक शोषण का आरोप लगाया। उनका कहना था कि मेरी मां, पत्नी और बच्चों ने मुझे गर्व महसूस कराया और हमेशा मेरा साथ दिया। मैं उनके लिए बहुत कुछ करना था, लेकिन नहीं कर पा रहा हूँ। मैं और कुछ करना चाहता था, लेकिन अब ऐसा नहीं हो सकता। यह सब संयुक्त निदेशक कृष्णप्पा का शोषण है। उन्होंने कहा कि कानून और भगवान कृष्णप्पा को सजा देंगे। मेरे परिवार को बदला लेने की कोई जरूरत नहीं है।
पिता भी इसी तरह मर गया था
पवगड़ा पुलिस ने घटना की सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है। शुरूआती जांच में हैरान करने वाली बात यह है कि मल्लिकार्जुन के पिता भी इसी विभाग में थे और रिटायरमेंट से कुछ महीने पहले मर गए थे। पिता की मौत के बाद मल्लिकार्जुन को अनुकंपा के आधार पर नौकरी मिली थी, और अब रिटायरमेंट से ठीक पहले उनकी भी मौत हो गया हैं
ऐसा ही एक मामला शिवमोग्गा में भी सामने आया था
पुलिस मामले के हर पक्ष की गहन जांच कर रही है। इससे पहले, कर्नाटक के शिवमोग्गा में 48 वर्षीय अकाउंट्स सुपरिंटेंडेंट चंद्रशेखरन पी ने 26 मई 2024 को आत्महत्या कर ली थी। उनके पास से मिले छह पन्नों के सुसाइड नोट में सहकर्मियों पर अवैध खातों में धन भेजने का दबाव बनाने का आरोप लगाया गया था।